गोरखपुर, रविवार, 1 नवंबर 2026। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को गोरखपुर को विकास परियोजनाओं की बड़ी सौगात दी। उन्होंने गोड़धोइया नाला परियोजना के प्रथम चरण का लोकार्पण किया। इसके साथ ही नाले के दोनों किनारों पर सड़क निर्माण और शहर के 17 वार्डों को कवर करने वाली गोरखपुर सीवरेज योजना जोन-ए थ्री का शिलान्यास भी किया।
असुरन-चारफाटक रोड पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 495.24 करोड़ रुपये की लागत से तैयार गोड़धोइया नाला परियोजना के पहले चरण का उद्घाटन किया। वहीं, परियोजना के दूसरे चरण के लिए 92.72 करोड़ रुपये और नाले के दोनों तरफ सड़क निर्माण के लिए 65.93 करोड़ रुपये की योजनाओं का शिलान्यास किया।
इसके अलावा 721.40 करोड़ रुपये की लागत वाली गोरखपुर सीवरेज योजना जोन-ए थ्री की भी शुरुआत की गई। इस योजना के तहत शहर में लगभग 350 किलोमीटर लंबी सीवर लाइन बिछाई जाएगी और 43,604 घरों को सीवरेज नेटवर्क से जोड़ा जाएगा।
गोरखपुर गोड़धोइया नाला परियोजना: 495.24 करोड़ के पहले चरण का लोकार्पण
गोड़धोइया नाला गोरखपुर की जलनिकासी व्यवस्था से जुड़ी महत्वपूर्ण परियोजनाओं में शामिल है। इसके पहले चरण का काम पूरा होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को इसका लोकार्पण किया।
इस परियोजना पर 495.24 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने दूसरे चरण के लिए 92.72 करोड़ रुपये की परियोजना का शिलान्यास भी किया।
परियोजना का उद्देश्य नाले की जलनिकासी व्यवस्था को बेहतर बनाना और शहर में जलभराव की समस्या से राहत दिलाने की दिशा में काम करना है। दूसरे चरण के कार्य पूरे होने के बाद इस व्यवस्था को और विस्तार मिलने की उम्मीद है।
गोड़धोइया नाला के दोनों तरफ 65.93 करोड़ से बनेंगी सड़कें
नाले के विकास के साथ आसपास के क्षेत्र में आवागमन की सुविधा बेहतर बनाने पर भी ध्यान दिया गया है। मुख्यमंत्री ने गोड़धोइया नाला के दोनों किनारों पर सड़क निर्माण कार्य का शिलान्यास किया।
इस परियोजना पर 65.93 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सड़क बनने से आसपास के इलाकों में आवागमन सुगम होने और स्थानीय लोगों को बेहतर संपर्क सुविधा मिलने की उम्मीद है।
इससे नाले के किनारे विकसित होने वाले क्षेत्र को भी नया स्वरूप मिल सकता है।
721.40 करोड़ की सीवरेज योजना से 17 वार्डों को मिलेगा लाभ
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने गोरखपुर सीवरेज योजना जोन-ए थ्री का भी शिलान्यास किया। इस परियोजना की कुल लागत 721.40 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है।
योजना के तहत शहर के 17 वार्डों को सीवरेज नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। इसके लिए लगभग 350 किलोमीटर लंबी सीवर लाइन बिछाने का प्रस्ताव है।
इस परियोजना से जुड़े प्रमुख आंकड़े इस प्रकार हैं:
| परियोजना का विवरण | जानकारी |
|---|---|
| सीवरेज योजना की लागत | 721.40 करोड़ रुपये |
| शामिल वार्ड | 17 |
| प्रस्तावित सीवर लाइन | लगभग 350 किलोमीटर |
| घरों को कनेक्शन | 43,604 |
योजना के तहत 43,604 घरों से निकलने वाले सीवेज पाइप को मुख्य सीवर लाइन से जोड़ा जाएगा। इससे घरों से निकलने वाले गंदे पानी के व्यवस्थित निस्तारण में मदद मिलने की उम्मीद है।
जलनिकासी और सीवरेज व्यवस्था मजबूत होने से शहर को मिलेगी राहत
गोरखपुर जैसे तेजी से विस्तार कर रहे शहर में जलनिकासी और सीवरेज की बेहतर व्यवस्था बेहद जरूरी है। बारिश के दौरान जलभराव और गंदे पानी के उचित निस्तारण की समस्या का सीधा असर आम लोगों की दिनचर्या और स्वास्थ्य पर पड़ता है।
गोड़धोइया नाला परियोजना और सीवरेज योजना के माध्यम से शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की कोशिश की जा रही है। नाले का विकास, दोनों तरफ सड़क निर्माण और घरों को सीवर नेटवर्क से जोड़ने का काम पूरा होने पर नागरिक सुविधाओं में सुधार की उम्मीद है।
हालांकि, इन परियोजनाओं का वास्तविक लाभ निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, समय पर पूरा होने और नियमित रखरखाव पर निर्भर करेगा। खासतौर पर 43 हजार से अधिक घरों को सीवरेज नेटवर्क से जोड़ना शहर की स्वच्छता व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण होगा।
गोरखपुर के लिए इन परियोजनाओं का महत्व केवल नए निर्माण तक सीमित नहीं है। जलनिकासी, सड़क संपर्क और सीवरेज जैसी बुनियादी सुविधाओं में सुधार शहर के व्यवस्थित विकास की दिशा में अहम भूमिका निभा सकता है।








