गोरखपुर/12 अक्टूबर 2026: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस पर राजनीतिक विफलताओं से ध्यान हटाने और संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाने का आरोप लगाया है। सोमवार को गोरखपुर प्रवास के दौरान उन्होंने कहा कि चुनाव में जीत मिलने पर उसका श्रेय खुद लेना और हार का ठीकरा इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) या निर्वाचन आयोग पर फोड़ना उचित राजनीतिक रवैया नहीं है। उनके मुताबिक, इस तरह की राजनीति से जनता का विश्वास हासिल नहीं किया जा सकता।
सीएम योगी का कांग्रेस पर हमला ऐसे समय आया है, जब चुनावी प्रक्रिया, विपक्ष की भूमिका और संवैधानिक संस्थाओं को लेकर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के नेतृत्व और उसकी राजनीतिक रणनीति पर सवाल उठाते हुए पार्टी को अपनी चुनावी विफलताओं पर आत्ममंथन करने की नसीहत दी।
सीएम योगी का कांग्रेस पर हमला, EVM और निर्वाचन आयोग पर उठाए सवाल
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस चुनावी हार के कारणों की समीक्षा करने के बजाय EVM और निर्वाचन आयोग को जिम्मेदार ठहराती है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक दलों को जनता के फैसले का सम्मान करना चाहिए और अपनी कमियों की समीक्षा करनी चाहिए।
योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस के मौजूदा राजनीतिक रवैये को उसकी चुनावी चुनौतियों से जोड़ते हुए कहा कि पार्टी नेतृत्व को यह समझना चाहिए कि मतदाताओं का समर्थन क्यों घट रहा है। उन्होंने कांग्रेस से अपनी रणनीति और नेतृत्व की समीक्षा करने की अपील भी की।
हालांकि, EVM और निर्वाचन प्रक्रिया से संबंधित किसी भी विशिष्ट शिकायत का मूल्यांकन उसके तथ्यों, उपलब्ध साक्ष्यों और संबंधित संस्थाओं की प्रक्रिया के आधार पर किया जाना चाहिए। राजनीतिक आरोप अपने आप में किसी शिकायत को सही या गलत साबित नहीं करते।
1985 के बाद यूपी में कांग्रेस की सत्ता में वापसी नहीं: योगी
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश की राजनीति का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस वर्ष 1985 के बाद राज्य की सत्ता में वापसी नहीं कर सकी है। उन्होंने इसे पार्टी की राजनीतिक चुनौतियों के संदर्भ में पेश किया और कहा कि कांग्रेस नेतृत्व को जनता के बदलते रुख पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
योगी आदित्यनाथ ने दूसरे राज्यों में भी कांग्रेस के सामने मौजूद राजनीतिक चुनौतियों का जिक्र किया। उन्होंने पार्टी की विफलताओं के लिए उसके नेतृत्व पर सवाल उठाए और नेतृत्व परिवर्तन की जरूरत संबंधी अपनी राय रखी।
उनके बयान का मुख्य संदेश यह था कि किसी राजनीतिक दल के लिए लंबे समय तक जनता का समर्थन बनाए रखने के लिए अपनी नीतियों, संगठन और नेतृत्व की समीक्षा करना जरूरी है।
संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने को लेकर कांग्रेस को घेरा
मुख्यमंत्री ने दिल्ली में हुए कांग्रेस के विरोध-प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि पार्टी अपने राजनीतिक विरोध के दौरान आम लोगों को परेशानी में डाल रही है और संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठा रही है।
उन्होंने कहा कि चुनावी नतीजों पर सवाल उठाने, न्यायालयों के फैसलों की आलोचना करने और अन्य संवैधानिक संस्थाओं को लेकर बयान देने के मामले में राजनीतिक दलों को जिम्मेदारी और मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए।
यहां यह अंतर भी महत्वपूर्ण है कि लोकतंत्र में संवैधानिक संस्थाओं के कामकाज पर सवाल उठाना और किसी संस्था के खिलाफ निराधार आरोप लगाना अलग-अलग बातें हैं। चुनावी प्रक्रिया को लेकर वैध शिकायतों के समाधान के लिए कानूनी और संस्थागत व्यवस्थाएं मौजूद हैं।
कांग्रेस और विपक्षी दलों से योगी की अपील
सीएम योगी ने कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों से राजनीतिक टकराव के बजाय जनहित के मुद्दों पर चर्चा करने की अपील की। उन्होंने कहा कि विपक्ष को लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी भूमिका निभाते हुए ठोस मुद्दों और नीतिगत विकल्पों के आधार पर जनता के बीच जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने चेतावनी भी दी कि जनता और युवाओं को गुमराह करने की कोशिश करने वाली राजनीति का नुकसान संबंधित दलों को उठाना पड़ सकता है। उन्होंने विपक्ष को अपनी राजनीतिक दिशा पर विचार करने की सलाह दी।
निष्कर्ष: गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस की चुनावी रणनीति, EVM को लेकर उसके रुख और संवैधानिक संस्थाओं पर की जाने वाली टिप्पणियों को लेकर तीखी आलोचना की। उन्होंने विपक्ष से आत्ममंथन करने और जनहित के मुद्दों पर राजनीति करने की अपील की। हालांकि, उनके बयान में लगाए गए आरोप राजनीतिक पक्ष की प्रतिक्रिया हैं; उनसे जुड़े विवादों का आकलन संबंधित तथ्यों और आधिकारिक रिकॉर्ड के आधार पर किया जाना चाहिए।









