हमीरपुर/21 जून 2026: हमीरपुर के राठ में रविवार को आयोजित एक बड़े जनसभा कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुंदेलखंड के विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। बीएनवी डिग्री कॉलेज मैदान में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने 636.82 करोड़ रुपये लागत की 75 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि अब वह समय दूर नहीं जब बुंदेलखंड के युवाओं को नौकरी के लिए नहीं करना पड़ेगा पलायन और उन्हें अपने ही क्षेत्र में रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे समय तक उपेक्षा झेलने वाले बुंदेलखंड की तस्वीर तेजी से बदल रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने यहां कनेक्टिविटी, सिंचाई, पेयजल और औद्योगिक विकास को प्राथमिकता दी है। आज बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे जैसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट क्षेत्र की पहचान बन चुके हैं और रक्षा क्षेत्र से जुड़े उद्योगों के आने से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खुल रहे हैं।
सिंचाई और पेयजल संकट से मिलेगी स्थायी राहत
सीएम योगी ने कहा कि आने वाले वर्षों में बुंदेलखंड को पानी की समस्या से काफी हद तक राहत मिलेगी। सरकार सिंचाई परियोजनाओं और जल संरक्षण के कार्यों को तेजी से आगे बढ़ा रही है। उन्होंने लोगों से भी जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर घर नल योजना के जरिए गांव-गांव तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाया जा रहा है, जिससे महिलाओं और बेटियों को सबसे अधिक राहत मिली है।
विपक्ष पर साधा निशाना
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पहले प्रदेश की पहचान माफिया और अराजकता से जुड़ गई थी। कुछ राजनीतिक दल केवल जातिवाद की राजनीति करते हैं और सत्ता मिलने पर परिवारवाद को बढ़ावा देते हैं। लेकिन पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने विकास, निवेश और सुशासन के नए मानक स्थापित किए हैं।
उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश रक्षा उत्पादन का बड़ा केंद्र बन रहा है। गोला-बारूद, मिसाइल और अन्य सैन्य उपकरणों का निर्माण प्रदेश में हो रहा है, जिसका लाभ युवाओं को रोजगार के रूप में मिलेगा।
विधायक मनीषा अनुरागी ने उठाईं क्षेत्र की प्रमुख मांगें
कार्यक्रम में राठ विधायक मनीषा अनुरागी ने मुख्यमंत्री के सामने कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं। उन्होंने स्वामी ब्रह्मानंद महाविद्यालय को विश्वविद्यालय का दर्जा देने का वादा याद दिलाते हुए कहा कि इससे पूरे क्षेत्र के छात्रों को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर मिलेंगे।
इसके अलावा उन्होंने राठ में ट्रॉमा सेंटर, हाईटेक बस स्टैंड, मेडिकल कॉलेज, मौदहा बांध आधारित पेयजल परियोजना और मुस्करा को नगर पंचायत का दर्जा देने की मांग भी उठाई। विधायक ने कहा कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी।
विश्वविद्यालय को लेकर सीएम ने दिया बड़ा संकेत
स्वामी ब्रह्मानंद विश्वविद्यालय की मांग पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार विश्वविद्यालय स्थापना के पक्ष में है, लेकिन इसके लिए प्रबंध समिति से औपचारिक प्रस्ताव आवश्यक है। उन्होंने कहा कि शाहजहांपुर और भदोही से प्रस्ताव मिलने के बाद वहां राजकीय विश्वविद्यालय स्थापित किए जा चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने मंच से कहा, “प्रस्ताव दीजिए, हम विश्वविद्यालय बनवा देंगे।” उनके इस बयान को कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने जोरदार तालियों के साथ स्वागत किया।
हमीरपुर में मेडिकल कॉलेज की जरूरत पर जताई सहमति
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमीरपुर जैसे जिले में मेडिकल कॉलेज होना चाहिए ताकि स्थानीय युवाओं को मेडिकल शिक्षा के लिए बाहर न जाना पड़े। उन्होंने राठ बस स्टैंड के निर्माण कार्य को भी तेजी से पूरा कराने का आश्वासन दिया।
लाभार्थियों को वितरित किए गए डेमो चेक और प्रमाण पत्र
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रतीकात्मक चेक, प्रमाण पत्र और अन्य सहायता सामग्री वितरित की। ई-रिक्शा योजना के तहत चंद्रभान को दो लाख रुपये का डेमो चेक दिया गया। वहीं मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना योजना के अंतर्गत संगीता को पांच लाख रुपये की सहायता का प्रतीकात्मक चेक प्रदान किया गया।
मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), जननी सुरक्षा योजना, आयुष्मान भारत योजना और मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के लाभार्थियों को भी मंच से सम्मानित किया गया। स्वयं सहायता समूहों को लगभग साढ़े छह करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई।
बुंदेलखंड के विकास पर सरकार का फोकस
राठ में आयोजित यह कार्यक्रम केवल परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बुंदेलखंड के भविष्य की विकास रूपरेखा का भी संकेत देता नजर आया। रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और आधारभूत ढांचे पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाना है, ताकि बुंदेलखंड के युवाओं को नौकरी के लिए नहीं करना पड़ेगा पलायन और उन्हें अपने ही घर-गांव में बेहतर भविष्य मिल सके।









