लखनऊ, 29 अप्रैल 2026। उत्तर प्रदेश की सियासत में बुधवार का दिन सिर्फ विकास परियोजनाओं के उद्घाटन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक संदेशों से भी भरा हुआ दिखाई दिया। हरदोई के मल्लावां में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 36,230 करोड़ रुपये की लागत से बने 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण किया। यह कार्यक्रम जहां एक ओर बुनियादी ढांचे की नई तस्वीर पेश करता दिखा, वहीं दूसरी ओर आने वाले विधानसभा चुनावों की आहट भी साफ सुनाई दी।
सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर सीधा और तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि “समाजवादी पार्टी विकास विरोधी भी है और नारी विरोधी भी।” उनके भाषण में सिर्फ आरोप नहीं थे, बल्कि राजनीतिक रणनीति की झलक भी थी—जहां विकास और महिला सशक्तिकरण को केंद्र में रखा गया।
‘नारी शक्ति वंदन’ पर घमासान: संसद से सियासत तक
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में ‘नारी शक्ति वंदन संशोधन’ का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अगर यह संशोधन पारित हो जाता, तो 2029 के चुनाव से ही महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा में आरक्षण मिलना शुरू हो जाता।
उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने इस संशोधन का विरोध किया। “यह सिर्फ राजनीतिक विरोध नहीं था, बल्कि महिलाओं के प्रतिनिधित्व के खिलाफ एक मानसिकता का प्रदर्शन था,” उन्होंने जोड़ा।
प्रधानमंत्री ने इस मुद्दे को भावनात्मक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर उठाया—यह बताते हुए कि बड़ी संख्या में महिलाएं बिना किसी अन्य वर्ग की सीट कम किए संसद और विधानसभा तक पहुंच सकती थीं।
‘यूपी की प्रगति से परेशान विपक्ष’
प्रधानमंत्री का भाषण केवल संसद तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने उत्तर प्रदेश की राजनीति पर भी टिप्पणी की और कहा कि जिन लोगों के हाथ से सत्ता निकलकर Yogi Adityanath के पास आई है, वे राज्य की प्रगति से असहज हैं।
उन्होंने कहा, “यह वही लोग हैं जिन्हें उत्तर प्रदेश का विकास पसंद नहीं आता। ये प्रगति के भी विरोधी हैं और महिलाओं के अधिकारों के भी।”
यह बयान साफ तौर पर चुनावी माहौल को ध्यान में रखकर दिया गया प्रतीत हुआ, जहां विकास बनाम विपक्ष की राजनीति को एक स्पष्ट नैरेटिव में ढालने की कोशिश दिखी।
गंगा एक्सप्रेसवे: विकास का नया कॉरिडोर
गंगा एक्सप्रेसवे को उत्तर प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास की रीढ़ माना जा रहा है। 594 किलोमीटर लंबा यह छह लेन एक्सप्रेसवे 12 जिलों और 519 गांवों को जोड़ता है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस परियोजना के साथ 12 औद्योगिक गलियारे (इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक क्लस्टर) विकसित किए जाएंगे, जो राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति देंगे।
यह सिर्फ एक सड़क परियोजना नहीं, बल्कि एक आर्थिक गलियारा है—जो रोजगार, निवेश और औद्योगिक विस्तार के नए अवसर लेकर आएगा।
‘बीमारू से ट्रिलियन इकॉनमी तक’: यूपी की बदलती छवि
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में उत्तर प्रदेश की पुरानी छवि का जिक्र करते हुए कहा कि एक समय था जब राज्य को ‘बीमारू’ कहा जाता था, लेकिन अब वही प्रदेश एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने युवाओं की बड़ी आबादी को राज्य की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि इसी क्षमता के आधार पर उत्तर प्रदेश को मैन्युफैक्चरिंग हब बनाया जा रहा है।
राजनीतिक संदेश साफ: विकास बनाम परिवारवाद
भाषण के अंत में प्रधानमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर परिवारवाद और जातिवाद की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि “यह पार्टियां कभी विकास की राजनीति नहीं करेंगी, बल्कि हमेशा पुराने ढर्रे पर ही चलेंगी।”
हरदोई की यह रैली सिर्फ एक उद्घाटन समारोह नहीं रही—यह आने वाले चुनावों के लिए राजनीतिक जमीन तैयार करने का मंच भी बन गई। विकास परियोजनाओं के साथ-साथ राजनीतिक हमलों का यह मिश्रण, उत्तर प्रदेश की बदलती राजनीति का संकेत देता है।








