लखनऊ|10 जून 2026: उत्तर प्रदेश में आर्थिक अपराधों के खिलाफ कार्रवाई को और अधिक प्रभावी एवं समयबद्ध बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा निर्देश जारी किया है। मुख्यमंत्री ने आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (ईओडब्ल्यू) को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वित्तीय धोखाधड़ी, जालसाजी, गबन और अन्य आर्थिक अपराधों से जुड़े मामलों की जांच तीन माह के भीतर पूरी की जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी मामले को अनावश्यक रूप से लंबित रखने की प्रवृत्ति पर रोक लगनी चाहिए और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए।
लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने ईओडब्ल्यू की कार्यप्रणाली का विस्तृत आकलन किया और जांच प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, तकनीक आधारित तथा परिणामोन्मुख बनाने पर जोर दिया।
आर्थिक अपराध के मामले में देरी पर होगी जवाबदेही तय
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों से कहा कि आर्थिक अपराध केवल सरकारी धन को नुकसान नहीं पहुंचाते, बल्कि आम लोगों के विश्वास को भी कमजोर करते हैं। ऐसे मामलों में त्वरित जांच और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई बेहद आवश्यक है।
उन्होंने निर्देश दिया कि तीन माह से अधिक समय तक जांच अपने पास रखने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाए। साथ ही एक ऐसी व्यवस्था विकसित की जाए, जिसमें कोई भी अधिकारी निर्धारित समय सीमा से अधिक किसी मामले को लंबित न रख सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समयबद्ध जांच से पीड़ितों को जल्द न्याय मिलेगा और आर्थिक अपराध करने वालों में कानून का भय भी बढ़ेगा।
तकनीक आधारित जांच प्रणाली को और मजबूत करने पर जोर
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने जांच प्रक्रिया में आधुनिक तकनीक के अधिक उपयोग की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि बदलते दौर में आर्थिक अपराधों की प्रकृति लगातार जटिल होती जा रही है, इसलिए जांच एजेंसियों को भी तकनीकी रूप से सक्षम और संसाधनों से सुसज्जित होना होगा।
अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि केस मैनेजमेंट सिस्टम (सीएमएस) के माध्यम से मामलों की ऑनलाइन निगरानी और प्रबंधन किया जा रहा है। इस डिजिटल व्यवस्था से जांच की प्रगति पर रियल टाइम मॉनिटरिंग संभव हो रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक आधारित व्यवस्था से जांच की गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही में उल्लेखनीय सुधार आएगा।
31 मई तक 155 मामलों की जांच पूरी, 71 आरोपित गिरफ्तार
समीक्षा बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन ने वर्ष 2026 में 31 मई तक कुल 155 मामलों की जांच पूरी की है। इसी अवधि में 71 आरोपितों को गिरफ्तार भी किया गया है।
मुख्यमंत्री ने इन प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि आर्थिक अपराधों के विरुद्ध अभियान को और तेज करने की आवश्यकता है, ताकि अपराधियों के खिलाफ समय रहते प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
वित्तीय ठगी और साइबर फ्रॉड के प्रति जागरूकता बढ़ाने के निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को आम जनता के बीच जागरूकता अभियान चलाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निवेश के नाम पर होने वाली ठगी, पोंजी स्कीम, मल्टीलेवल मार्केटिंग, चिट-फंड घोटाले और साइबर फ्रॉड जैसे मामलों में लोगों को सतर्क करना बेहद जरूरी है।
उन्होंने कहा कि आर्थिक अपराधों की रोकथाम केवल कानूनी कार्रवाई से संभव नहीं है, बल्कि जनजागरूकता भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसलिए जांच एजेंसियों को कार्रवाई के साथ-साथ लोगों को जागरूक करने पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए।










