गोरखपुर 03 जून 2026: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को गोरखनाथ मंदिर परिसर में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में करीब 150 लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने भूमि संबंधी शिकायतों को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों को कड़ा संदेश देते हुए स्पष्ट कहा कि ऐसे मामलों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिया कि शिकायतों की गंभीरता के अनुसार दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ निलंबन सहित सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
लगातार दूसरे दिन गोरखपुर प्रवास के दौरान आयोजित जनता दर्शन में मुख्यमंत्री स्वयं लोगों के बीच पहुंचे, उनके प्रार्थना पत्रों का अवलोकन किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। कई फरियादियों ने जमीन से जुड़े मामलों में राजस्व विभाग के कर्मचारियों की उदासीनता और देरी की शिकायत की। इस पर मुख्यमंत्री ने तत्काल संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी को कार्रवाई के निर्देश दिए।
जनता दर्शन में भूमि विवादों पर दिखी सख्ती
जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जनता की शिकायतों का समयबद्ध और निष्पक्ष समाधान प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। यदि किसी मामले में जानबूझकर लापरवाही या शिथिलता सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों को जवाबदेह ठहराया जाएगा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि भूमि विवादों के मामलों में संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ कार्रवाई करें, ताकि आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि शासन की मंशा है कि हर व्यक्ति को न्याय मिले और उसकी समस्या का समाधान संतोषजनक ढंग से किया जाए।
इलाज के लिए आर्थिक सहायता का दिया भरोसा
जनता दर्शन में बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी पहुंचे जिन्होंने गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता की मांग की। मुख्यमंत्री ने सभी जरूरतमंदों को आश्वस्त किया कि सरकार उनके इलाज में हरसंभव मदद करेगी।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र लोगों का आयुष्मान भारत कार्ड तत्काल बनवाया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि आयुष्मान योजना के तहत मिलने वाली सहायता पर्याप्त नहीं होती है तो जरूरतमंदों को मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से भी आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
एक महिला ने अपनी मां के इलाज के लिए सहायता का अनुरोध किया। बातचीत के दौरान जब पता चला कि उसके पास आयुष्मान कार्ड नहीं है तो मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को तत्काल कार्ड बनवाने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए।
महिला की शिकायत पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश
जनता दर्शन के दौरान एक महिला ने शिकायत की कि कुछ लोगों ने उसे उसके मकान से बेदखल कर दिया है। मामला सुनने के बाद मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि महिला को उसका वैध कब्जा दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए।
उन्होंने प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों से कहा कि सभी शिकायतों का निस्तारण निष्पक्षता और संवेदनशीलता के साथ किया जाए। मुख्यमंत्री ने लोगों को भरोसा दिलाया कि सरकार हर जरूरतमंद और पीड़ित व्यक्ति के साथ मजबूती से खड़ी है।
आयुष्मान कार्ड बनाने पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि क्षेत्र में ऐसे सभी पात्र लोगों की पहचान कर उनका आयुष्मान कार्ड बनवाया जाए, जो अभी तक इस योजना से नहीं जुड़ पाए हैं। उन्होंने कहा कि आर्थिक तंगी किसी व्यक्ति के इलाज में बाधा नहीं बननी चाहिए और सरकार इसके लिए लगातार प्रयास कर रही है।
गोशाला पहुंचे, बच्चों से की आत्मीय मुलाकात
जनता दर्शन कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सुबह की दिनचर्या हमेशा की तरह धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों से जुड़ी रही। उन्होंने गोरखनाथ मंदिर में गुरु गोरखनाथ और अपने ब्रह्मलीन गुरुदेव महंत अवेद्यनाथ को श्रद्धांजलि अर्पित की।
इसके बाद मंदिर की गोशाला पहुंचकर गोवंश की सेवा की और उन्हें अपने हाथों से गुड़ और रोटी खिलाई। मंदिर परिसर में भ्रमण के दौरान उन्होंने वहां मौजूद बच्चों से भी मुलाकात की। बच्चों को चॉकलेट देकर उनसे पढ़ाई-लिखाई के बारे में बातचीत की और उज्ज्वल भविष्य के लिए आशीर्वाद दिया।
गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन एक बार फिर आम लोगों और सरकार के बीच सीधे संवाद का माध्यम बना, जहां मुख्यमंत्री ने न केवल शिकायतें सुनीं बल्कि अधिकारियों को जवाबदेही और संवेदनशीलता के साथ काम करने का स्पष्ट संदेश भी दिया।










