अयोध्या (बुधवार, 08 अक्टूबर 2025) — मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की नगरी बुधवार को फिर भक्ति और उत्साह से झूम उठी, जब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक दिवसीय दौरे पर अयोध्या पहुंचे। उन्होंने अपने प्रवास की शुरुआत संकट मोचन हनुमानगढ़ी से की, जहां विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।
श्रीरामलला के दरबार में आरती, मंदिर निर्माण की समीक्षा
हनुमानगढ़ी से निकलने के बाद मुख्यमंत्री योगी सीधे श्रीरामलला के दरबार पहुंचे। वहां उन्होंने आरती उतारी, परिक्रमा की और प्रभु श्रीराम के चरणों में शीश नवाया। इस दौरान राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने उन्हें ‘Ayodhya Ram Mandir Progress’ से संबंधित विस्तृत जानकारी दी।
योगी आदित्यनाथ ने मंदिर परिसर के निर्माण कार्यों का प्रत्यक्ष अवलोकन किया और विभिन्न चरणों की प्रगति पर संतोष जताया।
मंदिर प्रांगण से बाहर निकलते समय उन्होंने श्रद्धालुओं का हाथ जोड़कर अभिवादन स्वीकार किया। पूरा परिसर “जय श्रीराम” के जयघोष से गूंज उठा, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बन गया।
हेलीपैड पर हुआ भव्य स्वागत
मुख्यमंत्री का अयोध्या आगमन रामकथा पार्क स्थित हेलीपैड पर हुआ, जहां उनका भव्य स्वागत किया गया।
जनप्रतिनिधियों, संत-महात्माओं और प्रशासनिक अधिकारियों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका अभिनंदन किया।
स्वागत समारोह में प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, कृषि मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह, अयोध्या की महापौर गिरीशपति त्रिपाठी, जिला पंचायत अध्यक्ष रोली सिंह, और विधायकगण वेद प्रकाश गुप्ता, अमित सिंह चौहान, रामचंद्र यादव, अभय सिंह, चंद्रभानु पासवान सहित बीजेपी के वरिष्ठ पदाधिकारी संजीव सिंह और कमलेश श्रीवास्तव उपस्थित रहे।
धार्मिक आस्था और विकास का संगम
यह दौरा केवल धार्मिक औपचारिकता तक सीमित नहीं रहा। मुख्यमंत्री ने ‘Ayodhya Ram Mandir Progress’ की समीक्षा के साथ-साथ क्षेत्र के विकास कार्यों की दिशा में भी दृष्टि डाली।
योगी ने कहा कि अयोध्या न सिर्फ श्रद्धा का केंद्र है, बल्कि भारत की सांस्कृतिक आत्मा का प्रतीक भी है।
उन्होंने अधिकारियों को मंदिर परिसर और आसपास के बुनियादी ढांचे — सड़क, यातायात, प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा — को बेहतर बनाने के निर्देश दिए।
अक्टूबर महीने का पहला अयोध्या दौरा
गौरतलब है कि अक्टूबर महीने में यह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पहला अयोध्या दौरा रहा।
इस यात्रा को धार्मिकता और प्रशासनिक निगरानी — दोनों ही दृष्टि से अहम माना जा रहा है।
मंदिर निर्माण के साथ-साथ अयोध्या को विश्व-स्तरीय पर्यटन केंद्र बनाने की दिशा में भी कई योजनाओं पर कार्य तेज़ी से चल रहा है।
निष्कर्ष
सीएम योगी आदित्यनाथ का यह अयोध्या दौरा न केवल ‘Ram Mandir’ की प्रगति की समीक्षा के लिए महत्वपूर्ण था, बल्कि यह संदेश भी देता है कि सरकार की प्राथमिकता श्रद्धा और विकास दोनों के संतुलन पर है।
अयोध्या की धरती पर मंदिर निर्माण की हर ईंट के साथ एक नया ‘विकसित भारत’ आकार ले रहा है।












