लखनऊ/27 जून 2026: उत्तर प्रदेश सरकार ने माध्यमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ रोजगारपरक कौशल से जोड़ने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। प्रोजेक्ट प्रवीण के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रदेशभर के 36,103 छात्र-छात्राओं को अल्पकालीन कौशल प्रशिक्षण देने का लक्ष्य तय किया गया है। इसके लिए 15 जुलाई तक सभी प्रशिक्षण केंद्रों पर कक्षाएं शुरू करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
प्रोजेक्ट प्रवीण के तहत 36,103 विद्यार्थियों को मिलेगा कौशल प्रशिक्षण
उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन की इस पहल का उद्देश्य सरकारी माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ व्यावहारिक और रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद छात्रों को विभिन्न उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप कौशल विकसित करने का अवसर मिलेगा, जिससे उनके रोजगार और स्वरोजगार की संभावनाएं मजबूत होंगी।
प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि सरकार चाहती है कि प्रदेश का कोई भी युवा हुनर से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट प्रवीण के माध्यम से विद्यार्थियों को पारंपरिक शिक्षा के साथ तकनीकी और व्यावसायिक दक्षता भी प्रदान की जा रही है, ताकि वे भविष्य की चुनौतियों के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकें।
इन प्रमुख सेक्टरों में दिया जाएगा प्रशिक्षण
योजना के तहत विद्यार्थियों को उद्योगों की मांग वाले कई क्षेत्रों में प्रशिक्षण मिलेगा। इनमें आईटी-आईटीईएस, हेल्थकेयर, इलेक्ट्रॉनिक्स, अपैरल, ब्यूटी एंड वेलनेस, एग्रीकल्चर, मैनेजमेंट और ग्रीन जॉब्स जैसे सेक्टर शामिल हैं।
प्रशिक्षण की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए प्रत्येक बैच में अधिकतम 35 प्रशिक्षणार्थियों की सीमा निर्धारित की गई है। इससे प्रशिक्षकों को प्रत्येक छात्र पर बेहतर ध्यान देने का अवसर मिलेगा और व्यावहारिक प्रशिक्षण अधिक प्रभावी ढंग से कराया जा सकेगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम की अधिकतम अवधि 300 घंटे तय की गई है।
कई जिलों के सरकारी विद्यालयों में होगा संचालन
प्रदेश के आगरा, बरेली, आजमगढ़, ललितपुर, वाराणसी, रामपुर, शाहजहांपुर, जालौन और सोनभद्र सहित विभिन्न जिलों के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में सूचीबद्ध प्रशिक्षण प्रदाताओं के माध्यम से यह कार्यक्रम संचालित किया जाएगा। इन संस्थानों को निर्धारित मानकों के अनुसार प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
15 जुलाई तक हर हाल में शुरू करनी होंगी कक्षाएं
उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के निदेशक पुलकित खरे ने सभी प्रशिक्षण प्रदाताओं को तय समय-सीमा का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं। उनके अनुसार केंद्रों की स्थापना, विद्यार्थियों का पंजीकरण और बैच गठन की प्रक्रिया पूरी करते हुए 15 जुलाई 2026 तक कक्षाओं का संचालन शुरू करना अनिवार्य होगा।
इसके अलावा बैच शुरू होने के सात कार्य दिवस के भीतर सभी विद्यार्थियों को अध्ययन सामग्री वितरित करनी होगी और उसका रिकॉर्ड मिशन के पोर्टल पर अपलोड करना होगा।
लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई
मिशन ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई प्रशिक्षण प्रदाता तय समय पर प्रशिक्षण शुरू नहीं करता है या जिला स्तर पर उसके खिलाफ शिकायत मिलती है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार सख्त विधिक कार्रवाई की जाएगी। सरकार का उद्देश्य केवल लक्ष्य पूरा करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है ताकि वे भविष्य के रोजगार बाजार में प्रतिस्पर्धी बन सकें।








