लखनऊ/27 सितंबर 2026: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लखनऊ में विश्व हिंदू परिषद के पूर्व अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक सिंघल के जन्म शताब्दी वर्ष के उद्घाटन समारोह में विपक्षी दलों पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने कहा कि राम मंदिर आंदोलन से जुड़े कार्यों में ऐसे लोग भी प्रवेश कर सकते हैं, जो बाद में इसे बदनाम करने का प्रयास करें। योगी ने रामायण के पात्र कालनेमि का उदाहरण देते हुए कहा कि “रामकाज में कालनेमि भी घुसेंगे, इनसे सावधान रहने की आवश्यकता है।”
गोमतीनगर स्थित सिटी मांटेसरी स्कूल के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में अशोक सिंघल के जीवन पर आधारित डॉक्यूमेंट्री भी प्रदर्शित की गई। विश्व हिंदू परिषद ने 27 सितंबर 2026 से उनके जन्म शताब्दी वर्ष के कार्यक्रम शुरू किए हैं। अशोक सिंघल का जन्म 27 सितंबर 1926 को आगरा में हुआ था।
रामकाज में कालनेमि से सावधान रहने की जरूरत: योगी
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि राम मंदिर के शिलान्यास और रामलला के प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम में दोनों दलों से जुड़े लोग नहीं पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके पीछे राजनीतिक कारण और वोटबैंक की चिंता थी। योगी ने इसी संदर्भ में कहा कि रामकाज में कालनेमि भी घुसेंगे, इसलिए ऐसे लोगों से सावधान रहने की जरूरत है।
योगी ने कहा कि राम मंदिर आंदोलन को बदनाम करने की कोशिश करने वालों को पहचानना जरूरी है। उन्होंने कहा कि रामभक्तों पर गोली चलाने वालों की ओर से खुद को रामभक्त बताने का प्रयास किया जाना विश्व हिंदू परिषद की वैचारिक विजय के रूप में देखा जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अशोक सिंघल ने 1980 के दशक में जिस विचार और अभियान की शुरुआत की, वह आगे चलकर व्यापक आंदोलन में बदल गया। उन्होंने कहा कि सिंघल ने राम मंदिर आंदोलन के दौरान अलग-अलग हिस्सों में बिखरे लोगों को एकजुट करने का काम किया।
1990 की घटना का किया उल्लेख
योगी आदित्यनाथ ने 2 नवंबर 1990 की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय राम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़े कारसेवकों पर गोली चलाई गई थी। उनके अनुसार, ऐसे कठिन दौर में अशोक सिंघल पीछे नहीं हटे और आंदोलन से जुड़े लोगों के बीच नेतृत्व की भूमिका निभाते रहे। समकालीन रिपोर्टों में भी सिंघल को राम जन्मभूमि आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल बताया गया है।
मुख्यमंत्री ने अपने गुरु महंत अवैद्यनाथ के साथ अशोक सिंघल की बैठकों का भी स्मरण किया। उन्होंने कहा कि गोरखपुर और कारसेवकपुरम में राम मंदिर आंदोलन से जुड़े विषयों पर कई बैठकें होती थीं।
अयोध्या के विकास का भी किया जिक्र
योगी ने अपने संबोधन में अयोध्या में हुए विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले वहां कई गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाए जाते थे, जबकि अब दीपोत्सव जैसे बड़े आयोजन होते हैं।
उन्होंने रामपथ, धर्मपथ, भक्तिपथ और जन्मभूमि पथ को फोरलेन से जोड़ने, महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट तथा विभिन्न धार्मिक और यात्री सुविधाओं का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या में विकास और धार्मिक पर्यटन से जुड़े बुनियादी ढांचे का विस्तार हुआ है।
उन्होंने अयोध्या को सोलर सिटी के रूप में विकसित किए जाने का भी जिक्र किया।
गोसंरक्षण को लेकर भी बोले मुख्यमंत्री
समारोह में मुख्यमंत्री ने गोसंरक्षण का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में अवैध बूचड़खानों के खिलाफ कार्रवाई की गई और गोशालाओं के निर्माण तथा गोवंश संरक्षण के लिए सरकारी स्तर पर काम किया गया।
योगी के अनुसार, प्रदेश में 7,700 से अधिक गोशालाओं का निर्माण कराया गया है और इनमें करीब 16 लाख गोवंश के संरक्षण की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने कहा कि अशोक सिंघल के सान्निध्य में गोसेवा के बारे में जो सीखा, उसे अब धरातल पर लागू करने का प्रयास किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने गाय को लेकर ज्ञापन देने वालों पर भी टिप्पणी की और कहा कि गोसंरक्षण केवल भाषण या सड़क पर आंदोलन का विषय नहीं होना चाहिए, बल्कि इसे सेवा और संरक्षण के काम से जोड़ा जाना चाहिए।
समारोह में संतों और विहिप पदाधिकारियों की मौजूदगी
अशोक सिंघल जन्म शताब्दी समारोह में विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय संगठन महामंत्री मिलिंद परांडे, आरएसएस के प्रांत प्रचारक कौशल, संत श्रीकृष्ण शाह विद्यार्थी, रविंद्र कीर्ति स्वामी, भंते शीलरत्न, सरदार निर्मल सिंह, महंत अवधेश दास, महंत धर्मेंद्र दास, महंत दिव्य गिरि सहित कई संत और पदाधिकारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम में विहिप के प्रांत अध्यक्ष कन्हैया लाल अग्रवाल, क्षेत्र संगठन मंत्री गजेंद्र, प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और एमएलसी महेंद्र सिंह समेत अन्य लोग भी शामिल हुए।
अशोक सिंघल की जन्म शताब्दी वर्ष की शुरुआत 27 सितंबर 2026 से हुई है। विहिप ने इस वर्ष को उनके जीवन, सामाजिक कार्यों और संगठनात्मक योगदान को याद करने के साथ विभिन्न कार्यक्रमों से जोड़ने की घोषणा की है।









