लखनऊ|04 जून 2026: विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश शुक्रवार को एक विशाल पर्यावरणीय जनआंदोलन का साक्षी बनने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर चलाए जा रहे ‘एक पेड़ मां के नाम अभियान’ के तहत प्रदेशभर में एक ही दिन में 5 करोड़ पौधे लगाए जाएंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ के कुकरैल वन क्षेत्र से इस महाअभियान का शुभारंभ करेंगे।
राज्य सरकार ने इसे केवल पौधरोपण कार्यक्रम तक सीमित न रखते हुए जनभागीदारी आधारित पर्यावरण संरक्षण अभियान का स्वरूप दिया है। गांव से लेकर शहर तक, स्कूलों से लेकर सरकारी कार्यालयों तक और सामाजिक संगठनों से लेकर स्वयं सहायता समूहों तक, हर स्तर पर लोगों की सहभागिता सुनिश्चित की गई है।
कुकरैल वन क्षेत्र से होगी अभियान की शुरुआत
‘एक पेड़ मां के नाम अभियान’ का मुख्य कार्यक्रम लखनऊ के कुकरैल वन क्षेत्र में आयोजित होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यहां पौधरोपण कर अभियान का औपचारिक शुभारंभ करेंगे। इस अवसर पर 200 से अधिक पौधे लगाए जाएंगे।
कार्यक्रम में वन मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना, प्रभारी मंत्री, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, विभागाध्यक्ष और विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहेंगे। इसके साथ ही मुख्यमंत्री इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित विश्व पर्यावरण दिवस कार्यक्रम में भी हिस्सा लेंगे।
जनभागीदारी से पर्यावरण संरक्षण का संदेश
सरकार की योजना के अनुसार पौधरोपण अभियान पूरे दिन प्रदेश के सभी जिलों में चलेगा। राज्य के 17 नगर निगमों, 825 विकास खंडों, 762 नगर निकायों और हजारों ग्राम पंचायतों में व्यापक स्तर पर पौधे लगाए जाएंगे।
वन विभाग के समन्वय में ग्राम्य विकास, पंचायती राज, कृषि, उद्यान, नगर विकास और अन्य विभाग इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। अमृत सरोवरों, तालाबों, नदियों, नहरों, सड़कों और एक्सप्रेसवे के किनारों पर बड़े पैमाने पर पौधरोपण किया जाएगा।
विद्यालयों, महाविद्यालयों, स्वयं सहायता समूहों, सामाजिक संगठनों और स्थानीय समुदायों को भी इस अभियान से जोड़ा गया है। सरकार का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देना है, ताकि पौधरोपण केवल एक कार्यक्रम न रहकर सामाजिक जिम्मेदारी बन सके।
लखनऊ मंडल को मिला सबसे बड़ा लक्ष्य
प्रदेश के सभी मंडलों के लिए पौधरोपण लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं। इनमें लखनऊ मंडल को सबसे बड़ा लक्ष्य मिला है, जहां 62.77 लाख पौधे लगाए जाएंगे।
मंडलवार पौधरोपण लक्ष्य (संख्या में):
| मंडल | लक्ष्य |
|---|---|
| लखनऊ | 62,77,000 |
| बरेली | 32,21,000 |
| प्रयागराज | 32,17,000 |
| कानपुर | 31,83,000 |
| झांसी | 31,67,000 |
| चित्रकूट | 31,29,000 |
| अयोध्या | 30,41,000 |
| देवीपाटन | 29,34,000 |
| मीरजापुर | 28,63,000 |
| मुरादाबाद | 27,60,000 |
| आगरा | 24,67,000 |
| वाराणसी | 24,83,000 |
| गोरखपुर | 24,75,000 |
| मेरठ | 19,06,000 |
| अलीगढ़ | 18,97,000 |
| आजमगढ़ | 18,93,000 |
| बस्ती | 16,01,000 |
| सहारनपुर | 14,86,000 |
इन लक्ष्यों के माध्यम से प्रदेश के सभी क्षेत्रों में हरित आवरण बढ़ाने की योजना बनाई गई है।
ग्राम्य विकास विभाग लगाएगा सबसे अधिक पौधे
पौधरोपण अभियान में विभिन्न विभागों को अलग-अलग लक्ष्य सौंपे गए हैं। इनमें ग्राम्य विकास विभाग की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी।
विभागवार लक्ष्य:
| विभाग | लक्ष्य |
| ग्राम्य विकास विभाग | 3 करोड़ |
| कृषि विभाग | 75 लाख |
| वन विभाग | 50 लाख |
| उद्यान विभाग | 50 लाख |
| पंचायती राज विभाग | 20 लाख |
| नगर विकास विभाग | 5 लाख |
| कुल | 5 करोड़ |
इन विभागों को पौधरोपण के साथ-साथ पौधों की देखभाल और संरक्षण की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है ताकि लगाए गए पौधे भविष्य में विकसित होकर हरित संपदा का हिस्सा बन सकें।
पर्यावरण संरक्षण को मिलेगा नया आयाम
विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ते शहरीकरण, जलवायु परिवर्तन और घटते हरित क्षेत्र के बीच इस तरह के बड़े अभियान पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पौधरोपण से न केवल वायु गुणवत्ता में सुधार होता है, बल्कि भूजल संरक्षण, जैव विविधता और जलवायु संतुलन को भी मजबूती मिलती है।
‘एक पेड़ मां के नाम अभियान’ भावनात्मक जुड़ाव और पर्यावरणीय जिम्मेदारी का अनूठा संगम माना जा रहा है। सरकार को उम्मीद है कि यह पहल लोगों को प्रकृति संरक्षण के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ उत्तर प्रदेश को अधिक हरित और स्वच्छ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देगी।











