गोरखपुर/18 अगस्त 2026। उत्तर प्रदेश के PRD जवानों के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कई बड़ी घोषणाएं कीं। गोरखपुर में आयोजित प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) स्वयंसेवकों के सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने दैनिक ड्यूटी भत्ता बढ़ाकर 600 रुपये करने का ऐलान किया। इसके साथ ही पीआरडी जवानों और उनके परिवारों के लिए ‘मुख्यमंत्री पीआरडी कैशलेस चिकित्सा योजना’ की शुरुआत की गई।
मुख्यमंत्री ने स्वयंसेवकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा कार्ड वितरित किए। योजना के तहत प्रत्येक पीआरडी स्वयंसेवक और उसके परिवार को हर साल 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा मिलेगी। इसके अलावा लखनऊ में करीब 23 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले बहुमंजिला पीआरडी बैरक का भी शिलान्यास किया गया।
PRD जवानों का ड्यूटी भत्ता अब 600 रुपये प्रतिदिन
योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित सम्मेलन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 1948 में पीआरडी के गठन के बाद लंबे समय तक स्वयंसेवकों को बहुत कम दैनिक ड्यूटी भत्ता मिलता था।
मुख्यमंत्री के अनुसार, वर्ष 2019 तक पीआरडी स्वयंसेवकों को 250 रुपये प्रतिदिन ड्यूटी भत्ता मिलता था। वर्ष 2019 में इसे बढ़ाकर 375 रुपये और 2022 में 395 रुपये किया गया। इसके बाद 2025 में भत्ता बढ़ाकर 500 रुपये प्रतिदिन किया गया।
अब इसमें एक और बढ़ोतरी करते हुए 500 रुपये से बढ़ाकर 600 रुपये प्रतिदिन करने की घोषणा की गई है।
सीएम योगी ने कहा कि लंबे समय तक 250 रुपये तक सीमित रहा यह भत्ता पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ा है। उनके मुताबिक, 75 वर्षों में जितनी वृद्धि हुई, उसके मुकाबले पिछले आठ वर्षों में इसमें बड़ा बदलाव आया है।
पीआरडी जवानों और परिवार को 5 लाख तक कैशलेस इलाज
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री पीआरडी कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ करते हुए कहा कि सरकार पीआरडी स्वयंसेवकों के योगदान और सेवाभाव को देखते हुए उन्हें और उनके परिवारों को चिकित्सा सुरक्षा उपलब्ध करा रही है।
योजना के तहत प्रदेश के 31 हजार से अधिक पीआरडी स्वयंसेवकों को सरकारी और सरकार से इम्पैनल्ड अस्पतालों में हर साल 5 लाख रुपये तक मुफ्त कैशलेस चिकित्सा की सुविधा मिलेगी।
परिवार के सदस्यों को शामिल करने पर इससे 1.55 लाख से अधिक लोग लाभान्वित होने का अनुमान है। यानी अब किसी गंभीर बीमारी या महंगे इलाज की स्थिति में पीआरडी परिवारों को आर्थिक बोझ से काफी राहत मिलने की उम्मीद है।
10 स्वयंसेवकों को सीएम ने बांटे कैशलेस कार्ड
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रतीकात्मक रूप से 10 पीआरडी स्वयंसेवकों को कैशलेस चिकित्सा कार्ड वितरित किए।
इनमें गोरखपुर के अजय, भीमसेन, धीरेंद्र और उमेश कुमार, लखनऊ की स्नेहलता रावत और अनामिका वर्मा, कुशीनगर की चंदा भारती, मऊ के जय सिंह, चंदौली के मो. शाकिर और वाराणसी के किशन गुप्ता शामिल रहे।
कार्ड मिलने के साथ ही योजना की सुविधा को लेकर स्वयंसेवकों में उत्साह भी देखने को मिला। रोजमर्रा की ड्यूटी के बीच स्वास्थ्य सुरक्षा का भरोसा किसी भी परिवार के लिए छोटी बात नहीं है।
आपदा से लेकर महाकुंभ और चुनाव तक निभाते हैं जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को मजबूत बनाने में पीआरडी स्वयंसेवक पुलिस और प्रशासन के साथ महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन, महाकुंभ, दीपोत्सव, रंगोत्सव, यातायात संचालन और चुनाव ड्यूटी सहित अलग-अलग अवसरों पर पीआरडी जवानों ने अनुशासन और समर्पण के साथ जिम्मेदारी निभाई है।
सीएम योगी ने दावा किया कि वर्ष 2017 से पहले पीआरडी स्वयंसेवकों को पर्याप्त ड्यूटी नहीं मिलती थी। अब सरकार ने उनकी भूमिका और उपयोगिता को समझते हुए व्यवस्था को मजबूत किया है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, आज कई मौकों पर ड्यूटी की मांग के मुकाबले स्वयंसेवकों की संख्या कम पड़ जाती है।
पीआरडी का बजट 23 करोड़ से बढ़कर 543 करोड़ रुपये
कार्यक्रम में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) राजनीतिक पेंशन, सैनिक कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल डॉ. सोमेंद्र तोमर ने कहा कि पीआरडी के जवान शांति, सुरक्षा और जनसेवा की व्यवस्था में महत्वपूर्ण आधार हैं।
उन्होंने कहा कि 2017 से पहले पीआरडी का बजट करीब 23 करोड़ रुपये था, जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में इसे बढ़ाकर अब 543 करोड़ रुपये किया गया है।
सरकार का जोर पीआरडी स्वयंसेवकों की सुविधाओं और उनके कल्याण से जुड़ी व्यवस्थाओं को मजबूत करने पर है। ड्यूटी भत्ते में बढ़ोतरी और कैशलेस चिकित्सा योजना को इसी दिशा में उठाए गए कदम के तौर पर देखा जा रहा है।
लखनऊ में बनेगा बहुमंजिला पीआरडी बैरक
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने रिमोट का बटन दबाकर लखनऊ में करीब 23 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले बहुमंजिला पीआरडी बैरक का शिलान्यास भी किया।
कार्यक्रम में जिला पंचायत की प्रशासक साधना सिंह, विधायक फतेह बहादुर सिंह, श्रीराम चौहान, विपिन सिंह, महेंद्रपाल सिंह, प्रदीप शुक्ल, सरवन निषाद, एमएलसी एवं भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह, पीआरडी विभाग के सचिव सुहास एलवाई, भाजपा क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद राय, जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी, महानगर अध्यक्ष रमेश प्रताप गुप्ता और पूर्व महानगर अध्यक्ष राजेश गुप्ता समेत कई जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे।
पीआरडी स्वयंसेवकों के लिए एक ही कार्यक्रम में ड्यूटी भत्ते में वृद्धि, कैशलेस चिकित्सा सुविधा और नए बैरक का शिलान्यास—तीनों घोषणाओं को सरकार की ओर से जवानों के कल्याण और उनकी कार्यक्षमता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।









