गोरखपुर, 19 फरवरी 2026 (गुरुवार)। पूर्वी उत्तर प्रदेश के खेल परिदृश्य में एक बड़ा बदलाव आने वाला है। लंबे समय से जिस आधुनिक खेल अधोसंरचना (sports infrastructure) की मांग उठती रही, अब वह ज़मीन पर उतरती दिख रही है। दरअसल, प्रस्तावित गोरखपुर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण के लिए उत्तर प्रदेश सरकार और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के बीच एक अहम समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस परियोजना में इंडियन ऑयल की ओर से कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के तहत 60 करोड़ रुपये का वित्तीय सहयोग दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में गुरुवार को हुए इस समझौते ने न सिर्फ गोरखपुर, बल्कि पूरे पूर्वांचल की खेल संभावनाओं को नई उम्मीद दी है।
गोरखपुर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम से खेल प्रतिभाओं को मिलेगा वैश्विक मंच
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने MoU साइनिंग के मौके पर कहा कि गोरखपुर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम केवल एक भौतिक ढांचा नहीं होगा, बल्कि यह पूर्वी उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का सशक्त माध्यम बनेगा। उनके अनुसार, यह परियोजना खेल पर्यटन (sports tourism) को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर निवेश, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी गति देगी।
उन्होंने सार्वजनिक-निजी भागीदारी (Public-Private Partnership) मॉडल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की साझेदारी राज्य के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। मुख्यमंत्री ने इंडियन ऑयल के इस सहयोग को खेलों के क्षेत्र में एक सकारात्मक निवेश बताया और कंपनी के प्रति आभार व्यक्त किया।
राज्य सरकार ने पहले ही इस परियोजना के लिए बजटीय प्रावधान सुनिश्चित कर दिए हैं। इसके साथ ही, वाराणसी में निर्माणाधीन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम को जून 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य भी निर्धारित किया गया है।
प्रस्तावित गोरखपुर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम को पूरी तरह अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा। इसमें लगभग 30,000 दर्शकों की बैठने की क्षमता होगी। अत्याधुनिक पिच, प्रैक्टिस एरिया, फ्लडलाइट्स, आधुनिक ड्रेसिंग रूम, मीडिया सेंटर और हाई-एंड स्पोर्ट्स सुविधाओं से लैस यह स्टेडियम भविष्य में बड़े अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों की मेजबानी करने में सक्षम होगा।
सिर्फ मैच आयोजन ही नहीं, बल्कि यह परिसर युवा खिलाड़ियों के प्रशिक्षण और कौशल विकास के लिए भी एक समर्पित केंद्र के रूप में कार्य करेगा। परियोजना को दिसंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
इंडियन ऑयल के चेयरमैन अरविंदर साहनी ने इस समझौते को संस्थान के लिए ‘गर्व का विषय’ बताया और आश्वस्त किया कि कंपनी उत्तर प्रदेश के सर्वांगीण विकास में आगे भी अपनी भागीदारी निभाती रहेगी।
कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गिरीश चंद्र यादव भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ‘स्पोर्ट्स पावर’ बनने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है और गोरखपुर में बनने वाला यह स्टेडियम उसी यात्रा का एक ऐतिहासिक पड़ाव साबित होगा।








