कानपुर/13 सितंबर 2026: कानपुर के छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) में आयोजित दो दिवसीय एआई मंथन 2.0 का रविवार को समापन हो गया। समापन समारोह में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल शामिल हुईं। उन्होंने वैलेडिक्टरी संबोधन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के तेजी से बढ़ते प्रभाव, इसके व्यावहारिक उपयोग और भविष्य की संभावनाओं पर अपने विचार रखे। इस दौरान उन्होंने बीओबी हैकाथॉन के विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
12 और 13 सितंबर को आयोजित एआई मंथन 2.0 में प्रदेश के राज्य, कृषि, तकनीकी और चिकित्सा विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों के अलावा विशेषज्ञ, शिक्षाविद, उद्योग जगत से जुड़े लोग और विद्यार्थी शामिल हुए। आयोजन में 450 से अधिक प्रतिनिधियों की भागीदारी की जानकारी दी गई।
एआई मंथन 2.0 में शिक्षा से लेकर कृषि और चिकित्सा तक पर मंथन
दो दिवसीय सम्मेलन के दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल को लेकर अलग-अलग क्षेत्रों पर विस्तार से चर्चा हुई। शिक्षा, कृषि, चिकित्सा, शोध, उद्योग और शासन जैसे क्षेत्रों में एआई किस तरह कामकाज को अधिक प्रभावी बना सकता है, इस पर विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए।
शिक्षा के क्षेत्र में एआई आधारित शिक्षण और मूल्यांकन, कृषि में तकनीकी समाधान, स्वास्थ्य सेवाओं में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के इस्तेमाल तथा विश्वविद्यालयों में एआई आधारित प्रशासन जैसे विषय सम्मेलन के प्रमुख हिस्से रहे। आयोजन का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य अकादमिक शोध और तकनीकी नवाचार को उद्योग की जरूरतों से जोड़ना भी रहा।
सम्मेलन में इस बात पर भी जोर दिया गया कि एआई की उपयोगिता जितनी तेजी से बढ़ रही है, उतनी ही गंभीरता से इसके जिम्मेदार इस्तेमाल पर विचार करने की जरूरत है। तकनीक का लाभ समाज तक पहुंचे, लेकिन उसके इस्तेमाल में सुरक्षा, विश्वसनीयता और मानवीय जिम्मेदारी बनी रहे—यह चर्चा का अहम हिस्सा रहा।
आईआईटी कानपुर के निदेशक ने एआई की बदलती तस्वीर पर रखे विचार
कार्यक्रम में आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रो. मणिंद्र अग्रवाल समेत विभिन्न संस्थानों से जुड़े विशेषज्ञों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के तेजी से बदलते स्वरूप पर चर्चा की। विशेषज्ञों ने एआई की बढ़ती क्षमताओं और विभिन्न क्षेत्रों में इसके संभावित प्रभावों को रेखांकित करते हुए सुरक्षित एवं जिम्मेदार इस्तेमाल की आवश्यकता बताई।
दरअसल, एआई अब केवल प्रयोगशालाओं या तकनीकी कंपनियों तक सीमित विषय नहीं रह गया है। शिक्षा से लेकर स्वास्थ्य, खेती से लेकर प्रशासन और शोध से लेकर उद्योग तक इसकी भूमिका लगातार बढ़ रही है। ऐसे में विश्वविद्यालयों में इस तरह के मंच तकनीक और उसके सामाजिक प्रभावों पर एक साथ चर्चा का अवसर दे रहे हैं।
हैकाथॉन विजेताओं को राज्यपाल ने किया सम्मानित
समापन समारोह में बीओबी हैकाथॉन के विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान किए गए। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने विजेताओं को सम्मानित किया। इसके बाद निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार उन्होंने वैलेडिक्टरी संबोधन दिया।
एआई मंथन 2.0 के दौरान प्रदेश के विभिन्न संस्थानों की ओर से विकसित एआई आधारित स्टार्टअप और मॉडल भी प्रदर्शित किए गए। राज्यपाल ने प्रदर्शनी का निरीक्षण किया और विद्यार्थियों तथा संस्थानों की ओर से तैयार किए गए तकनीकी समाधानों के बारे में जानकारी ली।
एआई को भविष्य की जरूरत के तौर पर देखने का संदेश
समापन समारोह में एआई को महज तकनीकी बदलाव के रूप में देखने के बजाय इसे शिक्षा, शोध, शासन और समाज के लिए उपयोगी बनाने पर जोर दिया गया। सम्मेलन ने अकादमिक संस्थानों, तकनीकी विशेषज्ञों, स्टार्टअप और उद्योग जगत को एक साझा मंच पर लाने का काम किया।
सीएसजेएमयू में आयोजित एआई मंथन 2.0 से यह संकेत भी मिला कि उच्च शिक्षा संस्थान अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता को केवल पढ़ाई का विषय नहीं, बल्कि शोध, नवाचार और भविष्य की कार्यप्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा मानकर आगे बढ़ रहे हैं।









