नई दिल्ली/24 जुलाई 2026। त्योहारी सीजन शुरू होने से पहले देशभर की प्रमुख कृषि मंडियों में गेहूं के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। पिछले एक महीने के दौरान अलग-अलग मंडियों में कीमतों में 3.85 फीसदी से लेकर 7.45 फीसदी तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मानसून की स्थिति में जल्द सुधार नहीं हुआ और सरकार ने खुले बाजार में बफर स्टॉक से गेहूं की बिक्री शुरू नहीं की, तो आने वाले हफ्तों में आटा, मैदा और अन्य गेहूं आधारित उत्पाद भी महंगे हो सकते हैं।
व्यापारियों के अनुसार, कमजोर मानसून, जलाशयों में घटते जलस्तर, रबी फसल की संभावित बुआई को लेकर बढ़ती चिंता और त्योहारों से पहले मांग में तेजी, कीमतों को ऊपर धकेलने वाले प्रमुख कारण हैं।
कमजोर मानसून से क्यों बढ़ी चिंता?
इस वर्ष कई हिस्सों में मानसून की रफ्तार अपेक्षा से धीमी रही है। इसके चलते जलाशयों में पानी का स्तर सामान्य से कम रहने की आशंका जताई जा रही है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि बारिश में उल्लेखनीय सुधार नहीं हुआ तो रबी सीजन की सिंचाई प्रभावित हो सकती है, जिसका असर सीधे गेहूं की बुआई और उत्पादन पर पड़ेगा।
कोटा के अनाज कारोबारी रवि मेहता का कहना है कि जल उपलब्धता कम रहने पर किसानों के सामने सिंचाई की चुनौती बढ़ेगी, जिससे अगले सीजन की पैदावार प्रभावित होने का जोखिम है। यही आशंका अभी से बाजार में कीमतों को समर्थन दे रही है।
सरकारी बिक्री में देरी से बाजार में आपूर्ति सीमित
थोक व्यापारियों का कहना है कि सरकार ने गेहूं और चावल की बिक्री के लिए रिजर्व प्राइस तय कर दिए हैं, लेकिन अब तक खुले बाजार में गेहूं की नीलामी शुरू नहीं हुई है।
नवी मुंबई के कारोबारी देवेंद्र वोरा के अनुसार, यदि सरकारी बिक्री में और देरी होती है तो बाजार में उपलब्धता सीमित बनी रहेगी। उनका अनुमान है कि त्योहारी मांग बढ़ने के बाद सरकार बफर स्टॉक से बिक्री शुरू कर सकती है। तब तक निजी कारोबारियों के पास मौजूद स्टॉक ही बाजार की जरूरत पूरी करेगा, जिससे कीमतों पर दबाव बना रह सकता है।
प्रमुख मंडियों में एक महीने में इतनी बढ़ीं कीमतें
पिछले एक महीने में देश की प्रमुख मंडियों में गेहूं के दाम इस प्रकार बढ़े हैं—
| मंडी | 23 जून (₹/क्विंटल) | 23 जुलाई (₹/क्विंटल) | बढ़ोतरी |
|---|---|---|---|
| इंदौर | 2,578 | 2,770 | +7.45% |
| राजकोट | 2,475 | 2,650 | +7.07% |
| कानपुर | 2,535 | 2,650 | +4.54% |
| दिल्ली | 2,703 | 2,810 | +3.96% |
| कोटा | 2,600 | 2,700 | +3.85% |
इन आंकड़ों से साफ है कि अधिकांश बड़े व्यापारिक केंद्रों में कीमतें लगातार ऊपर की ओर बढ़ रही हैं।
त्योहारी मांग भी बढ़ा रही है दबाव
इंदौर के अनाज व्यापारी गौरव कोचर के अनुसार, दिवाली सहित बड़े त्योहारों से पहले आटा, मैदा और अन्य खाद्य उत्पादों की मांग बढ़ जाती है। दूसरी ओर मंडियों में नई आवक अपेक्षाकृत कम है। मांग और आपूर्ति के बीच यही असंतुलन गेहूं के दाम को लगातार ऊपर ले जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में बाजार में पर्याप्त आपूर्ति नहीं बढ़ी और मौसम की स्थिति भी अनुकूल नहीं रही, तो कीमतों में और तेजी देखने को मिल सकती है।
आने वाले दिनों में क्या रह सकता है असर?
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि अगले कुछ सप्ताह गेहूं के दाम की दिशा तय करने में अहम होंगे। यदि मानसून सामान्य होता है और सरकार समय रहते खुले बाजार में बफर स्टॉक से बिक्री शुरू करती है, तो कीमतों पर कुछ राहत मिल सकती है। लेकिन यदि आपूर्ति सीमित रही और त्योहारी मांग बढ़ती रही, तो गेहूं के साथ-साथ आटा और मैदा की खुदरा कीमतों में भी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।













