लखनऊ|04 जून 2026: दिल्ली के मालवीय नगर स्थित एक रेस्टोरेंट में आग लगने की घटना के बाद उत्तर प्रदेश सरकार अलर्ट मोड में आ गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले का संज्ञान लेते हुए प्रदेशभर में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि सार्वजनिक उपयोग वाली इमारतों, होटलों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में सुरक्षा मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद विकास प्राधिकरणों, पुलिस विभाग, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), अग्निशमन विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों को संयुक्त रूप से विशेष अभियान चलाने के लिए कहा गया है। इसका उद्देश्य संभावित दुर्घटनाओं को रोकना और सुरक्षा व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन करना है।
ऊंची इमारतों और होटलों की होगी विशेष जांच
सरकार की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार प्रदेश के सभी हाईराइज भवनों, सरकारी एवं निजी कार्यालयों, होटलों, मॉल, व्यावसायिक परिसरों और अन्य सार्वजनिक संस्थानों का विस्तृत निरीक्षण किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान यह देखा जाएगा कि संबंधित भवनों में अग्निशमन उपकरण, आपातकालीन निकास मार्ग, अलार्म सिस्टम और अन्य सुरक्षा संसाधन निर्धारित मानकों के अनुरूप हैं या नहीं।
विशेष रूप से होटलों के लिए व्यापक सुरक्षा जांच अभियान चलाया जाएगा। प्रत्येक होटल को अपनी अग्नि सुरक्षा व्यवस्था का मूल्यांकन कराना होगा और संबंधित विभागों के समक्ष ऑडिट रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।
अग्नि सुरक्षा प्रणालियों को मजबूत करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि केवल निरीक्षण तक सीमित न रहें, बल्कि जहां कमियां पाई जाएं वहां तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाए। जिन भवनों में अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन नहीं हो रहा है, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
सरकार का मानना है कि बढ़ते शहरीकरण और बहुमंजिला इमारतों की संख्या में वृद्धि के साथ सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन पहले से कहीं अधिक आवश्यक हो गया है। ऐसे में नियमित निरीक्षण और समय-समय पर सुरक्षा ऑडिट दुर्घटनाओं की आशंका को काफी हद तक कम कर सकते हैं।
हादसों की रोकथाम पर रहेगा विशेष फोकस
दिल्ली में हुई आग की घटना ने एक बार फिर अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं की आवश्यकता को रेखांकित किया है। इसी को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने सभी संबंधित विभागों को समन्वय के साथ काम करने और सुरक्षा मानकों के प्रभावी अनुपालन को सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि यह विशेष अभियान न केवल सुरक्षा खामियों की पहचान करेगा, बल्कि भविष्य में किसी बड़े हादसे को रोकने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। सरकार चाहती है कि सार्वजनिक स्थानों पर आने वाले लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता बनी रहे और सभी संस्थान निर्धारित अग्नि सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन करें।











