लखनऊ|08 जून 2026: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में एक बार फिर जनसरोकारों को लेकर अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कर दीं। लखनऊ स्थित सरकारी आवास पर पहुंचे फरियादियों की समस्याएं सुनते हुए मुख्यमंत्री ने जहां जरूरतमंदों को हर संभव सहायता का भरोसा दिया, वहीं अधिकारियों को कानून व्यवस्था और जनशिकायतों के निस्तारण में किसी भी तरह की लापरवाही न बरतने की सख्त हिदायत भी दी।
जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री का विशेष जोर गरीब और मेधावी छात्रों की शिक्षा, पुलिस से जुड़ी शिकायतों तथा अवैध कब्जों के मामलों पर देखने को मिला। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आर्थिक तंगी किसी भी छात्र के सपनों के आड़े नहीं आने दी जाएगी और जनता को न्याय दिलाने में किसी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं होगी।
जनता दर्शन में छात्रा की समस्या सुन भावुक हुए मुख्यमंत्री
कार्यक्रम के दौरान लखनऊ की एक मेधावी छात्रा अपनी वृद्ध मां के साथ मुख्यमंत्री से मिलने पहुंची। छात्रा ने बताया कि उसने इंटरमीडिएट परीक्षा अच्छे अंकों से उत्तीर्ण की है और वह बीटेक की पढ़ाई करना चाहती है, लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उच्च शिक्षा जारी रखना कठिन हो गया है।
मुख्यमंत्री ने छात्रा की पूरी बात गंभीरता से सुनी और उसकी शैक्षणिक उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने उसे हिम्मत बनाए रखने और पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रेरित किया। साथ ही संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि छात्रा का प्रवेश लखनऊ के किसी अच्छे शिक्षण संस्थान में सुनिश्चित कराया जाए।
गरीब की शिक्षा नहीं रुकेगी: सीएम योगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का सबसे मजबूत माध्यम मानती है। उन्होंने दोहराया कि प्रदेश में किसी भी निर्धन, प्रतिभाशाली और जरूरतमंद छात्र की पढ़ाई केवल आर्थिक अभाव के कारण बाधित नहीं होने दी जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसे मामलों की पहचान कर पात्र विद्यार्थियों को उपलब्ध सरकारी योजनाओं और सहायता कार्यक्रमों का लाभ दिलाया जाए। मुख्यमंत्री के इस आश्वासन से छात्रा और उसकी मां के चेहरे पर राहत दिखाई दी।
अवैध कब्जों और पुलिस शिकायतों पर सख्त रुख
जनता दर्शन में कई लोग जमीन पर अवैध कब्जे और पुलिस द्वारा समय पर कार्रवाई न किए जाने की शिकायतें लेकर भी पहुंचे। मुख्यमंत्री ने इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को नियमित निगरानी और त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि किसी भी नागरिक की वैध संपत्ति पर अवैध कब्जा स्वीकार नहीं किया जाएगा। शिकायतों के निस्तारण में देरी या लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाएगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पीड़ितों को समयबद्ध न्याय दिलाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
स्थानीय स्तर पर समाधान को दिया महत्व
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता दर्शन में पहुंचे लोगों को सलाह दी कि वे अपनी समस्याओं को पहले जिला और मंडल स्तर के अधिकारियों के समक्ष रखें। उन्होंने कहा कि अधिकांश मामलों का समाधान स्थानीय स्तर पर ही संभव है और इससे लोगों को अनावश्यक यात्रा और परेशानी से बचाया जा सकता है।
भीषण गर्मी का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने लोगों से स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए हर स्तर पर जनसमस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है।
जनता दर्शन कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री का संदेश साफ रहा कि सरकार गरीबों, छात्रों और जरूरतमंदों के साथ खड़ी है, वहीं कानून का उल्लंघन करने वालों और जनशिकायतों की अनदेखी करने वालों के प्रति सख्ती जारी रहेगी।











