गोरखपुर, 15 अप्रैल 2026 (बुधवार)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को गोरखपुर में पूर्वी उत्तर प्रदेश के पहले सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लोकार्पण के मौके पर प्रदेश के पिछले और वर्तमान विकास की तस्वीर को एक साथ रखते हुए बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि “आज से नौ साल पहले उत्तर प्रदेश में न स्पष्ट नीति थी और न ही नीयत,” लेकिन अब हालात पूरी तरह बदल चुके हैं और प्रदेश एक मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में उभर रहा है।
गोरखपुर के महाराणा प्रताप इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) फाउंडेशन के सहयोग से स्थापित इस अत्याधुनिक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का उद्घाटन मुख्यमंत्री ने किया। कार्यक्रम में टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन और टीसीएस के सीईओ के. कृतिवासन की मौजूदगी ने आयोजन को और अहम बना दिया।
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस: पूर्वांचल के लिए नई दिशा
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सेंटर ऑफ एक्सीलेंस केवल एक संस्थान नहीं, बल्कि पूर्वी उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए अवसरों का नया द्वार है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि अब गोरखपुर और आसपास का क्षेत्र “नॉलेज पावर हाउस” के रूप में अपनी पहचान बना रहा है।
उन्होंने बताया कि गोरखपुर में इस समय चार विश्वविद्यालय सक्रिय हैं और हाल ही में भारत सरकार के सहयोग से सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क की स्थापना भी हुई है। ऐसे में यह सेंटर क्षेत्र में तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास को नई ऊंचाई देगा।
“पहले अव्यवस्था थी, अब विकास का मॉडल है यूपी”
अपने संबोधन में योगी आदित्यनाथ ने पुराने हालात का जिक्र करते हुए कहा कि कभी प्रदेश खराब सड़कों, अनियमित बिजली और कमजोर कानून-व्यवस्था जैसी समस्याओं से जूझता था। निवेशक आने से कतराते थे और रोजगार के अवसर सीमित थे।
लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है। उन्होंने कहा कि “नीति, पारदर्शिता और सुरक्षा के माहौल ने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया है,” जिसके कारण प्रदेश तेजी से औद्योगिक विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
एक्सप्रेस-वे और इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़ी छलांग
मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश आज देश का एक्सप्रेस-वे हब बन चुका है।
- देश के लगभग 55% एक्सप्रेस-वे यूपी में हैं
- गंगा एक्सप्रेस-वे के पूरा होने के बाद यह आंकड़ा 60% तक पहुंच जाएगा
उन्होंने यह भी बताया कि हाल ही में लोकार्पित दिल्ली-देहरादून आर्थिक कॉरिडोर का लगभग 65-70% हिस्सा उत्तर प्रदेश से होकर गुजरता है। यह प्रदेश की रणनीतिक अहमियत को दर्शाता है।
मैन्युफैक्चरिंग और स्टार्टअप में यूपी की बढ़त
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि तकनीक और उद्योग के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है:
- देश में 55% मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग यूपी में हो रही है
- इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट का 55-60% उत्पादन यहीं होता है
- प्रदेश में 96 लाख से अधिक MSME इकाइयाँ सक्रिय हैं
- 32,000 से ज्यादा बड़े उद्योग संचालित हो रहे हैं
- 22,000+ स्टार्टअप अर्थव्यवस्था को गति दे रहे हैं
उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों की विशेष पहचान भी बताई—
- NCR: IT और इलेक्ट्रॉनिक्स हब
- कानपुर: लेदर और ड्रोन टेक्नोलॉजी
- पूर्वांचल: एग्रीटेक और MSME
- लखनऊ: डिफेंस कॉरिडोर
- बुंदेलखंड: नई इंडस्ट्रियल सिटी और फार्मा पार्क
युवाओं के लिए तकनीक ही भविष्य
मुख्यमंत्री ने युवाओं से सीधा संवाद करते हुए कहा कि “जितना आप टेक्नोलॉजी के करीब जाएंगे, उतनी ही वह आपके लिए अवसरों के दरवाजे खोलेगी।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सेंटर ऑफ एक्सीलेंस युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस, और अन्य उभरती तकनीकों में प्रशिक्षित करेगा, जिससे वे राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकेंगे।
निष्कर्ष: बदलाव की कहानी, अवसरों का नया दौर
गोरखपुर में शुरू हुआ यह सेंटर ऑफ एक्सीलेंस सिर्फ एक प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि उस बदलते उत्तर प्रदेश का प्रतीक है, जहां पिछड़ेपन की जगह संभावनाओं ने ले ली है।
जहां कभी विकास एक सपना था, वहीं अब तकनीक, निवेश और नवाचार के जरिए प्रदेश एक नई आर्थिक पहचान गढ़ रहा है।










