कोलकाता, 14 मार्च 2026। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की घोषणा से ठीक पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य को बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचा विकास की सौगात दी। कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम से प्रधानमंत्री ने करीब 18,680 करोड़ रुपये की बंगाल विकास परियोजनाएं राष्ट्र को समर्पित कीं और कई नई परियोजनाओं की आधारशिला रखी।
इन परियोजनाओं का दायरा सड़क, रेलवे, बंदरगाह और पोत परिवहन जैसे अहम क्षेत्रों तक फैला हुआ है। सरकार का दावा है कि इन योजनाओं से पूर्वी भारत में कनेक्टिविटी मजबूत होगी, उद्योगों को गति मिलेगी और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को नया आधार मिलेगा।
बंगाल विकास परियोजनाएं: सड़क संपर्क को मिलेगी नई रफ्तार
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने दौरे के दौरान सड़क संपर्क से जुड़ी कई बड़ी परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इनमें लगभग 16,990 करोड़ रुपये की लागत से 420 किलोमीटर से अधिक लंबाई वाली राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं शामिल हैं।
इन परियोजनाओं के तहत एनएच-19 के कुछ खंड, जो पश्चिम बंगाल और झारखंड को जोड़ते हैं, तथा एनएच-114 के हिस्सों का विकास किया जाएगा। इनका उद्देश्य सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाना, यात्रा समय घटाना और क्षेत्रीय व्यापारिक गतिविधियों को गति देना है।
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, नई सड़क परियोजनाएं न केवल यातायात को सुगम बनाएंगी बल्कि औद्योगिक क्षेत्रों और कृषि बाजारों को भी बेहतर परिवहन नेटवर्क से जोड़ेंगी।
खड़गपुर-मोरग्राम आर्थिक गलियारा बनेगा बड़ा कनेक्टिविटी कॉरिडोर
प्रधानमंत्री ने एनएच-116A के तहत 231 किलोमीटर लंबे चार लेन वाले खड़गपुर-मोरग्राम आर्थिक गलियारे के पांच खंडों की आधारशिला भी रखी। यह गलियारा पश्चिम बंगाल के कई महत्वपूर्ण जिलों—पश्चिम मेदिनीपुर, बांकुड़ा, हुगली, पूर्व बर्द्धमान, बीरभूम और मुर्शिदाबाद—से होकर गुजरेगा।
इस परियोजना के पूरा होने के बाद खड़गपुर और सिलीगुड़ी के बीच यात्रा दूरी लगभग 120 किलोमीटर कम हो जाएगी। अनुमान है कि इससे यात्रियों और माल ढुलाई दोनों के लिए करीब 7 से 8 घंटे का समय बच सकेगा।
इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने लगभग 5.5 किलोमीटर लंबे चार लेन वाले दुबराजपुर बाईपास के निर्माण की भी आधारशिला रखी, जिससे स्थानीय ट्रैफिक दबाव कम होने की उम्मीद है।
नई एक्सप्रेस ट्रेन से बढ़ेगा रेल संपर्क
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने पुरुलिया से दिल्ली के आनंद विहार टर्मिनल के बीच नई एक्सप्रेस ट्रेन को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हरी झंडी दिखाई।
यह नई ट्रेन सेवा पश्चिम बंगाल को उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से सीधे जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इससे यात्रियों को वैकल्पिक और तेज कनेक्टिविटी मिलेगी।
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत छह स्टेशनों का उद्घाटन
प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पश्चिम बंगाल में पुनर्विकसित छह रेलवे स्टेशनों का भी उद्घाटन किया। इनमें शामिल हैं:
- अनारा
- तमलुक
- हल्दिया
- बराभूम
- सिउड़ी
- कामाख्यागुड़ी
इन स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं, बेहतर यात्री प्रतीक्षालय, डिजिटल सूचना प्रणाली और बेहतर प्लेटफॉर्म अवसंरचना के साथ विकसित किया गया है।
रेलवे और पोत परिवहन परियोजनाओं को भी मिली गति
रेल परियोजनाओं के अंतर्गत प्रधानमंत्री ने बेलदा से दांतन के बीच 16 किलोमीटर लंबी तीसरी रेल लाइन का लोकार्पण किया। साथ ही कलाईकुंडा और कनिमोहुली के बीच स्वचालित ब्लॉक सिग्नलिंग प्रणाली भी शुरू की गई, जिससे ट्रेन संचालन अधिक सुरक्षित और सुचारु हो सकेगा।
इसके अलावा बंदरगाह क्षेत्र से जुड़ी परियोजनाओं में हल्दिया डॉक कॉम्प्लेक्स के मशीनीकरण और खिदिरपुर डॉक के जीर्णोद्धार से संबंधित परियोजनाओं का भी उद्घाटन किया गया। इनसे समुद्री व्यापार और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
चुनाव से पहले बड़ा राजनीतिक और विकास संदेश
प्रधानमंत्री का यह दौरा ऐसे समय हुआ है जब निर्वाचन आयोग अगले कुछ दिनों में पश्चिम बंगाल सहित पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा कर सकता है। ऐसे में इन बंगाल विकास परियोजनाओं को राजनीतिक और विकास दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आर. एन. रवि, केंद्रीय जहाजरानी राज्य मंत्री शांतनु ठाकुर, केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार, बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।











