लखनऊ (सोमवार, 2 नवंबर 2026)। रामनगरी अयोध्या में दीपोत्सव की तैयारियों के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस भव्य आयोजन के सामाजिक और आर्थिक महत्व को रेखांकित किया है। उन्होंने कहा कि अयोध्या का दीपोत्सव केवल आस्था और परंपरा का उत्सव नहीं है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई ऊर्जा दे रहा है। यहां प्रज्ज्वलित होने वाला हर दीप किसी कुम्हार के श्रम, किसान की उपज और एक परिवार की आजीविका को रोशनी दे रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि दीपोत्सव के माध्यम से कारीगरों, श्रमिकों और छोटे व्यापारियों के लिए रोजगार तथा कारोबार के नए अवसर तैयार हो रहे हैं। रामनगरी में जलने वाले लाखों दीप मेहनतकश परिवारों के जीवन में खुशहाली की उम्मीद जगा रहे हैं।
अयोध्या दीपोत्सव से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिल रही नई ऊर्जा
सीएम योगी ने कहा कि दीपोत्सव का महत्व धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है। यह आयोजन स्थानीय लोगों की आजीविका और आर्थिक समृद्धि से भी जुड़ रहा है। दीपों की मांग बढ़ने से कुम्हारों को अपने उत्पाद तैयार करने और बेचने का अवसर मिलता है। वहीं, किसानों, श्रमिकों और छोटे कारोबारियों को भी इस आयोजन से आर्थिक गतिविधियों में भागीदारी का मौका मिल रहा है।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, दीपोत्सव की यही विशेषता है कि यह सांस्कृतिक परंपरा को आर्थिक अवसरों में बदलने का माध्यम बन रहा है। एक ओर रामनगरी दीपों से जगमगाती है, तो दूसरी ओर उन दीपों को बनाने वाले परिवारों के घरों में भी खुशहाली की उम्मीद पहुंचती है।
त्योहारों के दौरान स्थानीय उत्पादों की मांग बढ़ना छोटे कारोबारियों के लिए महत्वपूर्ण होता है। ऐसे आयोजनों से स्थानीय हुनर को पहचान मिलने के साथ बाजार तक पहुंच बनाने में भी मदद मिलती है।
2017 से पहले सांस्कृतिक संभावनाओं को आजीविका से जोड़ने का अभाव: योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संदेश में वर्ष 2017 से पहले की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय अयोध्या की सांस्कृतिक संभावनाओं को स्थानीय कारीगरों, किसानों और छोटे व्यापारियों की समृद्धि से जोड़ने के लिए प्रभावी पहल का अभाव था।
उन्होंने कहा कि आस्था के सामर्थ्य को आजीविका के नए अवसरों में बदलने की सोच पर पर्याप्त काम नहीं हुआ। रामनगरी की सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक महत्व का लाभ स्थानीय लोगों तक पहुंचाने के लिए गंभीर प्रयासों की जरूरत थी।
सीएम योगी के अनुसार, अब दीपोत्सव जैसे आयोजनों के जरिए इस दिशा में काम किया जा रहा है। धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों को स्थानीय रोजगार से जोड़ने का प्रयास अयोध्या की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
डबल इंजन सरकार ने बदली रामनगरी की तस्वीर
सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में डबल इंजन सरकार ने अयोध्या की सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान देने का काम किया है। लाखों दीपों से आलोकित होने वाला भव्य दीपोत्सव अब कुम्हारों, श्रमिकों और छोटे व्यापारियों के लिए काम तथा कारोबार के नए अवसर सृजित कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस दीये से रामनगरी जगमगाती है, उसी से किसी श्रमशील परिवार के घर में खुशहाली की उम्मीद भी जागती है। दीपोत्सव की यही खूबी है कि यह आस्था के साथ स्थानीय लोगों की आजीविका और आर्थिक समृद्धि को भी नई दिशा देता है।
अयोध्या में दीपोत्सव का आयोजन धार्मिक पहचान के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के प्रयास के रूप में भी देखा जा रहा है। कारीगरों और छोटे कारोबारियों को मिलने वाले अवसर इस आयोजन को जनभागीदारी और आर्थिक गतिविधियों से जोड़ते हैं।








