गोरखपुर/12 जुलाई 2026: गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को ‘एक पेड़ मां के नाम अभियान’ के तहत प्रदेशव्यापी पौधरोपण महाभियान-2026 का शुभारंभ करते हुए इसे धरती माता के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का महायज्ञ बताया। उन्होंने कहा कि प्रकृति हमें जीवन के लिए आवश्यक हर संसाधन उपलब्ध कराती है, इसलिए उसका संरक्षण केवल सरकार की नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री ने अपने दो दिवसीय गोरखपुर प्रवास के दूसरे दिन सुबह गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर भगवानपुर टोल प्लाजा के निकट पवित्र त्रिवेणी के रूप में नीम, पीपल और बरगद के पौधे लगाए। पौधरोपण के बाद उन्होंने वहां सेल्फी भी ली। इसके बाद गोरखनाथ मंदिर लौटते समय आरकेबीके के पास ताल रिंग रोड किनारे मौलश्री का पौधा रोपकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
धरती माता के प्रति आभार व्यक्त करने का माध्यम है एक पेड़ मां के नाम अभियान
गीडा सेक्टर-28 में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ‘एक पेड़ मां के नाम अभियान’ केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह धरती माता के प्रति आभार और कृतज्ञता व्यक्त करने का राष्ट्रीय अभियान है। उन्होंने कहा कि धरती हमें अन्न, जल, फल, स्वच्छ वातावरण और जीवन के लिए आवश्यक सभी संसाधन उपलब्ध कराती है। ऐसे में उसका संरक्षण करना हमारा नैतिक और राष्ट्रीय दायित्व है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति सदैव प्रकृति के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता का संदेश देती रही है। उन्होंने वैदिक मंत्र “माता भूमिः पुत्रो अहं पृथिव्याः” का उल्लेख करते हुए कहा कि इसका अर्थ है—धरती हमारी माता है और हम सभी उसके पुत्र हैं। इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान का आह्वान किया है।
विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण भी बना उत्तर प्रदेश की पहचान
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 के बाद उत्तर प्रदेश में विकास कार्यों को नई गति मिली है। प्रदेश में एक्सप्रेसवे, हाईवे, नई सड़कें, औद्योगिक परियोजनाएं और शहरी विकास तेजी से हुआ है। लेकिन इस विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी समान प्राथमिकता दी गई है।
उन्होंने कहा कि बीते नौ वर्षों में राज्य ने विकास और हरित संतुलन दोनों क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। व्यापक पौधरोपण और पौधों के संरक्षण के कारण प्रदेश में वनाच्छादन का दायरा बढ़ा है, जिसका सकारात्मक असर पर्यावरण पर दिखाई दे रहा है।
242 करोड़ पौधों से कार्बन अवशोषण बढ़ा, ऑक्सीजन उत्पादन में भी हुई वृद्धि
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश में 242 करोड़ से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं। इस अभियान का असर अब वैज्ञानिक आंकड़ों में भी दिखाई दे रहा है। उनके अनुसार, प्रदेश में बढ़े वनाच्छादन के कारण 6 करोड़ 37 लाख 74 हजार 130 टन कार्बन डाइऑक्साइड का अवशोषण हुआ है, जबकि 4 करोड़ 63 लाख 90 हजार 130 टन ऑक्सीजन का उत्सर्जन दर्ज किया गया है।
उन्होंने कहा कि एक विकसित वृक्ष अपने जीवनकाल में बड़ी मात्रा में कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित कर पर्यावरण को स्वच्छ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यही कारण है कि पौधरोपण जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग जैसी चुनौतियों से निपटने का प्रभावी माध्यम बन चुका है।
धरती माता की आरोग्यता का भी रखें ध्यान
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर व्यक्ति अपने स्वास्थ्य की चिंता करता है, लेकिन जिस धरती से जीवन का आधार मिलता है, उसके स्वास्थ्य की ओर भी समान संवेदनशीलता दिखानी होगी। उन्होंने कहा कि यदि धरती स्वस्थ रहेगी, तभी आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ हवा, पर्याप्त जल और संतुलित पर्यावरण मिल सकेगा।
उन्होंने बताया कि विश्व पर्यावरण दिवस (5 जून) से शुरू हुए इस वर्ष के अभियान के तहत अब तक 5 करोड़ से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं। वहीं पिछले वर्ष प्रदेश में 35 करोड़ से अधिक पौधों का रोपण किया गया था। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे अपनी माता, पूर्वजों या परिवार की स्मृति में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएं और उसकी सुरक्षा का संकल्प लेकर इस जनअभियान को जन-जन तक पहुंचाएं।










