बरेली/13 अक्टूबर 2026: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को बरेली क्लब में आयोजित जनसभा में शिक्षा, रोजगार और कानून-व्यवस्था के मुद्दों पर अपनी सरकार का पक्ष रखा। समाजवादी पार्टी (सपा) पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में त्योहारों के दौरान दंगों की आशंका बनी रहती थी, जबकि अब परिस्थितियों में बदलाव आया है। मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि प्रदेश में दंगा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और उनकी संपत्ति भी जब्त की जा सकती है।
अपने संबोधन की शुरुआत ‘हर-हर महादेव’ के उद्घोष से करने वाले सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब ‘बीमारू’ राज्य की श्रेणी से बाहर निकल चुका है। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में सुधार, पारदर्शी भर्ती, युवाओं को रोजगार और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई को अपनी सरकार की उपलब्धियों के रूप में गिनाया।
बरेली में CM योगी का बयान: दंगा करने वालों पर सख्ती की चेतावनी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानून-व्यवस्था पर बोलते हुए कहा कि वर्ष 2017 से पहले त्योहारों के दौरान उपद्रव की घटनाएं सामने आती थीं। उनके मुताबिक, अब प्रदेश में धार्मिक आयोजन और मेले अधिक शांतिपूर्ण माहौल में आयोजित हो रहे हैं।
उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि दंगा करने का प्रयास करने वालों को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। मुख्यमंत्री ने संपत्ति जब्त किए जाने की चेतावनी भी दी।
यह बयान प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार की नीति के संदर्भ में आया। हालांकि, किसी व्यक्ति की संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई संबंधित कानून, निर्धारित प्रक्रिया और सक्षम प्राधिकारी के आदेश के अनुसार ही की जा सकती है।
मुख्यमंत्री ने संभल का उल्लेख करते हुए कहा कि पुलिस की कार्रवाई से अपराधियों में भय का माहौल बना है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति में बदलाव आया है और इसका असर लोगों के जीवन पर दिखाई दे रहा है।
शिक्षा व्यवस्था और पारदर्शी शिक्षक भर्ती पर जोर
सीएम योगी ने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी समाज की पहचान उसकी शिक्षा व्यवस्था से होती है। उन्होंने भारतीय परंपरा में गुरु के महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षक केवल सरकारी कर्मचारी नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
मुख्यमंत्री ने महर्षि व्यास और गुरु पूर्णिमा का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्कृष्ट शिक्षक ही आने वाली पीढ़ियों को सही दिशा देते हैं। उन्होंने कहा कि जिस समाज में शिक्षकों और शिक्षा की मजबूत परंपरा होती है, उसके विकास की संभावनाएं भी व्यापक होती हैं।
शिक्षा के क्षेत्र में सरकार के कार्यों का जिक्र करते हुए उन्होंने वर्ष 2017 के बाद पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया अपनाने का दावा किया। उनके अनुसार, बिना भेदभाव के शिक्षकों की नियुक्तियां करने और योग्य अभ्यर्थियों को अवसर देने पर जोर दिया गया है।
कायाकल्प अभियान और अलंकार योजना का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने सरकारी स्कूलों की स्थिति में सुधार के लिए चलाए गए कायाकल्प अभियान और अलंकार योजना का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन पहलों के माध्यम से विद्यालयों की सुविधाओं और शैक्षणिक वातावरण को बेहतर बनाने का प्रयास किया गया है।
उन्होंने नकलविहीन परीक्षाओं और बोर्ड परीक्षा परिणामों की प्रक्रिया में तेजी का भी जिक्र किया। सीएम योगी के मुताबिक, पहले परीक्षाओं के आयोजन और परिणाम घोषित होने में लंबा समय लगता था, जबकि अब यह प्रक्रिया पहले की तुलना में तेजी से पूरी की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने शिक्षकों के लिए कैशलेस इलाज और बीमा सुविधाओं का भी उल्लेख किया। साथ ही, उन्होंने कहा कि सीबीएसई से जुड़े शिक्षकों को भी सुविधाएं देने के विकल्प पर विचार किया जा रहा है। प्रदेश में विश्वविद्यालयों और मेडिकल कॉलेजों के विस्तार की बात भी उन्होंने अपने संबोधन में रखी।
