21 जून 2026|महोबा: बुंदेलखंड की ऐतिहासिक धरती महोबा को पर्यटन के मानचित्र पर नई पहचान दिलाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को महोबा दौरे के दौरान गोरखगिरि पर्वत क्षेत्र में रोपवे निर्माण और एडवेंचर टूरिज्म विकसित करने की घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने वीर आल्हा-ऊदल की शौर्य परंपरा को संरक्षित करने और महोबा महोत्सव को राष्ट्रीय स्तर की पहचान दिलाने का भी ऐलान किया।
मुख्यमंत्री का यह दौरा केवल विकास परियोजनाओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने महोबा की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पर्यटन क्षमता को नई दिशा देने का रोडमैप भी सामने रखा।
12 साल बाद गोरखगिरि पहुंचे मुख्यमंत्री
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर महोबा पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऐतिहासिक गोरखगिरि पर्वत पर पहुंचकर भगवान भोलेनाथ के दर्शन किए और गुरु गोरखनाथ की तपोभूमि को नमन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखगिरि केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि पर्यटन की अपार संभावनाओं से भरपूर स्थल है।
उन्होंने कहा कि रोपवे परियोजना से श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सुविधा मिलेगी, वहीं एडवेंचर टूरिज्म के विकास से महोबा देशभर के पर्यटकों को आकर्षित कर सकेगा।
आल्हा-ऊदल की विरासत को मिलेगा नया स्वरूप
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि बुंदेलखंड की पहचान वीरता, शौर्य और बलिदान की परंपराओं से जुड़ी रही है। उन्होंने घोषणा की कि वीर आल्हा-ऊदल से जुड़े ऐतिहासिक अखाड़ों और प्रतीकों का पुनर्निर्माण कराया जाएगा ताकि नई पीढ़ी अपने गौरवशाली इतिहास से जुड़ सके।
उन्होंने कहा कि आल्हा-ऊदल की लोकगाथाएं केवल बुंदेलखंड की धरोहर नहीं हैं, बल्कि भारतीय वीरता की अमूल्य विरासत हैं, जिन्हें राष्ट्रीय और वैश्विक मंच पर उचित पहचान मिलनी चाहिए।
महोबा महोत्सव को मिलेगी राष्ट्रीय पहचान
मुख्यमंत्री ने कहा कि महोबा महोत्सव को और भव्य स्वरूप दिया जाएगा। राष्ट्रीय स्तर से लेकर जिला स्तर तक विभिन्न प्रतियोगिताओं और सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से महोत्सव को नई पहचान दिलाने की योजना है।
उन्होंने कहा कि महोबा की सांस्कृतिक विरासत, लोककला और लोकसंगीत को देशभर में पहुंचाने के लिए सरकार विशेष प्रयास करेगी।
देसावरी पान और ग्रेनाइट की पहचान को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने महोबा की प्रसिद्ध देसावरी पान परंपरा और यहां के ग्रेनाइट उद्योग का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि महोबा अब केवल ऐतिहासिक महत्व के कारण नहीं, बल्कि अपने कृषि और खनिज उत्पादों की वजह से भी देशभर में पहचान बना रहा है।
उन्होंने कहा कि यहां के ग्रेनाइट पत्थर राष्ट्र निर्माण में योगदान दे रहे हैं, जबकि देसावरी पान क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत कर रहा है।
पर्यटन में प्रोफेशनल दृष्टिकोण अपनाने की जरूरत
सीएम योगी ने कहा कि महोबा को पर्यटन के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए पेशेवर दृष्टिकोण अपनाना होगा। उन्होंने कहा कि बेहतर बुनियादी ढांचा, सुरक्षा व्यवस्था और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराकर क्षेत्र में पर्यटन निवेश को बढ़ावा दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि डबल इंजन सरकार पर्यटन, विरासत संरक्षण और रोजगार सृजन को साथ लेकर आगे बढ़ रही है, जिससे स्थानीय युवाओं को भी नए अवसर मिलेंगे।
विकास, उद्योग और पर्यटन का नया केंद्र बनेगा बुंदेलखंड
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने बुंदेलखंड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (बीडा), डिफेंस कॉरिडोर और केन-बेतवा लिंक परियोजना का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के साथ पर्यटन विकास को जोड़कर बुंदेलखंड को आर्थिक और सांस्कृतिक रूप से सशक्त बनाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि महोबा, झांसी, चित्रकूट, बांदा और हमीरपुर जैसे जिले आने वाले समय में विकास, उद्योग और पर्यटन के प्रमुख केंद्र बनेंगे।
विरासत और विकास का संगम बनेगा महोबा
मुख्यमंत्री ने कहा कि महोबा की पहचान केवल उसके इतिहास तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसे आधुनिक विकास और पर्यटन के नए मॉडल के रूप में भी स्थापित किया जाना चाहिए। रोपवे, एडवेंचर टूरिज्म, सांस्कृतिक संरक्षण और बुनियादी ढांचे के विकास से महोबा को नई ऊंचाइयां मिलेंगी।
उन्होंने लोगों से क्षेत्र के विकास में भागीदारी निभाने की अपील करते हुए कहा कि सरकार महोबा की विरासत, संस्कृति और संभावनाओं को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर स्थापित करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।









