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भर्ती परीक्षाओं की गोपनीय सामग्री पर सख्त हुई योगी सरकार, 7 दिन में निस्तारण नहीं तो तय होगी जवाबदेही

On: June 15, 2026
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भर्ती परीक्षाओं की गोपनीय सामग्री पर सख्त हुई योगी सरकार
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लखनऊ|15 जून 2026: उत्तर प्रदेश में भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता और सुरक्षा को लेकर योगी आदित्यनाथ सरकार ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। भर्ती परीक्षाओं की गोपनीय सामग्री के सुरक्षित रखरखाव और समयबद्ध निस्तारण को लेकर मुख्य सचिव एसपी गोयल ने सभी भर्ती आयोगों, चयन बोर्डों और संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। सरकार ने साफ कर दिया है कि परीक्षा समाप्त होने के बाद गोपनीय सामग्री को अनावश्यक रूप से कोषागारों में लंबे समय तक नहीं रखा जाएगा।

भर्ती परीक्षाओं की गोपनीय सामग्री का 7 दिन में निस्तारण अनिवार्य

मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में हुई समीक्षा के बाद जारी आदेश में कहा गया है कि किसी भी भर्ती परीक्षा के संपन्न होने के सात दिन के भीतर अप्रयुक्त प्रश्नपत्र, ओएमआर शीटें और अन्य गोपनीय सामग्री का नियमानुसार निस्तारण किया जाना अनिवार्य होगा। इसी तरह अंतिम चयन परिणाम घोषित होने के सात दिन के भीतर अभ्यर्थियों की ओएमआर शीटों की कोषागार प्रतियों का भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत निस्तारण कराया जाएगा।

सरकार का मानना है कि समय पर कार्रवाई न होने से जिला कोषागारों पर अनावश्यक दबाव बढ़ रहा है और नई परीक्षाओं की सामग्री सुरक्षित रखने में दिक्कतें सामने आ रही हैं।

जिला कोषागारों में बढ़ रहा था सामग्री का दबाव

सरकारी समीक्षा में यह तथ्य सामने आया कि कई जिलों के कोषागारों में भर्ती परीक्षाओं से जुड़ी गोपनीय सामग्री लंबे समय से ट्रंकों में बंद पड़ी हुई है। नियमानुसार निस्तारण न होने के कारण इनकी संख्या लगातार बढ़ती गई, जिससे कोषागारों में स्थान की कमी पैदा होने लगी।

अधिकारियों के अनुसार, प्रश्नपत्रों और ओएमआर शीटों के विभिन्न सेट परीक्षा से पहले जिला कोषागारों में डबल लॉक व्यवस्था के तहत सुरक्षित रखे जाते हैं। परीक्षा पूरी होने के बाद भी कई मामलों में सामग्री समय पर नहीं हटाई गई, जिसके चलते भंडारण की समस्या गंभीर रूप लेती गई।

नई परीक्षाओं के लिए बनानी पड़ी अतिरिक्त डबल लॉक व्यवस्था

स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कुछ जिलों में नई भर्ती परीक्षाओं की गोपनीय सामग्री रखने के लिए अतिरिक्त डबल लॉक कोषागार की व्यवस्था तक करनी पड़ी। सरकार ने इसे प्रशासनिक दृष्टि से चिंताजनक माना है।

मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए सभी संबंधित संस्थाओं को समयसीमा का कड़ाई से पालन करना होगा। उन्होंने कहा कि गोपनीय सामग्री का सुरक्षित रखरखाव जितना महत्वपूर्ण है, उसका समयबद्ध निस्तारण भी उतना ही जरूरी है।

पुराने लंबित मामलों को भी प्राथमिकता से निपटाने के निर्देश

सरकार ने केवल नई परीक्षाओं पर ही नहीं, बल्कि पहले से लंबित मामलों पर भी ध्यान केंद्रित किया है। आदेश में कहा गया है कि जिन भर्ती परीक्षाओं का आयोजन पहले हो चुका है या जिनके अंतिम परिणाम घोषित किए जा चुके हैं, उनसे संबंधित बची हुई गोपनीय सामग्री का भी प्राथमिकता के आधार पर सात दिन के भीतर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

इसके लिए सभी भर्ती आयोगों, चयन बोर्डों, प्रमुख सचिवों, मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों और कोषागार अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भेज दिए गए हैं।

पारदर्शिता और जवाबदेही पर सरकार का फोकस

प्रदेश सरकार भर्ती प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने पर लगातार जोर दे रही है। भर्ती परीक्षाओं की गोपनीय सामग्री के निस्तारण को लेकर जारी यह निर्देश भी उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया गया है कि निर्धारित समयसीमा का पालन नहीं होने पर संबंधित स्तर पर जवाबदेही तय की जा सकती है।

सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भविष्य की भर्ती परीक्षाओं के लिए कोषागारों में पर्याप्त स्थान उपलब्ध रहे और गोपनीय सामग्री के प्रबंधन में किसी प्रकार की प्रशासनिक बाधा उत्पन्न न हो।

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