कानपुर (20 Oct 2025) — Diwali Sales 2025 ने इस बार भी व्यापारियों की झोली को भरपूर धनवर्षा दी। धनतेरस से शुरू हुई खरीदारी दिवाली तक जारी रही और तीन दिनों में लगभग 3,500 करोड़ रुपये का कारोबार दर्ज किया गया। दिवाली वाले दिन अकेले बाजार में लगभग 700 करोड़ रुपये का लेन-देन हुआ। पिछले साल के मुकाबले यह कारोबार करीब एक हजार करोड़ अधिक है।
मिठाई, फल-फूल और सजावटी सामान की बंपर बिक्री
दिवाली के दौरान मिठाई की दुकानों पर देर रात तक रौनक रही। मोतीचूर के लड्डू, ड्राईफ्रूट्स, चॉकलेट पैक और नमकीन की बिक्री ने व्यापारियों के चेहरे खिलाए।
कानपुर होटल, गेस्ट हाउस, स्वीट्स और नमकीन एसोसिएशन के अध्यक्ष सुखबीर सिंह मलिक ने बताया, “तीन दिनों में मिठाई की बिक्री लगभग 1,000 करोड़ रुपये रही।”
फूलों और सजावटी सामान की बिक्री भी आकर्षक रही। जूही गोशाला, मालरोड, छावनी और नजदीकी बाजारों में लगभग 10 करोड़ रुपये के फूल बिके। कमल के फूल की सबसे ज्यादा मांग रही। गुलाब 600-800 रुपये किलो और गेंदा 200-300 रुपये किलो में बिके। गन्ना, दूर्वा, कमल गट्टा जैसी परंपरागत पूजा सामग्री भी बंपर बिकने के साथ-साथ महंगे भाव में उपलब्ध रही।
पटाखा बाजार में भी उमड़ी भीड़
दिवाली पर पटाखा बाजार भी ग्राहकों से गुलजार रहा। बिठूर में थोक और फुटकर बाजारों में सुबह से ही लोग खरीदारी के लिए पहुंचे।
60, 120, 240 शॉट वाले पटाखों के अलावा, फुलझड़ी, जानेमन और अनार की बिक्री भी जोर-शोर से हुई। खास तौर पर आसमान में दगने वाले पटाखों की मांग अधिक रही।
इस बार पटाखों का कारोबार लगभग 70 करोड़ रुपये के आसपास रहा। ग्रीन पटाखों की भी बिक्री हुई और बच्चों के लिए बंदूकें और बुलेट बम भी बिके।
सोना-चांदी और सराफा बाजार की रौनक
कानपुर महानगर बुलियन एंड सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष आशू शर्मा ने बताया कि सोना-चांदी के भाव में तेजी के बावजूद सराफा बाजार में भी अच्छी रौनक रही। धनतेरस से दिवाली तक सराफा व्यापार लगातार सक्रिय रहा।
फल और रोज़मर्रा की सामग्री में खरीदारी
संयुक्त व्यापार मंडल के अध्यक्ष नीतू सिंह ने बताया कि सेब, केला, शरीफा, संतरा आदि फलों की बिक्री में भी वृद्धि रही। फल मंडियों में देर शाम तक ग्राहकों की भीड़ बनी रही।
📊 Diwali Sales 2025 का सारांश
- कुल तीन दिन का कारोबार: लगभग 3,500 करोड़ रुपये
- दिवाली वाले दिन कारोबार: 700 करोड़ रुपये
- पटाखों का कारोबार: 70 करोड़ रुपये
- मिठाई और स्नैक्स: 1,000 करोड़ रुपये
- फूलों की बिक्री: लगभग 10 करोड़ रुपये
इस दिवाली, व्यापारियों ने न केवल अपनी कमाई बढ़ाई बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती दी। Diwali Sales 2025 ने यह साबित किया कि त्योहार न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व रखते हैं, बल्कि व्यापार और रोजगार के अवसर भी पैदा करते हैं।










