गोरखपुर/12 जुलाई 2026: गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को ‘एक पेड़ मां के नाम अभियान’ की शुरुआत करते हुए इसे केवल पौधारोपण कार्यक्रम नहीं, बल्कि धरती माता के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का महायज्ञ बताया। उन्होंने कहा कि प्रकृति हमें जीवन के लिए आवश्यक अन्न, जल, फल और स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराती है। ऐसे में प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह पर्यावरण संरक्षण के इस जन अभियान का हिस्सा बने और लगाए गए पौधों की देखभाल का संकल्प भी ले।
मुख्यमंत्री ने गीडा सेक्टर-28 स्थित प्लास्टिक पार्क के निकट आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर शुरू हुआ ‘एक पेड़ मां के नाम अभियान’ धरती माता के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने की दिशा में एक राष्ट्रीय पहल है। उन्होंने कहा कि मानव जीवन पूरी तरह प्रकृति पर निर्भर है और आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित पर्यावरण देना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है।
इससे पहले मुख्यमंत्री ने लिंक एक्सप्रेसवे के भगवानपुर टोल प्लाजा के समीप त्रिवेणी पौधारोपण कर राज्यव्यापी वृहद पौधरोपण अभियान का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने पौधारोपण स्थल पर सेल्फी भी ली और प्रदेशवासियों से अधिक से अधिक पौधे लगाने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश ने पिछले नौ वर्षों में 242 करोड़ से अधिक पौधे लगाने का लक्ष्य हासिल कर देश में एक नया रिकॉर्ड बनाया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 में प्रदेशभर में 35 करोड़ पौधे लगाए गए थे, जबकि इस वर्ष 5 जून, अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण दिवस से शुरू हुए अभियान के तहत अब तक 5 करोड़ से अधिक पौधे रोपे जा चुके हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका संरक्षण भी उतना ही आवश्यक है। यदि पौधे सुरक्षित रहेंगे, तभी पर्यावरण संतुलन मजबूत होगा और अभियान का वास्तविक उद्देश्य पूरा होगा।
242 करोड़ पौधारोपण से पर्यावरण को मिला बड़ा लाभ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में हुए व्यापक पौधारोपण का सकारात्मक असर अब स्पष्ट दिखाई दे रहा है। उनके अनुसार, अब तक लगाए गए पौधों के कारण 6 करोड़ 37 लाख टन से अधिक कार्बन डाइऑक्साइड का अवशोषण हुआ है, जबकि 4 करोड़ टन से अधिक ऑक्सीजन का उत्सर्जन हुआ है। उन्होंने इसे जलवायु परिवर्तन की चुनौती से निपटने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
ग्लोबल वार्मिंग पर जताई चिंता, विकास और प्रकृति के बीच संतुलन पर दिया जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि अंधाधुंध वृक्षों की कटाई और जल स्रोतों के लगातार समाप्त होने से पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग जैसी गंभीर समस्याओं का सामना कर रही है। मौसम चक्र में आए बदलाव का सीधा असर कृषि उत्पादन, जल संसाधनों और आम जनजीवन पर दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि विकास आवश्यक है, लेकिन विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाए रखना उससे भी अधिक जरूरी है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में 16 लाख एलईडी स्ट्रीट लाइटें लगाए जाने से ऊर्जा की बचत हुई है और कार्बन उत्सर्जन में भी उल्लेखनीय कमी आई है। इसके साथ ही सरकार ने अयोध्या को देश की पहली सोलर सिटी के रूप में विकसित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कार्य किया है।
उज्ज्वला योजना का किया उल्लेख, कांग्रेस सरकार पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का जिक्र करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने देशभर के 10 करोड़ परिवारों को मुफ्त रसोई गैस कनेक्शन उपलब्ध कराए हैं। इनमें उत्तर प्रदेश के लगभग दो करोड़ परिवार शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इस योजना से महिलाओं को धुएं से होने वाली स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से राहत मिली है।
उन्होंने कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले रसोई गैस सिलेंडर के लिए लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ता था और कई बार ऊंचे दाम देकर सिलेंडर खरीदना पड़ता था। जबकि वर्तमान व्यवस्था में पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से पहुंच रहा है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे अपने पूर्वजों और माताओं की स्मृति में कम से कम एक पेड़ अवश्य लगाएं, उसकी नियमित देखभाल करें और सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग से बचकर पर्यावरण संरक्षण के इस जन आंदोलन को सफल बनाएं।








