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Ganga Expressway के लिए जमीन देने वाले किसानों को सीएम योगी का नमन, एक लाख अन्नदाताओं ने लिखा विकास का नया अध्याय

On: April 29, 2026
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Ganga Expressway के लिए जमीन देने वाले किसानों को सीएम योगी का नमन
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लखनऊ|29 अप्रैल 2026: उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा में Ganga Expressway एक निर्णायक मोड़ बनकर उभरा है—लेकिन इस कहानी का सबसे मजबूत स्तंभ वे किसान हैं, जिनकी जमीन पर यह सपना खड़ा हुआ। बुधवार को हरदोई में उद्घाटन समारोह के दौरान मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने खुले मंच से उन एक लाख से अधिक अन्नदाताओं को धन्यवाद दिया, जिन्होंने अपनी जमीन देकर इस मेगा प्रोजेक्ट को साकार किया।

प्रधानमंत्री Narendra Modi द्वारा 594 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे के लोकार्पण के बाद माहौल सिर्फ औपचारिक नहीं था—यह उस साझेदारी का जश्न था, जिसमें सरकार और किसान साथ खड़े नजर आए।

Ganga Expressway: किसानों के सहयोग से खड़ा हुआ विकास का मॉडल

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इस परियोजना के लिए करीब 18,000 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया गया, जो 12 जिलों के किसानों के सहयोग से संभव हुआ। इसके साथ ही भविष्य की औद्योगिक जरूरतों को देखते हुए 7,000 एकड़ जमीन इंडस्ट्रियल क्लस्टर और लॉजिस्टिक्स हब के लिए सुरक्षित रखी गई है।

उनके शब्दों में—“अगर अन्नदाता साथ न देते, तो Ganga Expressway कभी जमीन पर नहीं उतरता।”

यह बयान सिर्फ एक औपचारिक आभार नहीं था, बल्कि उस बदलाव की स्वीकारोक्ति थी, जिसमें किसान विकास के साझेदार (stakeholders) बनते दिख रहे हैं।

“अन्नदाता ही असली भागीदार”: योगी आदित्यनाथ

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में भावनात्मक स्वर भी जोड़ा। उन्होंने कहा कि एक लाख से अधिक किसानों ने अपनी भूमि देकर “विकास की इबारत” लिखी है। यह एक्सप्रेसवे केवल सड़क नहीं, बल्कि गांव, किसान, युवा और उद्यम को जोड़ने वाली जीवन रेखा है।

हरदोई की पावन धरती—जिसे भक्त प्रह्लाद और नरसिंह अवतार से जोड़ा जाता है—से उन्होंने इस परियोजना को “प्रदेश की प्रगति का आधार” बताया।

Ganga Expressway: सिर्फ सड़क नहीं, आर्थिक इंजन

मेरठ से प्रयागराज तक फैला Ganga Expressway पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच दूरी को तेजी से कम करेगा।

  • यात्रा समय में भारी कमी
  • माल ढुलाई (logistics) तेज और सस्ती
  • कृषि उत्पादों की बाजार तक आसान पहुंच
  • औद्योगिक निवेश में तेजी
  • युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर

सरकार का मानना है कि यह परियोजना राज्य की अर्थव्यवस्था (economy) को नई गति देगी और “विकसित भारत” के लक्ष्य को मजबूत करेगी।

एक्सप्रेसवे के साथ बदलेगा यूपी का इंफ्रास्ट्रक्चर मैप

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2017 से पहले और अब के उत्तर प्रदेश की तुलना करते हुए कहा कि पहले प्रदेश “परिवारवाद, जातिवाद और अराजकता” से जूझ रहा था, जबकि अब यहां 4 लाख किलोमीटर से अधिक सड़कों का मजबूत नेटवर्क तैयार हो चुका है।

उन्होंने यह भी बताया कि एक्सप्रेसवे नेटवर्क के साथ-साथ:

  • डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर
  • मेट्रो परियोजनाएं
  • रैपिड रेल
  • इनलैंड वाटरवे
  • डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर

जैसे बड़े प्रोजेक्ट राज्य को नई पहचान दे रहे हैं।

सामाजिक बदलाव की भी राह

Ganga Expressway का असर केवल आर्थिक नहीं होगा। यह सामाजिक ताने-बाने (social fabric) को भी प्रभावित करेगा। गांव और शहर के बीच दूरी कम होगी, रिश्ते मजबूत होंगे और अवसरों तक पहुंच आसान बनेगी।

निष्कर्ष: किसानों के भरोसे पर खड़ा विकास का महामार्ग

Ganga Expressway की असली कहानी केवल इंजीनियरिंग या निवेश की नहीं है—यह विश्वास की कहानी है।

जब एक लाख से ज्यादा किसान अपनी जमीन देकर विकास में भागीदारी निभाते हैं, तो वह परियोजना सिर्फ सरकारी योजना नहीं रहती, बल्कि जन-आंदोलन (people-driven development) बन जाती है।

उत्तर प्रदेश के लिए यह एक्सप्रेसवे आने वाले वर्षों में न सिर्फ आर्थिक, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का भी आधार बनने जा रहा है।

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