21 जून 2026|झांसी: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने झांसी में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में योगाभ्यास किया और देश-दुनिया में योग के बढ़ते प्रभाव पर अपने विचार रखे। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल की सराहना करते हुए कहा कि भारत की प्राचीन परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाने में प्रधानमंत्री की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
झांसी की ऐतिहासिक धरती पर आयोजित 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज योग केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि दुनिया के करोड़ों लोगों की जीवनशैली का हिस्सा बन चुका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से संयुक्त राष्ट्र ने योग को वैश्विक स्तर पर मान्यता दी और आज यह मानव कल्याण का एक प्रभावी माध्यम बन गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा, “हम सभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आभारी हैं, जिन्होंने भारत की परंपराओं और विरासत को वैश्विक पहचान दिलाई है। उन्होंने ऐसा विजन प्रस्तुत किया है, जिससे 140 करोड़ भारतीय गर्व के साथ दुनिया के सामने खड़े हो सकें और विकसित भारत के संकल्प को साकार कर सकें।”
उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री हर वर्ष देश के अलग-अलग राज्यों में जाकर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के कार्यक्रमों का हिस्सा बनते हैं और योग को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य करते हैं। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि इस वर्ष उन्हें झांसी में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर मिला, जो उनके लिए सौभाग्य की बात है।
इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम ‘स्वस्थ बुढ़ापे के लिए योग’ रखी गई है। कार्यक्रम में योग विशेषज्ञों के निर्देशन में विभिन्न योगासन और प्राणायाम का अभ्यास कराया गया। मुख्यमंत्री ने लोगों से नियमित योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने की अपील करते हुए कहा कि योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य ही नहीं, बल्कि मानसिक संतुलन और आत्मिक ऊर्जा का भी महत्वपूर्ण आधार है।
झांसी में आयोजित इस कार्यक्रम ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि योग भारत की सांस्कृतिक पहचान होने के साथ-साथ स्वस्थ और सकारात्मक जीवन की दिशा में एक प्रभावी साधन भी है।









