गोरखपुर/28 सितंबर 2026: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को बच्चों को तकनीक के साथ किताबों से जुड़ने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सवालों के जवाब देने और काम को आसान बनाने में मदद कर सकता है, लेकिन सही सवाल करना और जिज्ञासा पैदा करना अच्छी किताबों से ही सीखा जा सकता है। मुख्यमंत्री ने अभिभावकों से भी बच्चों पर अंकों का अनावश्यक दबाव नहीं बनाने की अपील की।
गोरखपुर के मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में एक मीडिया हाउस की ओर से आयोजित बाल मेला सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री ने विज्ञान मॉडल, चित्रकला, निबंध सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले करीब 70 छात्र-छात्राओं को मेडल पहनाकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में लगभग 500 बच्चों ने हिस्सा लिया।
AI के साथ किताबों और समाचार पत्रों से भी जुड़ें बच्चे
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज का समय तकनीक का है और बच्चों को AI समेत नई तकनीकों की जानकारी होनी चाहिए। लेकिन तकनीक पर पूरी तरह निर्भर रहना उचित नहीं है।
उन्होंने बच्चों से अच्छी किताबें और समाचार पत्र पढ़ने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि किताबें केवल जानकारी नहीं देतीं, बल्कि सोचने और सवाल पूछने की आदत भी विकसित करती हैं। हिंदी और अंग्रेजी के समाचार पत्र पढ़ने से भाषा, व्याकरण और सामान्य ज्ञान को बेहतर बनाने में मदद मिलती है।
उन्होंने बच्चों को अपने आसपास की चीजों के बारे में जानने की जिज्ञासा बनाए रखने की सलाह दी।
अंकों के दबाव में बच्चों का खेलना और सोना प्रभावित न हो
मुख्यमंत्री ने अभिभावकों से कहा कि बच्चों पर पढ़ाई और अंकों का ऐसा दबाव नहीं होना चाहिए, जिससे उनका सामान्य जीवन प्रभावित हो जाए।
उन्होंने कहा कि अंक महत्वपूर्ण हैं, लेकिन उनके पीछे भागने की एक सीमा होनी चाहिए। बच्चों का खेलना, सोना और समय पर खाना-पीना भी उतना ही जरूरी है। पढ़ाई के साथ खेल और अन्य रचनात्मक गतिविधियों के लिए भी बच्चों को अवसर मिलना चाहिए।
असफलता से घबराएं नहीं, प्रयास जारी रखें
योगी आदित्यनाथ ने बच्चों को पूर्व राष्ट्रपति और वैज्ञानिक डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का उदाहरण देते हुए कहा कि कलाम वायुसेना में फाइटर पायलट बनना चाहते थे, लेकिन अपने प्रयास में सफल नहीं हुए। इसके बावजूद उन्होंने निराश होकर प्रयास छोड़ नहीं दिया।
बाद में उन्होंने देश के प्रमुख वैज्ञानिकों में स्थान बनाया और राष्ट्रपति पद तक पहुंचे। मुख्यमंत्री ने कवि सोहनलाल द्विवेदी की प्रसिद्ध पंक्ति ‘कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती’ का उल्लेख करते हुए बच्चों से असफलताओं से सीखने और लगातार प्रयास करते रहने को कहा।
मुख्यमंत्री का संदेश साफ था—एक परीक्षा या एक असफलता किसी बच्चे की पूरी क्षमता तय नहीं करती।
यूपी में 9.5 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी का दावा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में उत्तर प्रदेश में रोजगार और भर्ती के क्षेत्र में हुए बदलावों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि करीब साढ़े नौ वर्ष पहले प्रदेश के युवाओं के सामने पहचान का संकट था और सरकारी विभागों में बड़ी संख्या में पद खाली थे।
उन्होंने दावा किया कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में विभिन्न विभागों में साढ़े नौ लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है। मुख्यमंत्री के अनुसार, अकेले उत्तर प्रदेश पुलिस में 2.30 लाख से अधिक भर्तियां हुई हैं।
योगी ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और प्रशिक्षण क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया गया है।
दंगे और कर्फ्यू का दौर खत्म होने का मुख्यमंत्री का दावा
