गोरखपुर/12 अक्टूबर 2026: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को गोरखपुर में आपदा राहत राशि वितरण कार्यक्रम के दौरान समाजवादी पार्टी (सपा) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों के कार्यकाल में किसानों को उनका पूरा हक नहीं मिला और राहत राशि के वितरण में अनियमितताएं हुईं। सपा पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों का पैसा खाने वालों को उनका शाप लगा है।
इस दौरान सीएम योगी ने मौजूदा सरकार की ओर से आपदा प्रभावित किसानों को दी जा रही आर्थिक सहायता का ब्योरा भी साझा किया। उन्होंने दावा किया कि करीब 9.18 लाख किसानों के बैंक खातों में लगभग 493 करोड़ रुपये भेजे गए हैं। मुख्यमंत्री ने इसे डिजिटल फसल सर्वे और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के जरिए पारदर्शी व्यवस्था का परिणाम बताया।
CM योगी का सपा पर हमला, 2014 के हुदहुद चक्रवात का किया जिक्र
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 2014 में आए हुदहुद चक्रवात का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि उस समय किसानों के लिए भेजी गई राहत राशि का बड़ा हिस्सा जरूरतमंदों तक नहीं पहुंचा। उनके मुताबिक, केंद्र से भेजे गए 3,200 करोड़ रुपये में से किसानों को केवल 800 करोड़ रुपये ही मिले थे और बाकी राशि में भ्रष्टाचार हुआ।
योगी ने सपा सरकार के कार्यकाल में किसानों को मिलने वाले मुआवजे पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उस समय किसानों को दो, चार या 15 रुपये तक का मुआवजा मिलने की शिकायतें सामने आती थीं।
मुख्यमंत्री ने इन आरोपों के जरिए पिछली सरकारों के किसान राहत प्रबंधन की आलोचना की। हालांकि, हुदहुद चक्रवात के दौरान राहत राशि के आवंटन और वास्तविक वितरण से संबंधित आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि के लिए आधिकारिक अभिलेखों की जांच जरूरी है। मुख्यमंत्री के बयान में लगाए गए आरोपों को भी इसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए।
9,18,091 किसानों के खातों में भेजे गए करीब 493 करोड़ रुपये
आपदा राहत कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बताया कि हाल में अतिवृष्टि, चक्रवात और बाढ़ के कारण फसलों, मकानों तथा पशुधन को नुकसान पहुंचा है। उनके अनुसार, सरकार ने प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए आठ से दस दिनों के भीतर सहायता वितरण की प्रक्रिया पूरी की।
मुख्यमंत्री की ओर से प्रस्तुत आंकड़ों के मुताबिक:
- लाभार्थी किसान: 9,18,091
- वितरित राहत राशि: लगभग 493 करोड़ रुपये
- सहायता का माध्यम: प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT)
- राहत का प्रमुख उद्देश्य: आपदा से प्रभावित फसलों के नुकसान की भरपाई
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि डिजिटल फसल सर्वे और सीधे बैंक खातों में धनराशि भेजने की व्यवस्था से बिचौलियों की भूमिका कम करने में मदद मिली है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि चालू खरीफ सीजन में अब तक आपदा प्रभावित किसानों और नागरिकों को लगभग एक हजार करोड़ रुपये की सहायता उपलब्ध कराई जा चुकी है।
पहले भी किसानों को दी गई आर्थिक सहायता का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने बताया कि ओलावृष्टि, चक्रवात और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों के लिए पहले भी 169 करोड़ रुपये जारी किए गए थे। उनके अनुसार, 1,29,326 किसानों को फसल क्षति के मद में 78 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता दी जा चुकी है।
इसके अतिरिक्त जनहानि, पशुहानि और मकानों को हुए नुकसान के मामलों में 225.93 करोड़ रुपये की सहायता वितरित किए जाने का भी उल्लेख किया गया।
इन आंकड़ों का सटीक आकलन करते समय यह ध्यान रखना जरूरी है कि अलग-अलग राहत मदों और अवधियों की राशि में अंतर हो सकता है। इसलिए कुल सहायता राशि की पुष्टि सरकारी विवरण और वितरण अभिलेखों से की जानी चाहिए।
86 लाख किसानों की कर्जमाफी और मुफ्त बिजली का जिक्र
मुख्यमंत्री ने वर्ष 2017 में सत्ता परिवर्तन के बाद किसान हित में उठाए गए कदमों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि लघु एवं सीमांत किसानों की कर्जमाफी के तहत 86 लाख किसानों के 36 हजार करोड़ रुपये के कर्ज माफ किए गए थे।
इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में 16 लाख निजी नलकूपों को मुफ्त बिजली दी जा रही है और 22 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि को सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
योगी ने इन पहलों को खेती की लागत कम करने और किसानों को राहत देने के प्रयासों से जोड़ते हुए कहा कि सरकार संकट के समय किसानों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
आपदा प्रभावित परिवारों को राहत और पुनर्वास के निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित परिवारों को समय पर सहायता मिले और क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे की मरम्मत में देरी न हो।
उन्होंने कहा कि जनहानि होने पर संबंधित परिवार को 24 घंटे के भीतर चार लाख रुपये की सहायता उपलब्ध कराई जाए। पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों के लिए मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत 1.20 लाख रुपये की सहायता देने की व्यवस्था का भी उल्लेख किया। यह सहायता फसल क्षति के मुआवजे से अलग है।
पशुधन की हानि और आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों के मामलों में भी नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने बाढ़ और नदी कटान से प्रभावित इलाकों में बचाव कार्य तेज करने तथा क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के निर्देश भी दिए। इसके लिए सिंचाई विभाग, लोक निर्माण विभाग, नगर विकास, आवास विभाग और संबंधित विकास प्राधिकरणों को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की बात कही गई।
आकाशीय बिजली से मौत पर पांच लाख रुपये की सहायता
मुख्यमंत्री ने आकाशीय बिजली से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए शुरुआती चेतावनी प्रणाली और वर्षामापी यंत्रों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मौसम संबंधी चेतावनियां मोबाइल संदेशों के माध्यम से लोगों तक पहुंचाई जा रही हैं।
उन्होंने अधिकारियों को मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उनके अनुसार, आकाशीय बिजली से दुर्घटना होने की स्थिति में पात्र किसान, पट्टेदार या उनके पात्र परिजनों को पांच लाख रुपये की सहायता 24 घंटे के भीतर उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर जोर दिया गया है।
ऐसे मामलों में पात्रता और सहायता का निर्धारण संबंधित योजना के नियमों के अनुसार किया जाता है।
15 अक्टूबर से शुरू होगी धान, ज्वार, बाजरा और मक्का की खरीद
मुख्यमंत्री ने खरीफ फसलों की सरकारी खरीद को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अतिवृष्टि के कारण जिन जिलों में क्रय केंद्र शुरू करने में देरी हुई है, वहां 15 अक्टूबर से धान के साथ ज्वार, बाजरा और मक्का की खरीद शुरू की जाएगी।
योगी आदित्यनाथ ने किसानों से सरकारी क्रय केंद्रों और मंडियों में अपनी उपज बेचने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसानों की उपज की खरीद और भुगतान की प्रक्रिया में सुविधा दी जाएगी तथा भुगतान सीधे बैंक खातों में भेजा जाएगा।
खरीद की वास्तविक शुरुआत, केंद्रों की उपलब्धता और लागू नियमों की जानकारी के लिए किसानों को संबंधित जिले के प्रशासन और खाद्य एवं रसद विभाग की आधिकारिक सूचना देखनी चाहिए।
किसानों को राहत और विपक्ष पर सियासी हमला
गोरखपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आपदा राहत, सिंचाई, बिजली, बीमा और फसल खरीद से जुड़े मुद्दों को सरकार की किसान नीति के प्रमुख हिस्सों के रूप में प्रस्तुत किया। साथ ही उन्होंने सपा के शासनकाल पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि पिछली सरकारों में किसानों को पर्याप्त राहत नहीं मिलती थी।
निष्कर्ष: मुख्यमंत्री ने आपदा प्रभावित किसानों के खातों में लगभग 493 करोड़ रुपये भेजे जाने का दावा करते हुए राहत वितरण में पारदर्शिता पर जोर दिया। वहीं, सपा पर किसानों के हक की अनदेखी और राहत राशि में कथित गड़बड़ी के आरोप लगाए। इन राजनीतिक आरोपों और प्रस्तुत आंकड़ों का स्वतंत्र मूल्यांकन आधिकारिक रिकॉर्ड तथा संबंधित योजनाओं के विवरण के आधार पर किया जाना चाहिए।










