लखनऊ (सोमवार, 2 नवंबर 2026)। उत्तर प्रदेश में दिव्यांगजनों के हुनर को नई पहचान दिलाने और उनके उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग प्रदेश के सभी मंडलों में दीपावली मेले आयोजित करेगा। इन मेलों में दिव्यांगजनों द्वारा तैयार हस्तनिर्मित वस्तुओं और अन्य उत्पादों का प्रदर्शन किया जाएगा। साथ ही, बिक्री के जरिए उन्हें रोजगार, आय और आत्मनिर्भरता के नए अवसर उपलब्ध कराने की कोशिश होगी।
यूपी में दिव्यांगजन दीपावली मेले: हुनर को मिलेगा बाजार
दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की इस पहल का मुख्य उद्देश्य दिव्यांगजनों के कौशल को सामने लाना और उनके बनाए उत्पादों को व्यापक बाजार तक पहुंचाना है। अक्सर हुनरमंद लोगों के सामने अपने उत्पादों की बिक्री और प्रचार-प्रसार के लिए उचित मंच की कमी रहती है। ऐसे में दीपावली मेले उनके लिए अपने काम को सीधे ग्राहकों तक पहुंचाने का अवसर बन सकते हैं।
इन आयोजनों में दिव्यांगजनों द्वारा तैयार उत्पादों का प्रदर्शन और बिक्री की जाएगी। इससे उन्हें न केवल अपने उत्पादों की पहचान बनाने में मदद मिलेगी, बल्कि नए ग्राहकों से जुड़ने और आय के स्रोत बढ़ाने का मौका भी मिलेगा।
त्योहारों के दौरान खरीदारी की बढ़ती मांग को देखते हुए यह पहल खास मायने रखती है। दीपावली पर लोग सजावटी सामान और हस्तनिर्मित वस्तुओं की खरीदारी करते हैं। ऐसे में दिव्यांग शिल्पकारों और उत्पाद निर्माताओं को अपने हुनर के दम पर बाजार में जगह बनाने का अवसर मिल सकता है।
लखनऊ मंडल के लिए 7 लाख, अन्य मंडलों को 3 लाख रुपये
दीपावली मेले के आयोजन के लिए विभाग ने मंडलवार बजट निर्धारित किया है। लखनऊ मंडल को छोड़कर प्रदेश के प्रत्येक अन्य मंडल में मेले के आयोजन के लिए तीन लाख रुपये की धनराशि तय की गई है। वहीं, लखनऊ मंडल के लिए सात लाख रुपये का बजट निर्धारित किया गया है।
विभाग ने प्रदेश के सभी उपनिदेशकों और जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारियों को अपने-अपने जनपदों एवं मंडलों में आयोजन से जुड़ी तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही शेष मंडलों और जनपदों से आयोजन संबंधी प्रस्ताव जल्द उपलब्ध कराने को कहा गया है।
इन तैयारियों के पूरा होने के बाद मेले दिव्यांगजनों के उत्पादों की बिक्री और प्रचार के लिए एक महत्वपूर्ण मंच उपलब्ध करा सकेंगे।
आत्मनिर्भरता की दिशा में सरकार की पहल
दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के निदेशक राजेश कुमार सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से सभी मंडलों में दीपावली मेले आयोजित कर रही है।
इस पहल के जरिए दिव्यांगजनों के हुनर को पहचान दिलाने के साथ उनके उत्पादों को ग्राहकों तक पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है। मेले उनके लिए केवल प्रदर्शन का अवसर नहीं होंगे, बल्कि रोजगार और आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में भी मददगार साबित हो सकते हैं।
दिव्यांगजनों द्वारा तैयार उत्पादों को बाजार से जोड़ने की यह पहल स्थानीय स्तर पर कौशल और उद्यमिता को प्रोत्साहित करने की दिशा में अहम कदम है। यदि इन मेलों के माध्यम से उत्पादों की नियमित बिक्री और नए ग्राहक तैयार होते हैं, तो इसका लाभ दिव्यांग उत्पादकों को त्योहार के बाद भी मिल सकता है।








