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UPEDA अब सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अधीन, बुनियादी ढांचा विकास परियोजनाओं को मिलेगी नई रफ्तार

On: June 7, 2026
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UPEDA अब सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अधीन
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लखनऊ|07 जून 2026: उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEDA) को औद्योगिक विकास विभाग से हटाकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अधीन आने वाले बुनियादी ढांचा एवं औद्योगिक विकास विभाग के तहत स्थानांतरित कर दिया है। सरकार का मानना है कि इस निर्णय से राज्य की बड़ी आधारभूत संरचना परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा।

राज्य सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार, यह बदलाव प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने, निर्णय प्रक्रिया को सरल बनाने और विभागीय कार्यों में होने वाले दोहराव को समाप्त करने के उद्देश्य से किया गया है। अब तक UPEDA से जुड़ी परियोजनाओं, बजट स्वीकृतियों और अन्य महत्वपूर्ण प्रस्तावों की फाइलें औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ के माध्यम से भेजी जाती थीं। नई व्यवस्था लागू होने के बाद ऐसे सभी प्रस्ताव और फाइलें सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय के माध्यम से निस्तारित की जाएंगी।

क्यों लिया गया यह फैसला?

सरकारी सूत्रों के अनुसार, UPEDA का मूल कार्य राज्य में एक्सप्रेसवे, औद्योगिक गलियारों और अन्य बड़ी आधारभूत संरचना परियोजनाओं का विकास करना है। समय के साथ प्राधिकरण की भूमिका मुख्य रूप से इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण पर केंद्रित होती गई। इसी कारण सरकार ने इसे ऐसे विभाग के अधीन रखने का निर्णय लिया, जिसकी प्राथमिक जिम्मेदारी ही बुनियादी ढांचे का विकास है।

वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि मजबूत आधारभूत संरचना किसी भी राज्य के औद्योगिक विकास की नींव होती है। एक्सप्रेसवे, कनेक्टिविटी और औद्योगिक गलियारों के विकास से निवेश आकर्षित होता है, रोजगार के अवसर बढ़ते हैं और आर्थिक गतिविधियों को गति मिलती है। ऐसे में UPEDA का सीधे बुनियादी ढांचा विकास विभाग के साथ जुड़ना अधिक प्रभावी माना जा रहा है।

2007 में हुआ था UPEDA का गठन

गौरतलब है कि UPEDA का गठन 27 दिसंबर 2007 को राज्य में एक्सप्रेसवे निर्माण और हाई-स्पीड औद्योगिक कॉरिडोर विकसित करने के उद्देश्य से किया गया था। पिछले वर्षों में प्राधिकरण ने कई महत्वाकांक्षी एक्सप्रेसवे परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिससे उत्तर प्रदेश की कनेक्टिविटी और औद्योगिक संभावनाओं को नई दिशा मिली है।

परियोजनाओं की निगरानी होगी अधिक प्रभावी

सचिवालय प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि चूंकि UPEDA का प्रमुख कार्य बुनियादी सुविधाओं और आधारभूत संरचना का विकास करना है, इसलिए इसे बुनियादी ढांचा विकास विभाग के अधीन रखना अधिक उपयुक्त होगा। इससे परियोजनाओं की निगरानी, अनुमोदन प्रक्रिया और क्रियान्वयन के बीच बेहतर तालमेल स्थापित किया जा सकेगा।

सरकारी अधिकारियों का मानना है कि नई प्रशासनिक व्यवस्था से निर्णय लेने की प्रक्रिया तेज होगी, परियोजनाओं में अनावश्यक देरी कम होगी और राज्य में चल रही तथा प्रस्तावित इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने में मदद मिलेगी। यह कदम उत्तर प्रदेश को देश के अग्रणी बुनियादी ढांचा विकास वाले राज्यों में स्थापित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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