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लोहिया संस्थान के 194 तकनीकी कर्मियों का इंतजार खत्म, CM योगी के हाथों नियुक्ति पत्र पाकर खिले चेहरे

On: September 13, 2026
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CM योगी के हाथों नियुक्ति पत्र पाकर खिले चेहरे
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लखनऊ/13 सितंबर 2026: लखनऊ के डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के षष्ठम स्थापना दिवस पर रविवार को 194 तकनीकी कर्मियों के लिए वह दिन आया, जिसका वे लंबे समय से इंतजार कर रहे थे। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र मिलते ही युवाओं के चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी।

इन अभ्यर्थियों की कहानी इसलिए भी खास है क्योंकि कई चयनित युवाओं के मुताबिक आवेदन से लेकर नियुक्ति तक की प्रक्रिया अपेक्षाकृत कम समय में पूरी हुई। करीब 1,180 रुपये आवेदन शुल्क खर्च कर परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों में से कई को लगभग डेढ़ महीने के भीतर नियुक्ति पत्र मिल गया। चयनित युवाओं ने भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बताते हुए कहा कि उन्हें अपनी योग्यता और मेहनत के आधार पर अवसर मिलने का भरोसा मजबूत हुआ है।

लोहिया संस्थान भर्ती में 194 तकनीकी कर्मियों को मिला नियुक्ति पत्र

षष्ठम स्थापना दिवस समारोह में लोहिया संस्थान भर्ती के तहत तकनीकी संवर्ग के 194 चयनित कार्मिकों को नियुक्ति पत्र दिए गए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चयनित अभ्यर्थियों से मुलाकात की और उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं।

नियुक्ति पत्र पाने वाले युवाओं के लिए यह सिर्फ सरकारी नौकरी मिलने का अवसर नहीं था। मंच से जब उनके नाम पुकारे गए और मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र मिला तो उनकी मेहनत का परिणाम सामने था। कई अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया की गति और पारदर्शिता को लेकर संतोष जताया।

1180 रुपये में परीक्षा, करीब डेढ़ महीने में नौकरी

बिहार निवासी और ओटी टेक्नीशियन पद पर चयनित प्रिंस कुमार ने बताया कि आवेदन के दौरान उन्हें करीब 1,180 रुपये खर्च करने पड़े। इसके बाद परीक्षा, परिणाम और दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया पूरी हुई और अब नियुक्ति पत्र उनके हाथ में है।

प्रिंस के मुताबिक जुलाई के अंतिम सप्ताह में परीक्षा हुई थी और 13 सितंबर को उन्हें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों नियुक्ति पत्र मिला। उनके लिए परीक्षा से नियुक्ति तक की प्रक्रिया का इतने कम समय में पूरा होना खास अनुभव रहा।

उन्होंने भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बताते हुए कहा कि बिना किसी अनावश्यक खर्च के उन्हें अपनी योग्यता के आधार पर नौकरी मिली। उनके मुताबिक इससे युवाओं में यह विश्वास पैदा होता है कि मेहनत और तैयारी के दम पर सरकारी नौकरी हासिल की जा सकती है।

युवाओं ने कहा- मेहनत का परिणाम मिलने का भरोसा बढ़ा

एमएलटी पद पर चयनित आयुष शुक्ला ने भी चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता की सराहना की। उनका कहना था कि परीक्षा में पात्रता पूरी करने और सफल होने वाले अभ्यर्थियों को ही आगे चयन का अवसर मिल रहा है।

युवाओं के लिए सरकारी नौकरी की तैयारी अक्सर लंबी प्रक्रिया होती है। ऐसे में जब चयन प्रक्रिया स्पष्ट और समयबद्ध तरीके से पूरी होती है तो अभ्यर्थियों का व्यवस्था पर भरोसा बढ़ता है। आयुष के मुताबिक पारदर्शिता से युवाओं को यह विश्वास मिलता है कि मेहनत का परिणाम जरूर मिलेगा।

राजस्थान निवासी रेडियोलॉजी टेक्नीशियन जितेंद्र सैनी ने भी चयन प्रक्रिया को लेकर संतोष जताया। उन्होंने कहा कि पारदर्शी चयन से विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ता है। मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र मिलना उनके लिए गर्व का क्षण रहा।

स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार से बढ़ रहे रोजगार के अवसर

मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नीशियन के पद पर चयनित गौरव कुमार झा ने स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार को रोजगार के अवसरों से जोड़कर देखा। उन्होंने कहा कि लोहिया संस्थान और एसजीपीजीआई जैसे बड़े चिकित्सा संस्थानों में सुविधाओं का लगातार विस्तार हो रहा है।

देश के अलग-अलग हिस्सों से मरीज बेहतर उपचार के लिए लखनऊ पहुंचते हैं। ऐसे में चिकित्सा संस्थानों में सुविधाएं बढ़ने के साथ डॉक्टरों के अलावा तकनीकी और पैरामेडिकल स्टाफ की जरूरत भी बढ़ती है। गौरव के अनुसार इससे प्रशिक्षित युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खुल रहे हैं।

उन्होंने चिकित्सा क्षेत्र में आधुनिक तकनीक को तेजी से अपनाए जाने की भी सराहना की। उनका कहना था कि नई तकनीकों के इस्तेमाल से जांच और उपचार की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।

एक जिला, एक मेडिकल कॉलेज से ग्रामीण क्षेत्रों को उम्मीद

टेक्निकल ऑफिसर (परफ्यूजन) पद पर चयनित अनुज कुमार शुक्ला ने मुख्यमंत्री द्वारा बताए गए ‘एक जिला, एक मेडिकल कॉलेज’ के लक्ष्य को ग्रामीण आबादी के लिए महत्वपूर्ण बताया।

उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेजों और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार होने से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को गंभीर उपचार के लिए बड़े शहरों की ओर लंबी दूरी तय करने की जरूरत कम होगी। उनके मुताबिक एक तरफ चिकित्सा संस्थानों की क्षमता बढ़ रही है तो दूसरी ओर इन संस्थानों में रोजगार के अवसर भी पैदा हो रहे हैं।

अनुज के लिए मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र हासिल करना नौकरी मिलने से कहीं आगे का अनुभव रहा। उन्होंने इसे गौरव और प्रेरणा का अवसर बताया।

नियुक्ति के साथ जिम्मेदारी भी बढ़ी

लोहिया संस्थान के स्थापना दिवस पर नियुक्ति पत्र पाने वाले 194 तकनीकी कर्मियों की खुशी के बीच इस बात की अहमियत भी सामने आई कि स्वास्थ्य क्षेत्र में किसी कर्मचारी की भूमिका सीधे मरीजों की सेवा से जुड़ी होती है। भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब इन युवाओं के सामने अपनी तकनीकी दक्षता को मरीजों की बेहतर देखभाल में इस्तेमाल करने की जिम्मेदारी होगी।

लोहिया संस्थान में चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार के साथ नए तकनीकी कर्मियों की नियुक्ति को इसी व्यापक बदलाव का हिस्सा माना जा रहा है। युवाओं के लिए यह रोजगार का अवसर है तो संस्थान के लिए बढ़ती स्वास्थ्य सेवाओं को संभालने के लिए अतिरिक्त मानव संसाधन।

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