लखनऊ/12 जुलाई 2026: उत्तर प्रदेश के दो सबसे अहम शहरों लखनऊ और कानपुर के बीच सफर अब नई रफ्तार के साथ शुरू होने जा रहा है। 13 जुलाई 2026 यानी सोमवार से लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इसके उद्घाटन के साथ इस महत्वाकांक्षी परियोजना को प्रदेशवासियों को समर्पित करेंगे।
करीब 63 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय घटकर 30 से 35 मिनट रह जाएगा। अब तक ट्रैफिक जाम और धीमी रफ्तार के कारण लगने वाला समय काफी कम होगा, जिससे यात्रियों को लगभग 60 प्रतिशत समय की बचत होने का दावा किया गया है।
उद्घाटन से पहले पूरे किए गए अंतिम इंतजाम
एक्सप्रेसवे को शुरू करने से पहले नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली हैं। शुक्रवार को सफाई, सड़क संकेतकों की जांच, रंग-रोगन, सीसीटीवी कैमरों की टेस्टिंग और कंट्रोल रूम की मॉनिटरिंग सहित सभी तकनीकी कार्यों को अंतिम रूप दिया गया।
करीब 3,600 करोड़ रुपये की लागत से बने इस एक्सप्रेसवे को आधुनिक सुरक्षा और यातायात सुविधाओं से लैस किया गया है।
120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेंगे वाहन
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर वाहन अधिकतम 120 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चल सकेंगे। परियोजना के तहत कुल चार बड़े पुल, 25 छोटे पुल, चार फ्लाईओवर, 11 पैदल अंडरपास और 13 हल्के वाहनों के अंडरपास बनाए गए हैं। इन सुविधाओं का उद्देश्य तेज, सुरक्षित और बाधारहित यात्रा सुनिश्चित करना है।
बस यात्रियों को देना पड़ सकता है अधिक किराया
एक्सप्रेसवे शुरू होने के बाद रोडवेज बसों का संचालन भी इसी मार्ग से किए जाने की तैयारी है। हालांकि, यात्रियों को इसके लिए थोड़ा अधिक किराया चुकाना पड़ सकता है।
फिलहाल नेशनल हाईवे से कानपुर जाने वाली रोडवेज बस का किराया 137 रुपये है, जबकि एक्सप्रेसवे से चलने वाली बसों का किराया लगभग 150 रुपये तक हो सकता है। इसकी मुख्य वजह एक्सप्रेसवे पर लगने वाला अधिक टोल शुल्क है।
परिवहन निगम के अनुसार, एक्सप्रेसवे पर बस का एकतरफा टोल 935 रुपये और उसी दिन वापसी करने पर 1,405 रुपये निर्धारित किया गया है। वहीं, मौजूदा नेशनल हाईवे मार्ग पर बसों का टोल केवल 95 रुपये है।
20 जुलाई के आसपास शुरू हो सकती हैं रोडवेज बसें
उत्तर प्रदेश परिवहन निगम ने बताया कि एक्सप्रेसवे पर साधारण, इलेक्ट्रिक और डबल डेकर बसें चलाने की योजना बनाई गई है। किराया और समयसारणी तय करने के लिए सर्वे कराया जा रहा है।
लखनऊ परिक्षेत्र के क्षेत्रीय प्रबंधक विमल राजन के अनुसार, टीआई सुशील कुमार को सर्वे की जिम्मेदारी सौंपी गई है। रिपोर्ट मिलने के बाद बसों का अंतिम किराया और टाइम टेबल जारी किया जाएगा। रोडवेज बसों का नियमित संचालन 20 जुलाई के आसपास शुरू होने की संभावना है।
सिर्फ लखनऊ और कानपुर ही नहीं, इन जिलों को भी मिलेगा फायदा
इस एक्सप्रेसवे का लाभ केवल लखनऊ और कानपुर के यात्रियों तक सीमित नहीं रहेगा। सीतापुर, हरदोई, अयोध्या और सुल्तानपुर से आने वाले लोग भी बेहतर कनेक्टिविटी का लाभ उठा सकेंगे।
इन जिलों से लखनऊ पहुंचने वाले यात्री आउटर रिंग रोड के जरिए सीधे एक्सप्रेसवे पर चढ़ सकेंगे, जिससे उन्नाव और कानपुर की ओर जाने में शहर के ट्रैफिक जाम से काफी हद तक राहत मिलेगी। वहीं, शहीद पथ से कानपुर रोड की ओर आने वाले वाहन एलिवेटेड रोड के माध्यम से सीधे एक्सप्रेसवे तक पहुंच सकेंगे।
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर कितना होगा टोल
| वाहन श्रेणी | एकतरफा टोल (रुपये) | वापसी (उसी दिन) | मासिक पास |
|---|---|---|---|
| कार, जीप, वैन | 275 | 415 | 9,220 |
| हल्के वाणिज्यिक वाहन | 445 | 670 | 14,890 |
| बस और ट्रक | 935 | 1,405 | 31,200 |
| थ्री-एक्सल वाणिज्यिक वाहन | 1,020 | 1,530 | 34,040 |
प्रदेश की कनेक्टिविटी को मिलेगी नई रफ्तार
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के शुरू होने के साथ उत्तर प्रदेश के सड़क नेटवर्क को नई मजबूती मिलेगी। तेज यात्रा, कम समय, बेहतर कनेक्टिविटी और आधुनिक बुनियादी ढांचे की वजह से यह एक्सप्रेसवे न केवल रोजाना आने-जाने वाले यात्रियों के लिए राहत लेकर आएगा, बल्कि दोनों शहरों के बीच व्यापार, उद्योग और निवेश को भी नई गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।










