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मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना 2026: योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला, यूपी के हर गांव तक पहुंचेगी बस सेवा

On: March 10, 2026
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मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना 2026- योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला
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लखनऊ (10 मार्च 2026)। उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्रामीण परिवहन व्यवस्था को नई दिशा देने वाला अहम निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना 2026 को मंजूरी दे दी गई है। इस योजना के लागू होने के बाद प्रदेश की हजारों ग्राम सभाओं को पहली बार नियमित बस सेवा से जोड़ने का रास्ता साफ हो गया है।

सरकार का मानना है कि गांवों की तरक्की केवल सड़कों के निर्माण से नहीं, बल्कि नियमित और सुलभ परिवहन व्यवस्था से भी तय होती है। इसी सोच के साथ शुरू की जा रही यह योजना ग्रामीण इलाकों को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के बड़े केंद्रों से सीधे जोड़ने का माध्यम बनेगी।

मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना 2026 से 59,139 ग्राम सभाएं बस सेवा से जुड़ेंगी

कैबिनेट की मंजूरी के बाद मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना 2026 के तहत प्रदेश की 59,139 ग्राम सभाओं को बस सेवा से जोड़ने की योजना बनाई गई है। इनमें से लगभग 12,200 गांव ऐसे हैं जहां अभी तक कोई नियमित बस सेवा उपलब्ध नहीं है। इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अक्सर जिला मुख्यालय या तहसील तक पहुंचने के लिए निजी साधनों या महंगे विकल्पों पर निर्भर रहना पड़ता था।

सरकार अब इन गांवों तक परिवहन सुविधा पहुंचाने के लिए उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के साथ-साथ निजी बस संचालकों को भी संचालन की अनुमति देगी। इससे न केवल परिवहन नेटवर्क का विस्तार होगा बल्कि प्रतिस्पर्धा के कारण सेवाओं की उपलब्धता भी बेहतर हो सकेगी।

परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह के अनुसार, इस योजना का मुख्य उद्देश्य गांवों को सीधे ब्लॉक, तहसील और जिला मुख्यालय से जोड़ना है, ताकि ग्रामीणों को दैनिक जरूरतों के लिए लंबी दूरी तय करने में कम परेशानी हो।

चयन प्रक्रिया जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली समिति करेगी

योजना के अंतर्गत बस संचालन के लिए आने वाले आवेदनों की जांच और चयन की जिम्मेदारी जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति को दी जाएगी। इस समिति में मुख्य विकास अधिकारी, एआरटीओ और परिवहन निगम के अधिकारी भी शामिल होंगे।

सरकार ने निर्देश दिया है कि आवेदन प्राप्त होने के बाद 45 दिनों के भीतर चयन प्रक्रिया पूरी कर ली जाए, ताकि योजना का लाभ जल्द से जल्द ग्रामीणों तक पहुंच सके।

बस संचालन की व्यवस्था भी ग्रामीणों की दिनचर्या को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। प्रस्ताव के अनुसार बसें गांव से चलकर सुबह अधिकतम 10 बजे तक जिला मुख्यालय पहुंचेंगी और शाम चार से आठ बजे के बीच वापस गांव लौटेंगी। यदि किसी क्षेत्र में मांग अधिक होती है तो बसों की संख्या और फेरे भी बढ़ाए जा सकेंगे।

छोटे वाहनों से होगी शुरुआत, CNG और इलेक्ट्रिक पर जोर

मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना 2026 के तहत शुरुआत में 15 से 28 सीट क्षमता वाले छोटे वाहन चलाए जाएंगे, जिनकी लंबाई लगभग सात मीटर होगी। इनमें डीजल, सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहन शामिल किए जाएंगे।

हालांकि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में प्रदूषण नियंत्रण को ध्यान में रखते हुए केवल सीएनजी या इलेक्ट्रिक वाहनों को ही संचालन की अनुमति दी जाएगी। यह फैसला पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

प्रत्येक ब्लॉक में कम से कम दो वाहनों का संचालन अनिवार्य होगा और हर ग्राम पंचायत तक प्रतिदिन कम से कम दो फेरे लगाए जाएंगे। इससे ग्रामीणों को नियमित और भरोसेमंद परिवहन सुविधा मिल सकेगी।

वाहनों की आयु और अनुबंध अवधि के नियम तय

सरकार ने योजना के तहत वाहन संचालन के लिए कुछ स्पष्ट मानक भी निर्धारित किए हैं। अनुबंधित वाहन पंजीकरण की तिथि से अधिकतम आठ वर्ष पुराने ही स्वीकार किए जाएंगे।

वाहनों का अनुबंध 10 वर्षों के लिए किया जाएगा, जिसे आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त पांच वर्ष तक बढ़ाया जा सकेगा। इसके अलावा:

  • डीजल वाहनों की अधिकतम आयु – 10 वर्ष
  • सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों की अधिकतम आयु – 15 वर्ष

इन नियमों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में चलने वाले वाहन सुरक्षित और तकनीकी रूप से बेहतर स्थिति में हों।

योजना से 25 हजार से अधिक रोजगार के अवसर

सरकार का अनुमान है कि मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना 2026 से केवल परिवहन सुविधा ही नहीं बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार भी पैदा होंगे।

निजी बस संचालकों के चयन के लिए आवेदन प्रक्रिया रखी गई है, जिसमें 2000 रुपये आवेदन शुल्क और प्रति वाहन 5000 रुपये प्रतिभूति राशि जमा करनी होगी। इसके अतिरिक्त निजी संचालकों को परिवहन निगम को 1500 रुपये प्रति माह संरक्षण शुल्क देना होगा।

एक बस के संचालन से औसतन सात लोगों को रोजगार मिलता है, जिनमें ड्राइवर, कंडक्टर, क्लीनर और अन्य सहायक कर्मचारी शामिल होते हैं। इस हिसाब से योजना के पूर्ण रूप से लागू होने पर करीब 25 हजार लोगों को रोजगार मिलने की संभावना जताई जा रही है।

ग्रामीण परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के लिहाज से मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना 2026 को उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। यदि योजना तय समय और स्वरूप में लागू होती है तो आने वाले वर्षों में प्रदेश के हजारों गांवों की दैनिक जिंदगी में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

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