महराजगंज, शनिवार 25 अक्टूबर 2025। बिहार विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं। खासकर नेपाल से सटी महराजगंज सीमा पर Border Security को और मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। चुनाव के दौरान किसी भी तरह की अवैध गतिविधि, तस्करी या आचार संहिता उल्लंघन को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।
शनिवार को जिलाधिकारी कार्यालय में प्रशासन, पुलिस और सशस्त्र सीमा बल (SSB) के अधिकारियों की संयुक्त बैठक हुई। बैठक में तय हुआ कि बिहार की सीमा से लगे सभी थानों में अतिरिक्त चौकसी रखी जाएगी और गश्त की संख्या बढ़ाई जाएगी।
🔒 अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर सख्त निगरानी
जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव पूरी तरह शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और भयमुक्त माहौल में संपन्न हो, इसके लिए महराजगंज जिला प्रशासन पूरी तरह सजग है। उन्होंने निर्देश दिया कि सीमा चौकियों पर तैनात जवान हर वाहन की गहन जांच करें और संदेहास्पद व्यक्तियों की गतिविधियों पर नजर रखें।
पुलिस अधीक्षक सोमेन्द्र मीना ने बताया कि सीमावर्ती थाना क्षेत्रों को अलर्ट पर रखा गया है। पैदल गश्त, मोटर वाहन जांच और संदिग्ध गतिविधियों की रिपोर्टिंग की व्यवस्था को और सख्त किया गया है।
🚔 सुरक्षा एजेंसियों में समन्वय
सशस्त्र सीमा बल सेक्टर गोरखपुर के उप महानिरीक्षक मुन्ना सिंह ने कहा कि सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा को और मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि नेपाल प्रशासन और बिहार पुलिस के साथ बेहतर समन्वय से तस्करी और अवैध पारगमन पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सकेगा।
एसएसबी सेक्टर मुख्यालय बेतिया के उप महानिरीक्षक सुरेश सुब्रमण्यम ने भी बताया कि नेपाल, बिहार और उत्तर प्रदेश पुलिस के बीच निरंतर संवाद कायम है, ताकि किसी भी संभावित खतरे को पहले ही रोका जा सके।
🌾 वन क्षेत्र और सीमावर्ती निगरानी पर भी जोर
बैठक में सोहगीबरवा वन्यजीव प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी निरंजन सुर्वे, 22वीं वाहिनी महराजगंज के कमांडेंट शक्ति सिंह ठाकुर और 65वीं वाहिनी बगहा के कमांडेंट नंदन सिंह मेहरा भी मौजूद रहे। वन क्षेत्र से लगने वाले इलाकों में भी सतर्कता बढ़ाई गई है ताकि सीमा पार के रास्तों का दुरुपयोग न हो सके।
🗳️ निष्कर्ष
बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर प्रशासनिक तैयारियां अब अंतिम चरण में हैं। सीमावर्ती जिलों में बढ़ाई गई Border Security इस बात का संकेत है कि राज्य सरकार और सुरक्षा एजेंसियां किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। चुनावी माहौल में कानून-व्यवस्था बनाए रखना ही फिलहाल प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।












