लखनऊ/सिद्धार्थनगर, 03 मई 2026। उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले से रविवार को एक दर्दनाक लेकिन राहत भरी खबर सामने आई, जहां सीएम योगी रेस्क्यू ऑपरेशन के तहत पानी की टंकी पर फंसे बच्चों को सुरक्षित निकाल लिया गया। Yogi Adityanath के निर्देश पर प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए भारतीय वायुसेना की मदद ली और एक जटिल बचाव अभियान को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।
हालांकि इस हादसे में एक बच्चे की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए, लेकिन दो बच्चों को सुरक्षित बचा लिया गया—जो इस पूरे ऑपरेशन का सबसे सकारात्मक पक्ष रहा।
रील बनाने के चक्कर में हुआ हादसा, पल भर में बदली तस्वीर
घटना सिद्धार्थनगर के नवगढ़ तहसील क्षेत्र के बेलसड़ तप्पा थरौली गांव की है। यहां पांच बच्चे सोशल मीडिया के लिए रील बनाने के उद्देश्य से ऊंची पानी की टंकी पर चढ़ गए थे। लेकिन अचानक टंकी की सीढ़ी टूट गई, जिससे तीन बच्चे नीचे गिर गए।
गिरने वाले बच्चों में एक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं दो बच्चे ऊपर ही फंसे रह गए—जहां हर मिनट जोखिम बढ़ता जा रहा था।
सीएम के निर्देश के बाद तेज हुआ बचाव अभियान
जैसे ही घटना की जानकारी मिली, मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने तत्काल संज्ञान लिया और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बचाव कार्य में कोई लापरवाही न हो।
जिला प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें बिना समय गंवाए मौके पर पहुंचीं। जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने हालात की गंभीरता को समझते हुए तुरंत हेलीकॉप्टर की मांग की, जिसे राहत आयुक्त द्वारा तत्काल मंजूरी दी गई।
दलदली जमीन और टूटी सीढ़ी बनी बड़ी चुनौती
रेस्क्यू ऑपरेशन आसान नहीं था। टंकी के आसपास जलभराव के कारण जमीन दलदली हो चुकी थी, जिससे भारी मशीनरी जैसे जेसीबी और क्रेन का इस्तेमाल संभव नहीं हो सका।
ऊंचाई पर फंसे बच्चों तक पहुंचने के लिए कोई सुरक्षित रास्ता नहीं था—टूटी हुई सीढ़ी ने स्थिति को और खतरनाक बना दिया। ऐसे में हर कदम बेहद सावधानी के साथ उठाया जा रहा था।
एयरफोर्स की एंट्री से बदली स्थिति
जब हालात ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो गए, तब सीएम योगी रेस्क्यू ऑपरेशन के तहत Indian Air Force को मदद के लिए बुलाया गया। गोरखपुर से हेलीकॉप्टर मौके पर पहुंचा और रविवार सुबह ऑपरेशन को अंजाम दिया गया।
एयरफोर्स के प्रशिक्षित दल ने बेहद सावधानी और सटीकता के साथ दोनों फंसे बच्चों को एयरलिफ्ट कर सुरक्षित नीचे उतार लिया। यह पूरा ऑपरेशन कुछ ही मिनटों में पूरा हुआ, लेकिन इसकी तैयारी और जोखिम काफी बड़ा था।
मानवीय संवेदनाओं और प्रशासनिक तत्परता की मिसाल
इस घटना ने जहां एक ओर सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव और जोखिमों को उजागर किया, वहीं दूसरी ओर प्रशासन की तत्परता और समन्वय की भी मिसाल पेश की।
स्थानीय लोगों ने भी राहत की सांस ली जब दोनों बच्चे सुरक्षित बाहर आ गए। हालांकि एक मासूम की मौत ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया।
सीख भी, संदेश भी
यह सीएम योगी रेस्क्यू ऑपरेशन केवल एक बचाव अभियान नहीं था, बल्कि यह एक सख्त संदेश भी है—खासकर युवाओं के लिए—कि सोशल मीडिया के लिए जोखिम भरे कदम कभी-कभी जानलेवा साबित हो सकते हैं।
सरकार की तेज कार्रवाई ने यह जरूर साबित कर दिया कि संकट की घड़ी में सिस्टम सक्रिय है, लेकिन सतर्कता और समझदारी ही ऐसे हादसों को रोक सकती है।










