लखनऊ, 20 फरवरी 2026 (शुक्रवार): उत्तर प्रदेश विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के वित्तीय प्रबंधन को लेकर सरकार की कार्यशैली और उपलब्धियों का विस्तृत उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं में लीकेज को रोकने, भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाने और मजबूत वित्तीय अनुशासन स्थापित करने के कारण प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार मिली है।
मुख्यमंत्री ने सदन में कहा कि बीते कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश को लेकर देश और विदेश में जो धारणा बनी है, उसमें उल्लेखनीय बदलाव आया है। आज प्रदेश का नागरिक सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है और निवेशकों का विश्वास भी बढ़ा है। उनके अनुसार, यह परिवर्तन किसी एक निर्णय का परिणाम नहीं बल्कि स्पष्ट नीति, पारदर्शी कार्यप्रणाली और शुद्ध नीयत के साथ किए गए सतत प्रयासों का नतीजा है।
वर्ष 2017 में लिए गए लघु एवं सीमांत किसानों की कर्जमाफी के फैसले का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे बेहतर वित्तीय अनुशासन का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि उस समय कई लोगों ने सवाल उठाए थे कि सरकार 86 लाख किसानों के एक लाख रुपये तक के कर्ज कैसे माफ करेगी। लेकिन राज्य सरकार ने बिना किसी बैंक या वित्तीय संस्था से ऋण लिए, केवल बजटीय संसाधनों के माध्यम से इस योजना को लागू किया। यह निर्णय दर्शाता है कि यदि संसाधनों का कुशल प्रबंधन किया जाए तो बड़े सामाजिक फैसले भी आर्थिक संतुलन बनाए रखते हुए लिए जा सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने पर्सनल लेजर अकाउंट (PLA) प्रणाली में सुधार करते हुए योजनाओं के लिए अनावश्यक रूप से धन के जमा होने की प्रवृत्ति पर रोक लगाई है। अब आवश्यकता के अनुसार ही विभागों को धनराशि जारी की जाती है, जिससे वित्तीय पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हुई है। उन्होंने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक की गाइडलाइंस का पालन करते हुए राजकोषीय प्रबंधन को संतुलित रखा गया है, जिससे विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आई है।
प्रदेश की बैंकिंग स्थिति में सुधार का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2016-17 में राज्य का क्रेडिट-डिपॉजिट (CD) रेशियो लगभग 43 से 44 प्रतिशत था, जो अब बढ़कर 61 से 62 प्रतिशत तक पहुंच गया है। इसका अर्थ है कि प्रदेश के नागरिकों द्वारा बैंकों में जमा की गई राशि अब राज्य के भीतर ही निवेश के रूप में उपयोग हो रही है। इससे स्थानीय उद्योग, व्यापार और स्वरोजगार के अवसरों में वृद्धि हुई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने प्रदेश के विकास के लिए बड़े लक्ष्य निर्धारित किए हैं और वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता तथा पूंजीगत निवेश की रणनीति के माध्यम से उन्हें प्राप्त करने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन प्रयासों से उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा आने वाले वर्षों में और अधिक सशक्त होगी।








