अयोध्या (रविवार, 1 नवंबर 2026)। रामनगरी अयोध्या एक बार फिर भव्य दीपोत्सव के स्वागत के लिए सजने लगी है। इस बार शहर की खूबसूरती केवल लाखों दीपों की जगमगाहट तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि फूलों की खुशबू और आकर्षक सजावट भी उत्सव की भव्यता में चार चांद लगाएगी। रामपथ से राम की पैड़ी, श्रीरामजन्मभूमि परिसर और प्रमुख मठ-मंदिरों तक फूलों से सजावट की तैयारियां तेज हो गई हैं। सात नवंबर को आयोजित होने वाले दसवें दीपोत्सव को देखते हुए फूलों के बाजार में भी रौनक बढ़ गई है।
दीपोत्सव की तैयारियों का असर अब फूलों की मांग और कीमतों पर साफ दिखाई देने लगा है। सामान्य दिनों में अयोध्या में प्रतिदिन करीब 20 से 25 क्विंटल फूलों की खपत होती है, लेकिन आयोजन के दौरान यह मांग बढ़कर 100 से 150 क्विंटल प्रतिदिन तक पहुंचने का अनुमान है। तीन दिवसीय आयोजन और व्यापक सजावट को मिलाकर करीब 300 क्विंटल फूलों की खपत होने की संभावना जताई जा रही है।
अयोध्या दीपोत्सव में फूलों की मांग ने पकड़ी रफ्तार, एक सप्ताह में महंगे हुए फूल
फूलों की बढ़ती मांग का सीधा असर बाजार पर पड़ा है। पिछले एक सप्ताह के भीतर कई प्रमुख फूलों की कीमतों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। फूल कारोबारी पिंटू मांझी के मुताबिक, दीपोत्सव की तैयारियों के चलते अचानक मांग बढ़ी है। स्थानीय बाजार से आपूर्ति पूरी करना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में कोलकाता, दिल्ली और लखनऊ की फूल मंडियों से भी बड़ी मात्रा में फूल मंगाए जा रहे हैं।
कारोबारियों को उम्मीद है कि दीपोत्सव नजदीक आने के साथ फूलों की खरीदारी और तेज होगी। हालांकि, इस दौरान केवल पर्याप्त मात्रा में फूल उपलब्ध कराना ही चुनौती नहीं है, बल्कि लंबी दूरी से आने वाली खेप की ताजगी बनाए रखना भी कारोबारियों के लिए अहम है।
गेंदा और गुलाब से सजेगी रामनगरी, रजनीगंधा की भी बढ़ी मांग
दीपोत्सव की सजावट में इस बार गेंदे और गुलाब के फूलों की सबसे ज्यादा मांग है। फूल कारोबारी आलोक पाल बताते हैं कि पीले और नारंगी गेंदे का इस्तेमाल तोरण, मालाओं, स्वागत द्वार और मंचों की सजावट में किया जा रहा है। वहीं, लाल गुलाब से विशेष स्थलों को सजाने और अतिथियों के स्वागत की तैयारी है।
इसके अलावा रजनीगंधा, गुलदाउदी, चमेली और अन्य सजावटी फूल भी बाजार में मांग के केंद्र बने हुए हैं। खासतौर पर रजनीगंधा का इस्तेमाल मंचों और विशेष सजावट में किया जा रहा है। अलग-अलग रंगों और किस्मों के फूलों से धार्मिक स्थलों और आयोजन परिसरों को आकर्षक रूप देने की योजना है।
कोलकाता, दिल्ली और लखनऊ की मंडियों से मंगाए जा रहे फूल
रामनगरी में दीपोत्सव के दौरान फूलों की भारी मांग पूरी करने के लिए स्थानीय बाजार के साथ तीन बड़े शहरों की मंडियों पर भी निर्भरता बढ़ गई है। कोलकाता, दिल्ली और लखनऊ से अलग-अलग किस्मों के फूलों की खेप अयोध्या पहुंचाई जा रही है।
पिंटू मांझी के अनुसार, मांग को देखते हुए पहले से ही स्टॉक और आपूर्ति की व्यवस्था की जा रही है। आयोजन के दौरान फूलों की उपलब्धता में किसी तरह की कमी न आए, इसके लिए कारोबारी लगातार मंडियों के संपर्क में हैं। फूलों की ताजगी बनाए रखना भी इस पूरी व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
फूलों की सजावट पर करीब तीन करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान
दीपोत्सव के दौरान अयोध्या को फूलों से सजाने के लिए बड़े स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। अनुमान है कि पूरी रामनगरी की फूलों से साज-सज्जा पर करीब तीन करोड़ रुपये खर्च होंगे। सरयू तट, राम की पैड़ी, रामकथा पार्क, लता चौक, धर्मपथ और प्रमुख मठ-मंदिरों को फूलों से सजाने की योजना है।
श्रीरामजन्मभूमि परिसर में भी विशेष सजावट की जाएगी। राम मंदिर को करीब 50 क्विंटल फूलों से सजाने की तैयारी है। वहीं, नगर निगम अकेले फूलों की सजावट पर 24 लाख रुपये खर्च करेगा। इसके तहत लता चौक और राम की पैड़ी पर आकर्षक सेल्फी प्वाइंट बनाए जाएंगे। टेढ़ीबाजार से लता चौक तक भी फूलों से सजावट की जाएगी।
एक सप्ताह में इतने बढ़ गए फूलों के दाम
दीपोत्सव से पहले फूलों की कीमतों में तेजी आई है। कारोबारियों के मुताबिक, एक सप्ताह पहले की तुलना में प्रमुख फूलों के भाव में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
| फूल का नाम | एक सप्ताह पहले का भाव | वर्तमान भाव |
|---|---|---|
| गेंदा | 40 रुपये प्रति किलो | 70 रुपये प्रति किलो |
| गुलाब | 100 रुपये प्रति किलो | 150 रुपये प्रति किलो |
| रजनीगंधा | 120 रुपये प्रति किलो | 180 रुपये प्रति किलो |
| गुलदाउदी | 60 रुपये प्रति किलो | 100 रुपये प्रति किलो |
| चमेली | 200 रुपये प्रति किलो | 300 रुपये प्रति किलो |
| जिप्सोफिला | 180 रुपये प्रति किलो | 250 रुपये प्रति किलो |
| कमल | 20 रुपये प्रति नग | 30 रुपये प्रति नग |
| आर्किड | 250 रुपये प्रति किलो | 350 रुपये प्रति किलो |
| जरबेरा | 80 रुपये प्रति किलो | 120 रुपये प्रति किलो |
दीपों के साथ फूलों की खुशबू से भी यादगार बनेगा दीपोत्सव
अयोध्या का दीपोत्सव हर साल अपनी भव्यता और सांस्कृतिक आकर्षण के कारण देश-दुनिया का ध्यान खींचता है। इस बार भी तैयारियों का दायरा व्यापक है। लाखों दीपों की रोशनी के बीच फूलों से सजे घाट, मंदिर और प्रमुख मार्ग रामनगरी की सुंदरता को नया रूप देंगे।
फूलों की बढ़ती मांग से स्थानीय कारोबारियों को भी अच्छे व्यापार की उम्मीद है। सात नवंबर को होने वाले दसवें दीपोत्सव से पहले बाजार में जिस तरह हलचल बढ़ी है, उससे साफ है कि इस बार रामनगरी में दीपों के साथ फूलों की खुशबू भी उत्सव का खास आकर्षण बनने वाली है।