कानून-व्यवस्था का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में दंगे और कर्फ्यू की स्थिति बार-बार सामने आती थी। उनके अनुसार, आज उत्तर प्रदेश सुरक्षित वातावरण की ओर आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने इसे सरकार की इच्छाशक्ति और प्रयासों का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश कभी देश के पिछड़े राज्यों में गिना जाता था, जबकि अब प्रदेश शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। उन्होंने अर्थव्यवस्था और प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि का भी उल्लेख किया।
120 से बढ़कर 24 हजार से अधिक हुए स्टार्टअप
मुख्यमंत्री ने युवाओं के बदलते रोजगार नजरिए पर भी बात की। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में करीब 120 स्टार्टअप थे, जबकि अब इनकी संख्या 24 हजार से अधिक हो गई है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश का युवा अब सिर्फ नौकरी तलाशने वाला नहीं रह गया है, बल्कि स्टार्टअप शुरू करके दूसरे युवाओं के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर रहा है।
गोरखपुर के टेराकोटा उत्पादों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) जैसी पहल से स्थानीय कारीगरों और उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने में मदद मिली है।
मुख्यमंत्री ने यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का भी जिक्र किया। उनके अनुसार, इसमें 2,400 से अधिक प्रदर्शक हिस्सा ले रहे हैं और 90 देशों से 650 से अधिक विदेशी खरीदार पहुंचे हैं।
550 खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी देने की बात
मुख्यमंत्री ने खेलों को करियर के रूप में अपनाने वाले युवाओं का भी उत्साह बढ़ाया। उन्होंने कहा कि सरकार खिलाड़ियों को खेल के साथ रोजगार और सम्मान देने की दिशा में काम कर रही है।
योगी ने बताया कि अब तक 550 खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है और अगले सप्ताह 500 से अधिक खिलाड़ियों को फिर सरकारी नौकरी देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
उन्होंने हॉकी खिलाड़ी ललित उपाध्याय और राजकुमार पाल का उदाहरण देते हुए बताया कि पदक जीतने के बाद दोनों को पुलिस उपाधीक्षक के पद पर नियुक्त किया गया।
बच्चों को अपने शहर की विरासत जानने की सलाह
मुख्यमंत्री ने बच्चों से केवल किताबों तक सीमित न रहने, बल्कि अपने शहर और उसकी विरासत को भी समझने की अपील की। उन्होंने गोरखनाथ मंदिर, गीता प्रेस, रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट और रामगढ़ताल जैसे स्थानों का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि बच्चों को इन स्थानों के इतिहास, महत्व और वहां होने वाले कामों को समझने की कोशिश करनी चाहिए। इससे अपने शहर के प्रति जुड़ाव और जिज्ञासा दोनों बढ़ेंगे।
सम्मान पाने वालों में बेटियों की संख्या अधिक
मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्यक्रम में सम्मान पाने वाले बच्चों में बेटियों की संख्या अधिक है। उन्होंने कहा कि बेटियों को अवसर और उचित मंच मिले तो वे अपनी प्रतिभा के बल पर आगे बढ़ सकती हैं।
उन्होंने सांसद रवि किशन से बच्चों को शूटिंग स्थल पर ले जाकर फिल्म निर्माण की प्रक्रिया समझाने का भी अनुरोध किया।
सांसद रवि किशन ने कहा कि सम्मान के लिए ऐसे बच्चों का चयन किया गया है, जिन्होंने अपनी प्रतिभा से कुछ अलग करने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि गोरखपुर में बच्चों को आगे बढ़ने के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
कार्यक्रम में सांसद रवि किशन शुक्ला, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, विधायक विपिन सिंह, मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. अनुपमा कौशिक शर्मा सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।










