अयोध्या, 19 अक्टूबर 2025। प्रकाश और आस्था की नगरी अयोध्या रविवार की शाम एक बार फिर इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में आयोजित Ayodhya Deepotsav 2025 में जब 26,17,215 दीप एक साथ प्रज्वलित हुए, तो सरयू तट से लेकर राम की पैड़ी तक का हर कोना दिव्यता से नहा उठा।
इस रिकॉर्ड के साथ अयोध्या ने न केवल अपना ही पुराना गिनीज रिकॉर्ड तोड़ा, बल्कि पूरी दुनिया को एक बार फिर यह संदेश दिया कि श्रद्धा और तकनीक का संगम कैसा दिखता है।
🌟 दो विश्व रिकॉर्ड एक साथ
दीपोत्सव 2025 ने दो नए गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम किए।
पहला — एक ही स्थान पर 26,17,215 दीपों का प्रज्ज्वलन, जो पिछले वर्ष (25,12,585 दीपों) के रिकॉर्ड से अधिक रहा।
दूसरा — 2128 वेदाचार्यों और अर्चकों द्वारा सामूहिक सरयू आरती, जो अब तक की सबसे बड़ी धार्मिक सामूहिक आरती मानी जा रही है।
गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में जब इन उपलब्धियों की घोषणा हुई, तो पूरा माहौल “जय श्रीराम” के उद्घोषों से गूंज उठा। सरयू की लहरों पर झिलमिलाते दीपों की कतारें मानो स्वयं मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के स्वागत में नृत्य कर रही थीं।
🔱 योगी आदित्यनाथ का विज़न और प्रतिबद्धता
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के चेहरे पर उस वक्त भावनाओं का अद्भुत मिश्रण था — गर्व, संतोष और कृतज्ञता। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह और प्रमुख सचिव अमृत अभिजात ने गिनीज रिकॉर्ड का प्रमाणपत्र सौंपा तो योगी ने मुस्कुराते हुए दोनों हाथ उठाकर जनता का अभिवादन किया।
उन्होंने कहा, “दीपोत्सव सिर्फ अयोध्या का नहीं, पूरे भारत की आत्मा का उत्सव है।”
2017 से शुरू हुआ यह दीपोत्सव वर्ष दर वर्ष नया आयाम छूता गया। योगी सरकार के पहले कार्यकाल से लेकर अब तक दीपों की संख्या नौ वर्षों में लगभग पंद्रह गुना बढ़ी — यह न सिर्फ आयोजन का विस्तार दर्शाती है, बल्कि प्रदेश की बढ़ती समृद्धि और सहभागिता का भी प्रतीक है।
🪔 वर्ष दर वर्ष बढ़ते उजाले
| वर्ष | प्रज्ज्वलित दीपों की संख्या |
|---|---|
| 2017 | 1.71 लाख |
| 2018 | 3.01 लाख |
| 2019 | 4.04 लाख |
| 2020 | 6.06 लाख |
| 2021 | 9.41 लाख |
| 2022 | 15.76 लाख |
| 2023 | 22.23 लाख |
| 2024 | 25.12 लाख |
| 2025 | 26.17 लाख (नया विश्व रिकॉर्ड) |
हर वर्ष बढ़ती रोशनी के साथ अयोध्या का दीपोत्सव न केवल धार्मिक बल्कि सांस्कृतिक और आर्थिक समृद्धि का प्रतीक बन गया है।
🌍 विश्व समुदाय में अयोध्या की गूंज
गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के प्रतिनिधियों ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि इतनी सटीक समन्वय और शुद्धता के साथ दीप प्रज्ज्वलन “अद्वितीय” है।
राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय, स्थानीय कॉलेजों के शिक्षकों-छात्रों, स्वयंसेवी संस्थाओं और प्रशासनिक टीमों की भूमिका भी इस आयोजन में अहम रही।
जैसे ही रिकॉर्ड की घोषणा हुई, अयोध्या की गलियों से लेकर सोशल मीडिया तक “#AyodhyaDeepotsav2025” ट्रेंड करने लगा। देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं ने दीपों के महासागर को अपने कैमरों में कैद किया, और सरयू तट की चमकते जल में भारत की आत्मा प्रतिबिंबित होती दिखी।
🙏 अवधपुरी में फिर बस गए योगी
दीपोत्सव के सृजनकर्ता के रूप में योगी आदित्यनाथ का नाम अब अयोध्या की हर दीवार पर रोशनी की तरह अंकित हो गया है। उन्होंने न केवल दीप जलाए, बल्कि रामनगरी को विश्व पटल पर स्थापित किया।
इस बार का दीपोत्सव केवल रिकॉर्ड का उत्सव नहीं था, बल्कि विश्वास, नेतृत्व और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक बन गया।










