गौतमबुद्ध नगर/27 जून 2026: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को गौतमबुद्ध नगर में 2479 करोड़ रुपये की 70 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करते हुए नोएडा को देश का सबसे बड़ा निवेश केंद्र बनने की दिशा में अग्रसर बताया। अंतरराष्ट्रीय एमएसएमई दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने सेक्टर-96 स्थित नोएडा प्राधिकरण के नए मुख्य प्रशासनिक भवन का उद्घाटन भी किया और कहा कि वर्षों बाद प्राधिकरण को अपना भव्य कार्यालय मिलना विकास की नई शुरुआत का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय जिस नोएडा को लेकर तरह-तरह की धारणाएं बनाई जाती थीं, आज वही नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण मिलकर देश के सबसे भरोसेमंद निवेश गंतव्यों में अपनी पहचान बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि कार्य संस्कृति में बदलाव आया है और अब नागरिकों, किसानों तथा उद्यमियों की समस्याओं के समाधान की दिशा में तेज़ी से काम हो रहा है।
‘2017 से पहले नोएडा को शापित माना जाता था’
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री गौतमबुद्ध नगर आने से बचते थे क्योंकि इसे लेकर एक तरह की मान्यता बना दी गई थी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री बनने के बाद जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मेट्रो परियोजना के उद्घाटन के लिए नोएडा आने वाले थे, तब प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से किसी मंत्री को भेजने का सुझाव दिया गया था।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उन्होंने स्वयं कार्यक्रम में आने का निर्णय लिया क्योंकि उनका मानना है कि सरकार का दायित्व अंधविश्वास नहीं, बल्कि जनता की समस्याओं का समाधान करना है। उन्होंने कहा कि आज वही नोएडा प्रदेश के विकास का सबसे मजबूत इंजन बनकर उभरा है।
बिल्डर-बायर्स विवाद सुलझाकर लाखों लोगों को मिला अपना घर
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती बिल्डर और फ्लैट खरीदारों के बीच लंबे समय से चल रहे विवादों को सुलझाना था। उन्होंने बताया कि सरकार ने पहले चरण में करीब सवा लाख फ्लैट खरीदारों को उनका आवास दिलाया। बाद में मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचने पर नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) की अध्यक्षता में गठित हाई लेवल कमेटी की सिफारिशों के आधार पर तीन लाख से अधिक खरीदारों को राहत दिलाने में सफलता मिली।
उन्होंने कहा कि अब नोएडा प्राधिकरण के नए भवन में किसानों, उद्यमियों, रेजिडेंट्स और आम नागरिकों की समस्याओं का समाधान एक ही स्थान पर हो सकेगा। साथ ही सभी सेवाओं को ऑनलाइन करने और इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के माध्यम से निगरानी की व्यवस्था विकसित करने पर भी जोर दिया।
निवेश नहीं करने वालों पर होगी कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन निवेशकों ने प्राधिकरण से भूमि लेकर भी निर्धारित समय में परियोजनाएं शुरू नहीं की हैं, उन्हें नोटिस जारी किया जाए। यदि तय समयसीमा में निवेश नहीं होता है तो ऐसी भूमि नए निवेशकों को उपलब्ध कराई जाए, ताकि प्रदेश में निवेश की गति प्रभावित न हो।
उन्होंने कहा कि 1970 के दशक में बनी नोएडा अथॉरिटी और आज के समय की जरूरतों में बड़ा अंतर है। इसलिए बदलती आर्थिक परिस्थितियों के अनुरूप निर्णय लेना समय की मांग है।
जेवर एयरपोर्ट, इलेक्ट्रॉनिक्स और सोलर सेक्टर बदल रहे हैं तस्वीर
मुख्यमंत्री ने कहा कि जेवर एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश की औद्योगिक तस्वीर बदलने जा रहा है। उन्होंने बताया कि वहां घरेलू व्यावसायिक उड़ानें शुरू हो चुकी हैं और जल्द ही अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का भी संचालन शुरू होगा।
उन्होंने कहा कि लगभग 7000 करोड़ रुपये के निवेश से इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट एवं इलेक्ट्रॉनिक सर्किट निर्माण परियोजना की आधारशिला रखी गई है। वहीं करीब 8200 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक सोलर सेल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट भी स्थापित की जा रही है। इससे गौतमबुद्ध नगर इलेक्ट्रॉनिक्स और हरित ऊर्जा उद्योग का प्रमुख केंद्र बनेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस क्षेत्र को कभी अपराध और असुरक्षा के लिए जाना जाता था, आज वहीं फिल्म सिटी, मेडिकल डिवाइस पार्क, अपैरल पार्क और बड़े औद्योगिक निवेश नई पहचान बना रहे हैं।
एमएसएमई को बताया विकसित भारत की मजबूत नींव
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) ही विकसित भारत की मजबूत नींव हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश के कारीगरों और हस्तशिल्पियों के पास न बाजार था, न आधुनिक तकनीक और न ही उचित प्रोत्साहन।
सरकार ने ब्रांडिंग, डिजाइन, तकनीकी उन्नयन और विपणन पर विशेष ध्यान दिया, जिसका परिणाम यह है कि आज ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ओडीओपी)’ देश की पहचान बन चुका है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश में 96 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयां संचालित हो रही हैं, जिनसे सवा तीन करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। कोविड महामारी के दौरान भी यही क्षेत्र प्रदेश की अर्थव्यवस्था का मजबूत सहारा बना रहा।
उत्तर प्रदेश का निर्यात दो लाख करोड़ रुपये के पार
मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीकी सहायता, कॉमन फैसिलिटी सेंटर और नई बाजार व्यवस्था के कारण उत्तर प्रदेश आज दो लाख करोड़ रुपये से अधिक का निर्यात कर रहा है। उन्होंने कहा कि ग्रेटर नोएडा में आयोजित होने वाला उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो प्रदेश के उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने का महत्वपूर्ण मंच बन चुका है।
उन्होंने यह भी कहा कि देश में बनने वाले कुल मोबाइल फोन का लगभग 55 प्रतिशत और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट का करीब 60 प्रतिशत उत्पादन उत्तर प्रदेश में हो रहा है, जो प्रदेश की बढ़ती औद्योगिक क्षमता का प्रमाण है।
लाभार्थियों को चेक, टूल किट और निवेशकों को सम्मान
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को टूल किट, सब्सिडी चेक और स्वीकृति पत्र वितरित किए। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के लाभार्थियों को वित्तीय सहायता प्रदान की गई, जबकि उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बैंक अधिकारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
इसके अलावा टीसीएस, फिजिक्स वाला, एलजी सॉफ्ट इंडिया और डीएलएफ सहित कई निवेशकों को सम्मानित किया गया। इन निवेश प्रस्तावों के माध्यम से हजारों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होने की उम्मीद जताई गई।
कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’, मंत्री भूपेंद्र चौधरी, राज्य मंत्री बृजेश सिंह, राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा, सांसद डॉ. महेश शर्मा, राज्यसभा सदस्य सुरेंद्र सिंह नागर, विधायक पंकज सिंह, धीरेंद्र सिंह, तेजपाल सिंह नागर, मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी और उद्योग जगत से जुड़े लोग उपस्थित रहे।









