राष्ट्रीय उत्तर प्रदेश राज्य अंतरराष्ट्रीय खेल मनोरंजन एजुकेशन बिजनेस राशिफल

---Advertisement---

वित्तीय अनुशासन पर CM योगी का बड़ा बयान: सरकारी पैसे का लीकेज रोका, भ्रष्टाचार पर लगाया प्रभावी अंकुश

On: February 20, 2026
Follow Us:
वित्तीय अनुशासन पर CM योगी का बड़ा बयान
---Advertisement---

लखनऊ, 20 फरवरी 2026 (शुक्रवार): उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के अंतिम दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए राज्य की आर्थिक स्थिति और सरकार की वित्तीय नीतियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। सदन में बोलते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनकी सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में सरकारी धन के लीकेज को रोकने, भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाने और मजबूत वित्तीय अनुशासन स्थापित करने का कार्य किया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस बार का बजट प्रदेश के इतिहास में विशेष महत्व रखता है, क्योंकि पहली बार किसी मुख्यमंत्री को लगातार दसवीं बार बजट प्रस्तुत करने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि बजट सत्र के दौरान सत्ता पक्ष के 109 और विपक्ष के 58 सदस्यों सहित कुल 167 से अधिक विधायकों ने चर्चा में भाग लिया, जो लोकतांत्रिक परंपराओं की मजबूती को दर्शाता है।

सदन में अपनी बात रखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 में जब राज्य सरकार ने लघु एवं सीमांत किसानों की कर्जमाफी का निर्णय लिया था, तब यह सवाल उठे थे कि इसके लिए संसाधन कहां से आएंगे। उन्होंने बताया कि सरकार ने बिना किसी बैंक या वित्तीय संस्था से ऋण लिए, बजटीय संसाधनों के माध्यम से लगभग 86 लाख किसानों के एक लाख रुपये तक के कर्ज माफ किए। उन्होंने इसे बेहतर वित्तीय प्रबंधन और अनुशासित बजट प्रणाली का उदाहरण बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने पर्सनल लेजर अकाउंट (PLA) प्रणाली में सुधार कर योजनाओं में अनावश्यक धन संचय की प्रवृत्ति को समाप्त किया है। अब केवल आवश्यकता के अनुसार ही धन जारी किया जाता है, जिससे वित्तीय पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हुई है। उन्होंने यह भी बताया कि भारतीय रिजर्व बैंक की गाइडलाइंस का अक्षरशः पालन किया जा रहा है, जिसके चलते राजकोषीय प्रबंधन संतुलित हुआ है और विकास परियोजनाओं को गति मिली है।

प्रदेश की बैंकिंग प्रणाली का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2016-17 में राज्य का क्रेडिट-डिपॉजिट (CD) रेशियो लगभग 43 से 44 प्रतिशत था, जो अब बढ़कर 61 से 62 प्रतिशत तक पहुंच चुका है। इसका सीधा अर्थ है कि प्रदेश के नागरिकों द्वारा बैंकों में जमा की गई राशि अब राज्य के भीतर ही निवेश के रूप में उपयोग हो रही है। इससे स्थानीय स्तर पर उद्योग, व्यापार और स्वरोजगार के अवसरों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि उत्तर प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है। वर्ष 2016-17 में यह आंकड़ा लगभग ₹43,000 था, जो वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंत तक बढ़कर ₹1,20,000 से अधिक होने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि यह परिवर्तन सरकार की स्पष्ट नीति, पारदर्शी कार्यशैली और शुद्ध नीयत का परिणाम है।

उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष 2016-17 में प्रदेश का राजकोषीय घाटा 4 प्रतिशत से अधिक था, जिसे अब नियंत्रित करते हुए राज्य की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी गई है। सरकार का लक्ष्य वित्तीय वर्ष 2026-27 में राज्य की सकल घरेलू उत्पाद (GSDP) को 40 लाख करोड़ रुपये के पार ले जाने का है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो चुका है और यहां विकसित हो रहा बुनियादी ढांचा, कुशल मानव संसाधन और सस्ती श्रमशक्ति बड़े औद्योगिक निवेश को आकर्षित करने में सहायक सिद्ध हो रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि वित्तीय अनुशासन और पारदर्शी नीतियों के चलते प्रदेश की विकास यात्रा आने वाले वर्षों में और अधिक गति पकड़ेगी।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now