गौतमबुद्ध नगर/27 जून 2026: उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास को शनिवार को नई गति मिली, जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जेवर में जेवर इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का भूमिपूजन और शिलान्यास किया। अंबर एंटरप्राइजेज और कोरिया सर्किट्स के संयुक्त उपक्रम एसेंट के सर्किट्स की ओर से स्थापित होने वाले इस अत्याधुनिक प्लांट में 6,785 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया जाएगा। सरकार का मानना है कि यह परियोजना प्रदेश को इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट और मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में अहम साबित होगी।
जेवर इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग प्लांट से मजबूत होगी यूपी की औद्योगिक ताकत
भूमिपूजन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज देश की औद्योगिक तस्वीर बदलने वाले राज्यों में अग्रणी बन चुका है। उन्होंने कहा कि एक समय जिस क्षेत्र की पहचान कानून-व्यवस्था की चुनौतियों से होती थी, वही जेवर अब निवेश, उद्योग और आधुनिक बुनियादी ढांचे का नया केंद्र बन रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की उद्योग समर्थक नीतियों, बेहतर कानून-व्यवस्था और तेज फैसलों के कारण देश-विदेश की बड़ी कंपनियां उत्तर प्रदेश में निवेश कर रही हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि यह नया इलेक्ट्रॉनिक्स प्लांट हजारों युवाओं के लिए रोजगार के अवसर तैयार करेगा और आसपास के क्षेत्रों में सहायक उद्योगों के विकास को भी गति देगा।
देश के 55 प्रतिशत मोबाइल बन रहे नोएडा-ग्रेटर नोएडा में
मुख्यमंत्री ने बताया कि भारत में बनने वाले करीब 55 प्रतिशत मोबाइल फोन आज नोएडा और ग्रेटर नोएडा में तैयार हो रहे हैं। इसके साथ ही इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट निर्माण में भी इस क्षेत्र की हिस्सेदारी 55 से 60 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है।
उन्होंने कहा कि भारत और दक्षिण कोरिया की कंपनियों का यह संयुक्त निवेश उत्तर प्रदेश को इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के वैश्विक मानचित्र पर और मजबूत करेगा। आने वाले वर्षों में राज्य इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों और कंपोनेंट निर्माण का प्रमुख केंद्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा।
केंद्र और राज्य के तालमेल से मिल रही तेज रफ्तार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार के सहयोग का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश से जुड़े विकास प्रस्तावों को अब त्वरित स्वीकृति मिल रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने के साथ सभी आवश्यक अनुमतियों की प्रक्रिया को भी सरल बना रही है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि कानपुर और झांसी के बीच विकसित हो रही बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) परियोजना को भी समयबद्ध तरीके से आवश्यक पर्यावरणीय स्वीकृति प्राप्त हुई, जिससे बड़े औद्योगिक निवेश का मार्ग प्रशस्त हुआ।
भारत-कोरिया साझेदारी को मिलेगा नया विस्तार
मुख्यमंत्री ने दक्षिण कोरिया के साथ भारत के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच वर्षों पुराना आत्मीय रिश्ता आज औद्योगिक सहयोग के रूप में और मजबूत हो रहा है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर जैसे भविष्य के क्षेत्रों में यह साझेदारी भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धा को नई मजबूती देगी।
उन्होंने कहा कि उत्तर भारत की पहली सेमीकंडक्टर यूनिट की शुरुआत के बाद यह नया निवेश भी प्रदेश को हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग का मजबूत केंद्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
निवेशकों की पहली पसंद बन रहा उत्तर प्रदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में उपलब्ध लगभग 75 हजार एकड़ लैंड बैंक, पारदर्शी सिंगल विंडो सिस्टम, समय पर मिलने वाले प्रोत्साहन और मजबूत कानून-व्यवस्था ने उत्तर प्रदेश को निवेशकों की पहली पसंद बना दिया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को हासिल करने में उत्तर प्रदेश की औद्योगिक प्रगति महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
कार्यक्रम में ये प्रमुख हस्तियां रहीं मौजूद
इस अवसर पर केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी एवं रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव, उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’, प्रभारी मंत्री ब्रजेश सिंह, सांसद डॉ. महेश शर्मा, सांसद सुरेंद्र सिंह नागर सहित अंबर एंटरप्राइजेज और कोरिया सर्किट्स के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।








