गोरखपुर/27 जून 2026। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को गोरखनाथ मंदिर प्रवास के दौरान जन समस्याएं सुनने के बाद अपनी नियमित दिनचर्या के तहत मंदिर की गोशाला पहुंचकर गोसेवा की। CM योगी ने गोवंश के बीच कुछ समय बिताया, उन्हें स्नेहपूर्वक दुलारा और अपने हाथों से गुड़-रोटी खिलाई। इस दौरान उन्होंने गोशाला के कर्मचारियों से गोवंश की देखभाल की जानकारी ली और उनके समुचित पालन-पोषण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए।
शनिवार सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सबसे पहले गोरखनाथ मंदिर में शिवावतार महायोगी गुरु गोरखनाथ के दर्शन-पूजन किए। इसके बाद उन्होंने अपने गुरु ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की समाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित कर आशीर्वाद लिया। मंदिर में प्रवास के दौरान यह उनकी पारंपरिक दिनचर्या का हिस्सा माना जाता है।
गोवंश के बीच बिताए आत्मीय पल
पूजा-अर्चना के बाद मुख्यमंत्री मंदिर परिसर का भ्रमण करते हुए गोशाला पहुंचे। यहां उन्होंने गायों और अन्य गोवंश के बीच काफी समय बिताया। मुख्यमंत्री ने गोवंश के माथे पर स्नेह से हाथ फेरा, उन्हें थपकी देकर दुलारा और अपने हाथों से गुड़-रोटी खिलाई। गोशाला का वातावरण उस समय पूरी तरह आत्मीयता और श्रद्धा से भरा नजर आया।
मुख्यमंत्री ने गोशाला में मौजूद कर्मचारियों से गोवंश के स्वास्थ्य, भोजन और देखभाल की व्यवस्था की जानकारी भी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि गोशाला में रहने वाले प्रत्येक गोवंश की नियमित निगरानी और उचित देखभाल सुनिश्चित की जाए, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो।
गोरखनाथ मंदिर प्रवास में गोसेवा रहती है दिनचर्या का हिस्सा
गोरखनाथ मंदिर में प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दिनचर्या में गोसेवा हमेशा विशेष स्थान रखती है। जब भी वह गोरखपुर आते हैं, मंदिर की गोशाला में पहुंचकर गोवंश की सेवा करते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि मुख्यमंत्री का यह कार्यक्रम केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि उनकी लंबे समय से चली आ रही परंपरा का हिस्सा है।
मोरों पर भी बरसाया स्नेह
गोशाला परिसर में विचरण कर रहे मोरों को देखकर मुख्यमंत्री कुछ देर उनके पास भी रुके। उन्होंने उन्हें दाना खिलाया और स्नेहपूर्वक निहारा। इस दौरान मंदिर परिसर में मौजूद लोगों ने भी मुख्यमंत्री के इस आत्मीय व्यवहार को करीब से देखा।
गोरखनाथ मंदिर में शनिवार का यह प्रवास एक बार फिर जनसेवा, आध्यात्मिक परंपरा और गोसेवा के संतुलित स्वरूप का संदेश देता नजर आया। जनता दर्शन के माध्यम से लोगों की समस्याएं सुनने के साथ-साथ गोवंश के प्रति संवेदनशीलता और सेवा भाव भी मुख्यमंत्री की दिनचर्या का अहम हिस्सा बना रहा।









