लखनऊ/4 नवंबर 2026: उत्तर प्रदेश में विंध्य एक्सप्रेसवे परियोजना को गति देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। शासन ने एक्सप्रेसवे के लिए भूमि खरीद के मद में 2800 करोड़ रुपये की स्वीकृति दे दी है। इस राशि से गाजीपुर, चंदौली और मीरजापुर में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। परियोजना के लिए संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों के डिपॉजिट खातों में धनराशि जमा की जाएगी।
स्वीकृत बजट में गाजीपुर को 1100 करोड़ रुपये, चंदौली को 1200 करोड़ रुपये और मीरजापुर को 500 करोड़ रुपये मिलेंगे। भूमि खरीद के लिए इतनी बड़ी धनराशि जारी होने से विंध्य एक्सप्रेसवे के निर्माण की तैयारियों को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
विंध्य एक्सप्रेसवे के लिए 2800 करोड़ रुपये मंजूर, तीन जिलों में तेज होगी प्रक्रिया
शासन की ओर से जारी स्वीकृति के अनुसार, विंध्य एक्सप्रेसवे के लिए भूमि खरीद का काम तीन जिलों में आगे बढ़ाया जाएगा। इसके लिए जिलावार बजट निर्धारित किया गया है।
| जिला | स्वीकृत धनराशि |
|---|---|
| गाजीपुर | 1100 करोड़ रुपये |
| चंदौली | 1200 करोड़ रुपये |
| मीरजापुर | 500 करोड़ रुपये |
| कुल | 2800 करोड़ रुपये |
यह धनराशि संबंधित जिलाधिकारियों के डिपॉजिट खातों में जमा की जाएगी। इससे परियोजना के लिए जरूरी जमीन खरीदने की प्रक्रिया में तेजी आएगी। एक्सप्रेसवे के निर्माण की दिशा में भूमि अधिग्रहण एक महत्वपूर्ण चरण है।
सोनभद्र से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे तक जुड़ेगा विंध्य क्षेत्र
विंध्य एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के दक्षिणी और पूर्वी हिस्सों के बीच सड़क संपर्क को बेहतर बनाने वाली महत्वपूर्ण परियोजना है। प्रस्तावित मार्ग सोनभद्र से शुरू होकर चंदौली और गाजीपुर होते हुए पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा।
इस एक्सप्रेसवे के निर्माण से विंध्य क्षेत्र और पूर्वांचल के बीच आवागमन अधिक सुगम होने की उम्मीद है। बेहतर सड़क संपर्क से क्षेत्रीय परिवहन, व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को भी लाभ मिल सकता है।
विंध्य क्षेत्र में सड़क कनेक्टिविटी मजबूत होने से लोगों को लंबी दूरी की यात्रा में सुविधा मिलने की संभावना है। हालांकि, परियोजना की वास्तविक प्रगति भूमि खरीद और निर्माण कार्यों की समयसीमा पर निर्भर करेगी।
झांसी लिंक एक्सप्रेसवे के लिए भी 50 करोड़ रुपये स्वीकृत
विंध्य एक्सप्रेसवे के साथ ही शासन ने झांसी लिंक एक्सप्रेसवे के लिए भी 50 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। यह धनराशि एक्सप्रेसवे के राइट ऑफ वे यानी निर्धारित निर्माण क्षेत्र में आने वाली बाधाओं को हटाने के लिए खर्च की जाएगी।
इन कार्यों में बिजली की ट्रांसमिशन लाइनें, बिजली के खंभे, सरकारी स्कूल, नलकूप और अन्य संरचनाएं शामिल हैं। इन बाधाओं को हटाने से परियोजना के निर्माण कार्य को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
यूपी में एक्सप्रेसवे नेटवर्क के विस्तार पर जोर
उत्तर प्रदेश में सड़क नेटवर्क के विस्तार के लिए विभिन्न एक्सप्रेसवे परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है। विंध्य एक्सप्रेसवे और झांसी लिंक एक्सप्रेसवे को लेकर जारी वित्तीय स्वीकृतियां इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
विंध्य एक्सप्रेसवे से जहां सोनभद्र, मीरजापुर, चंदौली और गाजीपुर के बीच संपर्क बेहतर होने की उम्मीद है, वहीं झांसी लिंक एक्सप्रेसवे से बुंदेलखंड क्षेत्र की कनेक्टिविटी को मजबूती मिल सकती है।
अब इन परियोजनाओं में भूमि खरीद और निर्माण से जुड़ी प्रक्रियाओं पर नजर रहेगी। भूमि अधिग्रहण में तेजी आने से एक्सप्रेसवे निर्माण के अगले चरणों को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो सकता है।








