01 जून 2026, लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री CM Yogi जनता दर्शन कार्यक्रम में सोमवार को एक बार फिर संवेदनशील प्रशासन और जवाबदेह शासन का संदेश देते नजर आए। एक ओर उन्होंने अधिकारियों को जनता की शिकायतों का तय समय सीमा के भीतर समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, तो दूसरी ओर आर्थिक संकट से जूझ रही हापुड़ की एक छात्रा की शिक्षा में हर संभव मदद का भरोसा देकर मानवीय संवेदना का परिचय भी दिया।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल शिकायतों का निस्तारण करना नहीं है, बल्कि जरूरतमंद लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना भी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पात्र लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी भेदभाव के पहुंचे और हर जरूरतमंद को समय पर सहायता उपलब्ध कराई जाए।
CM Yogi जनता दर्शन में अधिकारियों को जवाबदेही तय करने के निर्देश
लोक भवन में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए लोगों ने अपनी समस्याएं मुख्यमंत्री के समक्ष रखीं। मुख्यमंत्री ने एक-एक प्रार्थना पत्र का संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को त्वरित और प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए।
राजस्व और पुलिस विभाग से जुड़े मामलों पर विशेष जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आम नागरिकों की शिकायतें लंबे समय तक लंबित नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि छह माह से अधिक समय से लंबित राजस्व वादों की विशेष समीक्षा की जाए। यदि किसी मामले में बिना उचित कारण के देरी पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ जवाबदेही तय करते हुए कार्रवाई की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन की कार्यशैली ऐसी होनी चाहिए जिससे लोगों को बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें और उन्हें समय पर न्याय मिल सके।
हापुड़ की छात्रा की बात सुन भावुक हुए मुख्यमंत्री
जनता दर्शन के दौरान एक ऐसा क्षण भी आया जिसने कार्यक्रम को मानवीय संवेदनाओं से भर दिया। हापुड़ से आई एक छात्रा ने मुख्यमंत्री को अपने परिवार की आर्थिक परेशानियों और पढ़ाई में आ रही कठिनाइयों के बारे में बताया।
मुख्यमंत्री ने छात्रा से बातचीत करते हुए उसकी पढ़ाई और कक्षा के बारे में जानकारी ली। छात्रा ने बताया कि वह कक्षा सात की छात्रा है और आर्थिक तंगी के कारण उसकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
छात्रा की बात सुनकर मुख्यमंत्री ने उसे भरोसा दिलाते हुए कहा, “बेटा! तुम सिर्फ पढ़ाई करो, बाकी हम पर छोड़ दो।”
मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को छात्रा को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए और यह सुनिश्चित करने को कहा कि उसकी शिक्षा किसी भी परिस्थिति में बाधित न हो।
शिक्षा को बताया सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता
CM Yogi जनता दर्शन कार्यक्रम में बच्चों और अभिभावकों से भी मिले। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजें और उनकी शिक्षा को प्राथमिकता दें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा ही बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की सबसे मजबूत नींव है। राज्य सरकार लगातार ऐसी योजनाओं पर काम कर रही है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जरूरतमंद विद्यार्थियों की पहचान कर उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाया जाए, ताकि कोई भी बच्चा संसाधनों की कमी के कारण शिक्षा से वंचित न रहे।
जरूरतमंदों तक पहुंचे योजनाओं का लाभ
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ कार्य करने की सलाह देते हुए कहा कि शासन-प्रशासन का असली उद्देश्य जनता की समस्याओं का समाधान करना और उनके जीवन स्तर में सुधार लाना है।
उन्होंने कहा कि गरीब, जरूरतमंद, बीमार और वंचित वर्ग के लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचना चाहिए। साथ ही उपचार, आर्थिक सहायता और अन्य कल्याणकारी योजनाओं के मामलों में भी त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
जनता के प्रति जवाबदेही और संवेदनशीलता का संदेश
सोमवार के CM Yogi जनता दर्शन कार्यक्रम में एक तरफ प्रशासनिक सख्ती दिखाई दी तो दूसरी तरफ मानवीय संवेदनाओं की झलक भी देखने को मिली। लंबित मामलों पर कार्रवाई के निर्देश और एक छात्रा की शिक्षा का जिम्मा उठाने का भरोसा इस बात का संकेत है कि सरकार प्रशासनिक दक्षता के साथ-साथ सामाजिक संवेदनशीलता को भी प्राथमिकता देने का प्रयास कर रही है।









