अयोध्या/4 नवंबर 2026: रामनगरी अयोध्या एक बार फिर दीपों की रोशनी से जगमगाने को तैयार है। बृहस्पतिवार से पांच दिवसीय दीपोत्सव का शुभारंभ होगा। इस बार उत्सव का मुख्य आयोजन 7 नवंबर को किया जाएगा, जब राम की पैड़ी के 56 घाटों पर 30 लाख दीप प्रज्ज्वलित करने की तैयारी है। पांच देशों की रामलीला मंडलियां प्रभु श्रीराम के जीवन प्रसंगों का मंचन करेंगी। शोभायात्रा, लेजर शो, प्रोजेक्शन मैपिंग, 2100 ड्रोन और सांस्कृतिक कार्यक्रम दीपोत्सव के प्रमुख आकर्षण होंगे।
सरयू तट से लेकर श्रीराम जन्मभूमि परिसर तक अयोध्या में उत्सव का माहौल बनने लगा है। मंदिरों की नगरी को आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा है। दीपोत्सव के जरिए इस बार धार्मिक आस्था के साथ भारतीय लोक संस्कृति और आधुनिक तकनीक का संगम देखने को मिलेगा।
अयोध्या दीपोत्सव 2026: 56 घाटों पर 30 लाख दीपों की तैयारी
दीपोत्सव के मुख्य आयोजन को भव्य बनाने के लिए राम की पैड़ी के 56 घाटों पर दीप सजाने का काम शुरू किया जा रहा है। घाटों पर दीप पहुंच चुके हैं। इन्हें व्यवस्थित ढंग से बिछाने के लिए बड़ी संख्या में स्वयंसेवक और कर्मचारी जुटे हैं।
7 नवंबर को जब एक साथ लाखों दीप प्रज्ज्वलित होंगे, तब सरयू का तट रोशनी से नहा उठेगा। दीपों की कतारें और जल में उनका प्रतिबिंब रामनगरी के दृश्य को खास बना देंगे। इस आयोजन को लेकर स्थानीय लोगों के साथ देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं में भी उत्साह है।
बृहस्पतिवार से ही लेजर शो, प्रोजेक्शन मैपिंग और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का मंचन शुरू हो जाएगा। पांच दिनों तक चलने वाले इस उत्सव में अयोध्या की धार्मिक पहचान के साथ उसकी सांस्कृतिक विरासत भी प्रदर्शित की जाएगी।
पांच देशों की रामलीला मंडलियां करेंगी मंचन
इस बार अयोध्या दीपोत्सव को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप देने की भी तैयारी है। पांच देशों की रामलीला मंडलियां प्रभु श्रीराम के जीवन से जुड़े प्रसंगों का मंचन करेंगी। अलग-अलग देशों में रामकथा किस तरह लोक परंपराओं का हिस्सा बनी है, इसकी झलक इन प्रस्तुतियों में देखने को मिलेगी।
इसके साथ ही देश के विभिन्न राज्यों के कलाकार लोकनृत्य, संगीत, पारंपरिक वेशभूषा और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए भारत की विविधता को मंच पर उतारेंगे। रामकथा पार्क सहित प्रमुख आयोजन स्थलों पर मंच, दर्शक दीर्घा और प्रकाश व्यवस्था को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर भी दीपों से होगा रोशन
दीपोत्सव की तैयारियां केवल राम की पैड़ी तक सीमित नहीं हैं। श्रीराम जन्मभूमि परिसर को भी आकर्षक रोशनी से सजाया जा रहा है। मंदिर परिसर के पांच जोन में करीब एक लाख दीप प्रज्ज्वलित करने की तैयारी है। परिसर के विभिन्न मंदिरों और प्रमुख स्थलों को भी सजाया जा रहा है।
इस बार उत्सव में आधुनिक तकनीक का खास इस्तेमाल होगा। 2100 ड्रोन के जरिए आकाश में विशेष प्रस्तुतियां दिखाने की तैयारी है। वहीं लेजर शो और प्रोजेक्शन मैपिंग के माध्यम से रामकथा के प्रसंगों को जीवंत किया जाएगा।
आस्था, संस्कृति और तकनीक का संगम बनेगा दीपोत्सव
अयोध्या का दीपोत्सव अब केवल दीप जलाने का आयोजन नहीं रह गया है। इसमें धार्मिक परंपरा, लोक संस्कृति और आधुनिक तकनीक एक साथ नजर आती हैं। पांच दिवसीय आयोजन के दौरान रामनगरी में देश-विदेश के श्रद्धालुओं और पर्यटकों के पहुंचने की उम्मीद है।
सरयू तट पर दीपों की रोशनी, रामलीला का मंचन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां अयोध्या को उत्सव के रंग में रंग देंगी। रामनगरी में तैयारियां अंतिम चरण में हैं और अब सबकी निगाहें 7 नवंबर के मुख्य दीपोत्सव पर टिकी हैं।








