अलीगढ़/22 जून 2026: अलीगढ़ में सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का दौरा उस समय चर्चा का विषय बन गया, जब उन्होंने राजा महेंद्र प्रताप सिंह राज्य विश्वविद्यालय के निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्यों में देरी और भवन हैंडओवर न होने पर कड़ी नाराजगी जाहिर की। मुख्यमंत्री ने मौके पर ही संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ विभागीय तथा कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए।
विश्वविद्यालय परिसर के निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्यों की प्रगति, शैक्षणिक सुविधाओं और छात्रों के लिए उपलब्ध संसाधनों की विस्तार से समीक्षा की। इस दौरान बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह भी उनके साथ मौजूद रहे।
सीएम योगी ने किया विश्वविद्यालय परिसर का निरीक्षण
मुख्यमंत्री सबसे पहले विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन पहुंचे, जहां उन्होंने निर्माणाधीन लाइब्रेरी का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शेष कार्य निर्धारित समयसीमा में गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए ताकि छात्रों को जल्द से जल्द आधुनिक सुविधाएं मिल सकें।
इसके बाद मुख्यमंत्री शीला गौतम ऑडिटोरियम पहुंचे और वहां संचालित पुस्तकालय का अवलोकन किया। उन्होंने उपलब्ध पुस्तकों की जानकारी ली और कुलपति को निर्देशित किया कि पाठ्यक्रम के साथ-साथ विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए भी आवश्यक पुस्तकों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
यूनिवर्सिटी भवन हैंडओवर न होने पर जताई नाराजगी
निरीक्षण के बाद आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रवेश प्रक्रिया, शैक्षणिक गतिविधियों और भवन निर्माण कार्यों की स्थिति की जानकारी ली। इसी दौरान यह तथ्य सामने आया कि विश्वविद्यालय भवन का निर्माण कार्य पूरा होने के बावजूद उसका औपचारिक हैंडओवर अभी तक नहीं किया गया है।
इस जानकारी पर मुख्यमंत्री ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जब निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है तो छात्रों और विश्वविद्यालय प्रशासन को उसका लाभ मिलने में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।
पीडब्ल्यूडी अधिकारियों पर गिरी कार्रवाई की गाज
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री को बताया गया कि निर्माण कार्य और हैंडओवर प्रक्रिया में देरी के लिए संबंधित अधिकारियों की लापरवाही जिम्मेदार है। जानकारी मिलने पर मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिशासी अभियंता ए.के. राय के खिलाफ तत्काल विभागीय कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी द्वारा यह अवगत कराया गया कि देरी के लिए कुछ पूर्व अधिकारी भी जिम्मेदार रहे हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि मामले की जांच कर दोषी पाए जाने वाले सभी अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार विभागीय और कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
छात्रों को बेहतर सुविधाएं देने पर जोर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश सरकार उच्च शिक्षा के क्षेत्र में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है। ऐसे में किसी भी परियोजना में लापरवाही या अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।
उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से कहा कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक पुस्तकालय और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। साथ ही निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी कर समय पर सभी परियोजनाओं को पूरा किया जाए।
जवाबदेही तय करने का स्पष्ट संदेश
अलीगढ़ दौरे के दौरान मुख्यमंत्री का यह रुख प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर एक स्पष्ट संदेश माना जा रहा है। विश्वविद्यालय भवन हैंडओवर में हुई देरी पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश यह दर्शाते हैं कि विकास परियोजनाओं में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के प्रति सरकार सख्त रुख अपनाने के मूड में है।










