नई दिल्ली/रविवार, 26 जुलाई 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की परीक्षा सुधार प्रक्रिया को नई दिशा देने की घोषणा करते हुए कहा है कि भारत की परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, विश्वसनीय और तकनीक आधारित बनाने के लिए एक हाई पावर टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा। इस टास्क फोर्स की अध्यक्षता इन्फोसिस के सह-संस्थापक और प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ नंदन नीलेकणि करेंगे।
प्रधानमंत्री ने एक वीडियो संदेश जारी कर कहा कि सरकार छात्रों के भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए लगातार ठोस कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने परीक्षा प्रणाली से खिलवाड़ कर विद्यार्थियों के भविष्य को नुकसान पहुंचाया, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है और कई आरोपी जेल में हैं।
परीक्षा सुधार के लिए तकनीक और पारदर्शिता पर रहेगा जोर
परीक्षा सुधार को लेकर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बदलते समय के साथ परीक्षा प्रणाली में भी व्यापक बदलाव की आवश्यकता है। उनका कहना था कि ऐसी व्यवस्था विकसित की जानी चाहिए, जिस पर छात्रों और अभिभावकों का पूरा भरोसा हो और जिसमें आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग किया जाए।
उन्होंने कहा कि इसी सोच के तहत सरकार ने नंदन नीलेकणि के नेतृत्व में एक उच्चाधिकार प्राप्त टास्क फोर्स गठित करने का फैसला लिया है। यह समिति देश की परीक्षा प्रणाली का व्यापक अध्ययन करेगी और उसे अधिक सुरक्षित, पारदर्शी तथा भरोसेमंद बनाने के लिए सरकार को अपनी सिफारिशें सौंपेगी।
रिपोर्ट के आधार पर लागू होंगे नए सुधार
प्रधानमंत्री ने भरोसा दिलाया कि टास्क फोर्स की रिपोर्ट मिलने के बाद सरकार जल्द से जल्द आवश्यक सुधार लागू करेगी, ताकि आगामी परीक्षाओं की विश्वसनीयता और निष्पक्षता सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की मेहनत का सही मूल्यांकन होना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
पेपर लीक पर सख्त कानून की तैयारी
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार केवल प्रशासनिक स्तर पर ही नहीं, बल्कि कानूनी स्तर पर भी परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने बताया कि परीक्षा से जुड़े गंभीर अपराधों के मामलों में त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के लिए फास्ट-ट्रैक अदालतों की व्यवस्था पहले ही की जा चुकी है।
इसके साथ ही संसद में एक नया कानून लाने की दिशा में भी काम चल रहा है, जिसमें परीक्षा से जुड़े अपराधों के खिलाफ और अधिक कठोर कानूनी प्रावधान शामिल किए जाएंगे।
छात्रों का भरोसा मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम
सरकार का मानना है कि तकनीक आधारित और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली से न केवल पेपर लीक जैसी घटनाओं पर अंकुश लगेगा, बल्कि देशभर के करोड़ों छात्रों का परीक्षा प्रक्रिया पर विश्वास भी मजबूत होगा। नंदन नीलेकणि के नेतृत्व में बनने वाली टास्क फोर्स से शिक्षा व्यवस्था में दीर्घकालिक सुधारों की उम्मीद जताई जा रही है।
नोट: आपकी दी गई जानकारी में अंतिम पैराग्राफ में “कॉकरोच जनता पार्टी” का उल्लेख है। यह किसी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल का आधिकारिक नाम नहीं है। तथ्यात्मक शुद्धता बनाए रखने के लिए इसे समाचार के मुख्य लेख में शामिल नहीं किया गया है। यदि यह किसी व्यंग्यात्मक या विशेष संदर्भ का हिस्सा नहीं है, तो प्रकाशन से पहले मूल स्रोत से इसकी पुष्टि कर लेना उचित होगा।












