लखनऊ/10 अगस्त 2026: उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए सेना में अग्निवीर बनने का बड़ा मौका सामने आया है। प्रदेश के छह शहरों में अग्निवीर भर्ती रैली आयोजित की जाएगी। इसकी शुरुआत मेरठ से 17 अगस्त 2026 को होगी और भर्ती रैलियों का सिलसिला 14 अप्रैल 2027 तक चलेगा। बड़ी संख्या में युवाओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए योगी आदित्यनाथ सरकार ने व्यवस्थाओं को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं।
मुख्य सचिव एसपी गोयल ने सोमवार को लोक भवन में भर्ती रैलियों की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि भर्ती स्थलों पर अभ्यर्थियों को किसी भी स्तर पर असुविधा नहीं होनी चाहिए। प्रशासन को भर्ती प्रक्रिया के दौरान व्यवस्थाओं में कोई ढिलाई न बरतने को कहा गया है।
अग्निवीर भर्ती रैली यूपी: छह जिलों में होगा आयोजन
उत्तर प्रदेश में यह तीसरी अग्निवीर भर्ती रैली होगी। इसके तहत मेरठ, बरेली, लखनऊ, वाराणसी, आगरा और अयोध्या में भर्ती रैलियां आयोजित की जाएंगी।
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में सभी छह स्थानों पर तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई। उन्होंने जिला प्रशासन और संबंधित विभागों को भारतीय सेना के अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर समय से सभी इंतजाम पूरे करने के निर्देश दिए।
भर्ती स्थलों पर अभ्यर्थियों की बड़ी भीड़ जुटने की संभावना है। इसे देखते हुए प्रशासन के सामने केवल भर्ती प्रक्रिया को सुचारु बनाना ही नहीं, बल्कि हजारों युवाओं की आवाजाही और सुरक्षा को व्यवस्थित रखना भी चुनौती होगी।
आवागमन से लेकर ठहरने तक की होगी व्यवस्था
मुख्य सचिव एसपी गोयल ने अधिकारियों से कहा कि अभ्यर्थियों की सुविधा को प्राथमिकता दी जाए। इसके लिए भर्ती केंद्रों पर पहले से पर्याप्त व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
इन प्रमुख व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है:
- अभ्यर्थियों के आवागमन की व्यवस्था
- जरूरत के अनुसार ठहरने की सुविधा
- पर्याप्त पेयजल
- स्वच्छता और साफ-सफाई
- प्राथमिक एवं आवश्यक चिकित्सा सुविधा
- सुरक्षा व्यवस्था
- भीड़ प्रबंधन
- यातायात नियंत्रण
उन्होंने कहा कि इन व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा की जाए और यदि कहीं कोई कमी दिखाई दे तो भर्ती शुरू होने से पहले उसे दूर कर लिया जाए।
आकस्मिक स्थिति के लिए मेडिकल और इमरजेंसी सेवाएं रहेंगी तैयार
भर्ती प्रक्रिया के दौरान किसी भी तरह की आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त चिकित्सकीय और आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अलावा कानून-व्यवस्था और यातायात व्यवस्था को लेकर संबंधित अधिकारियों को पहले से कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया है। भर्ती स्थल के आसपास वाहनों और अभ्यर्थियों की आवाजाही को नियंत्रित रखने पर भी जोर दिया गया है।
सरकार का प्रयास है कि भर्ती प्रक्रिया के दौरान युवाओं को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े और पूरी प्रक्रिया सुरक्षित एवं व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो।
कब और कहां होगी अग्निवीर भर्ती रैली?
उत्तर प्रदेश में प्रस्तावित भर्ती रैलियों का कार्यक्रम इस प्रकार है:
| शहर | भर्ती रैली की तारीख |
|---|---|
| मेरठ | 17 अगस्त से 9 सितंबर 2026 |
| बरेली | 14 सितंबर से 30 सितंबर 2026 |
| लखनऊ | 11 जनवरी से 28 जनवरी 2027 |
| वाराणसी | 2 फरवरी से 27 फरवरी 2027 |
| आगरा | 4 मार्च से 24 मार्च 2027 |
| अयोध्या | 29 मार्च से 14 अप्रैल 2027 |
यानी भर्ती प्रक्रिया की शुरुआत मेरठ से 17 अगस्त 2026 को होगी और अंतिम रैली अयोध्या में 14 अप्रैल 2027 तक चलेगी।
बैठक में सेना के वरिष्ठ अधिकारी भी रहे मौजूद
मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में सचिव सामान्य प्रशासन अभिषेक प्रकाश, पुलिस कमिश्नर लखनऊ तरुण गाबा और भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बरेली, लखनऊ, वाराणसी, आगरा, अयोध्या और मेरठ के जिलाधिकारी भी बैठक से जुड़े।
बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि भर्ती से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। खास तौर पर उन शहरों में भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था को लेकर पहले से तैयारी करने पर जोर दिया गया है, जहां बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के पहुंचने की संभावना है।
युवाओं के लिए सेना में जाने का अहम अवसर
अग्निवीर भर्ती रैली प्रदेश के युवाओं के लिए भारतीय सेना में शामिल होने का महत्वपूर्ण अवसर है। सरकार की ओर से तैयारियों पर जिस तरह जोर दिया जा रहा है, उससे साफ है कि प्रशासन इस बार भर्ती प्रक्रिया को व्यवस्थित और सुविधाजनक बनाने पर खास ध्यान दे रहा है।
अभ्यर्थियों के लिए भी जरूरी है कि वे अपने भर्ती कार्यक्रम, आवश्यक दस्तावेज और संबंधित आधिकारिक निर्देशों की जानकारी पहले से जुटा लें। भर्ती स्थल पर समय से पहुंचना और निर्धारित नियमों का पालन करना प्रक्रिया को आसान बनाने में मदद करेगा।