सपा पर निशाना, भर्ती प्रक्रिया को लेकर लगाए आरोप
समाजवादी पार्टी की पूर्ववर्ती सरकार पर हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि उस समय शिक्षा और भर्ती व्यवस्था को अपेक्षित प्राथमिकता नहीं मिली। उन्होंने कहा कि कई पद खाली रहे और चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर सवाल उठे।
सीएम योगी ने सपा के शासनकाल और वर्तमान सरकार की कार्यशैली की तुलना करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने युवाओं को रोजगार देने के लिए पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया पर जोर दिया है।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उनकी सरकार के कार्यकाल में करीब 9.5 लाख युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं। इस आंकड़े के तहत शामिल विभागों, नियुक्तियों की अवधि और श्रेणियों का विस्तृत विवरण सरकारी आंकड़ों से सत्यापित किया जाना चाहिए।
राम प्रसाद बिस्मिल के प्रसंग से साधा राजनीतिक निशाना
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में स्वतंत्रता सेनानी पंडित राम प्रसाद बिस्मिल का उल्लेख करते हुए पूर्ववर्ती सरकार के एक प्रसंग पर कटाक्ष किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार के दौरान एक कार्यक्रम में बिस्मिल के नाम और पहचान को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा हुई थी।
इस प्रसंग के माध्यम से उन्होंने तत्कालीन सरकार पर ऐतिहासिक व्यक्तित्वों और स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति पर्याप्त जानकारी नहीं रखने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी कहा कि पूर्ववर्ती शासन में माफिया से जुड़े लोगों को संरक्षण मिलता था।
ये आरोप मुख्यमंत्री ने राजनीतिक संबोधन के दौरान लगाए। संबंधित प्रसंग और उसके विवरण की स्वतंत्र पुष्टि के बिना इसे निर्विवाद ऐतिहासिक तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
बरेली को ‘नाथ नगरी’ के रूप में पहचान मिलने की बात कही
सीएम योगी ने बरेली की सांस्कृतिक पहचान का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले शहर की पहचान मुख्य रूप से उसके झुमके के लिए होती थी, लेकिन अब ‘नाथ नगरी’ के रूप में भी इसे पहचान मिली है।
उन्होंने शाकुंभरी पीठ और प्रदेश के विभिन्न धार्मिक स्थलों पर होने वाले आयोजनों का जिक्र करते हुए कहा कि लोग अब धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों में अधिक उत्साह से भाग ले रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि बेहतर कानून-व्यवस्था से लोगों में विश्वास बढ़ा है और प्रदेश की छवि में बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश के लोगों को दूसरे राज्यों में अपनी पहचान को लेकर कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था, जबकि अब परिस्थितियां बदल रही हैं।
सुरक्षा, निवेश और रोजगार को बताया एक-दूसरे से जुड़ा
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षित वातावरण विकास की गतिविधियों को आगे बढ़ाने में मदद करता है। उनके अनुसार, कानून-व्यवस्था बेहतर होने पर सड़क और बुनियादी ढांचे से जुड़े काम, निवेश तथा रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन सकती हैं।
उन्होंने महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा, सीसीटीवी कैमरों तथा एआई आधारित तकनीक के उपयोग का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री के मुताबिक, तकनीकी साधनों से संदिग्ध गतिविधियों की पहचान और जांच में मदद मिल सकती है।
सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश को आगे बढ़ाने में सुरक्षा, शिक्षा और रोजगार की अहम भूमिका है। उन्होंने अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए प्रदेश को ‘बीमारू’ राज्य की श्रेणी से बाहर निकलने वाला बताया।
हालांकि, इन दावों का समग्र आकलन करने के लिए अपराध के आंकड़ों, शिक्षा के परिणामों, रोजगार संबंधी आधिकारिक आंकड़ों और आर्थिक विकास के संकेतकों को अलग-अलग देखना आवश्यक है।









