लखनऊ, 19 फरवरी 2026 (गुरुवार)। तकनीक के तेजी से बदलते इस दौर में उत्तर प्रदेश खुद को भविष्य की जरूरतों के मुताबिक ढालने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाता नजर आ रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मानव-केंद्रित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विजन ‘MANAV’ की खुलकर सराहना करते हुए कहा है कि राज्य सरकार इस सोच को जमीन पर उतारने के लिए गंभीरता से काम कर रही है। खास बात यह है कि इसी दृष्टिकोण के तहत AI सिटी लखनऊ के रूप में देश की पहली कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित स्मार्ट नगरी विकसित की जा रही है।
दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा किए गए संदेश में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा प्रस्तुत ‘M.A.N.A.V.’ विजन केवल तकनीकी विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि यह नैतिकता, समावेशन और जवाबदेही जैसे मानवीय मूल्यों के साथ नवाचार को जोड़ने की एक दूरदर्शी पहल है। उनका मानना है कि AI का भविष्य तभी सार्थक होगा जब वह मानव जीवन को आसान बनाए, न कि जटिल।
मुख्यमंत्री ने बताया कि AI सिटी लखनऊ को विश्वस्तरीय नवाचार और प्रौद्योगिकी अनुसंधान के केंद्र के रूप में तैयार किया जा रहा है, जहां स्टार्टअप्स, टेक्नोलॉजी कंपनियां और रिसर्च संस्थान एक साझा इकोसिस्टम में काम करेंगे। इसके साथ ही उन्नाव जिले में देश के पहले एआई-समर्थित बहुविषयक विश्वविद्यालय की शुरुआत की गई है, जिसका उद्देश्य युवाओं को भविष्य की तकनीकी चुनौतियों के लिए तैयार करना है।
राज्य सरकार की ‘एआई प्रज्ञा’ पहल के तहत अब तक 10 लाख से अधिक युवाओं को अत्याधुनिक डिजिटल और तकनीकी कौशल प्रदान किए जा रहे हैं। इससे न केवल रोजगार की नई संभावनाएं खुलेंगी, बल्कि उत्तर प्रदेश के युवा वैश्विक प्रतिस्पर्धा में भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा सकेंगे।
वहीं, एआई तकनीक का प्रभाव अब केवल शिक्षा और उद्योग तक सीमित नहीं रहा। प्रदेश में एक मिलियन से अधिक किसान परिवारों की कृषि उत्पादकता बढ़ाने में भी AI आधारित समाधान अहम भूमिका निभा रहे हैं। राजस्व प्रबंधन, आंतरिक सुरक्षा और स्मार्ट गवर्नेंस जैसे क्षेत्रों में भी तकनीक आधारित पारदर्शिता को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे प्रशासन अधिक जवाबदेह और जन-केंद्रित बन सके।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश, भारत के सुरक्षित, संप्रभु और स्केलेबल एआई भविष्य के निर्माण में एक रणनीतिक भूमिका निभाने के लिए तैयार है। राज्य का उद्देश्य केवल तकनीकी उन्नति हासिल करना नहीं, बल्कि ऐसी AI प्रणाली विकसित करना है जो समाज के हर वर्ग के हित में काम करे।








